उत्पत्ति
- सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-90) के आवास वित्त पर उप –समूह ने एकल परिवारों के लिए दीर्घावधि वित्त की अनुपलब्धता की पहचान किसी महत्वपूर्ण मापक पर की है जो कि आवास क्षेत्र की प्रगति में प्रमुख रुकावट है और इस समूह ने एक राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना की सिफ़ारिश की।
- सचिवों की समिति ने सिफ़ारिश पर विचार किया और प्रस्ताव की जांच हेतु डा. सी. रंगराजन, तत्कालीन उपगर्वनर, भारतीय रिजर्व बैंक की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समूह का गठन किया तथा एक स्वायत्त आवास वित्त संस्थान के तौर पर राष्ट्रीय आवास बैंक की स्थापना की सिफ़ारिश की। भारत सरकार ने उच्च स्तरीय समूह की सिफ़ारिशें स्वीकार की।
- भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी, 1987 को वर्ष 1987-88 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते समय आवास वित्त हेतु एक शीर्ष स्तरीय संस्थान के तौर पर राष्ट्रीय आवास बैंक की स्थापना के निर्णय की घोषणा की। तदनुसार, राष्ट्रीय आवास बैंक बिल (91/1987) में रा.आ.बैंक के स्थापना हेतु वैधानिक ढांचा प्रस्तुत किया गया जो संसद द्वारा 1987 के शीतकालीन अधिवेशन में पारित हुआ तथा भारत के माननीय राष्ट्रपति की स्वीकृति से 23 दिसंबर 1987 को यह संसद अधिनियम बन गया।
- राष्ट्रीय आवास नीति,1988 ने रा.आ.बैंक को आवास हेतु शीर्ष स्तरीय संस्थान के तौर पर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
- उपरोक्त के अनुसरण में, राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम 1987 के अंतर्गत राष्ट्रीय आवास बैंक की स्थापना 9 जुलाई , 1988 को गई।
- रा०आ०बैंक भारतीय रिजर्व बैंक के संपूर्ण स्वायमित्व में है, जिसने संपूर्ण चुकता पूंजी प्रदत्त की है।
- अधिनियम के तहत, रा०आ०बैंक के कार्य और कारोबार का सामान्य पर्यवेक्षण, निर्देश और प्रबंधन, निदेशक मंडल के अधीन है।
- रा०आ०बैंक का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है।
प्रस्तावना
राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम 1987 की प्रस्तावना में रा०आ०बैंक के आधारभूत कार्यों का विवरण निम्नानुसार है –
“स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर आवास वित्त संस्थानों के संवर्धन हेतु एक प्रमुख एजेंसी के तौर पर कार्य संचलान तथा ऐसे संस्थानों को वित्तीय एवं अन्य सहायता और उनसे संबंधित अथवा उनसे प्रासंगिक विषयों के लिए उपलब्ध कराना”
विजन
“आवास वित्त बाजार में स्थाईत्व सहित सघन विस्तार का संवर्धन”
मिशन
“जनसंख्या के सभी वर्गों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निम्न और मध्य आय आवास पर ध्यान देने सहित बाजार संभावनाओं को तलाशना और उसका संवर्धन”
उद्देश्य
रा०आ०बैंक की स्थापना, अन्य बातों के साथ-साथ, निम्न लिखित लक्ष्यों को प्राप्ति करने के लिए की गई है-
- क. जनसंख्या के सभी वर्गों के लिए एक सुदृढ़, स्वस्थ , व्यवहार्य तथा लागत प्रभावी आवास वित्त प्रणाली का संवर्धन और संपूर्ण वित्तीय प्रणाली से आवास वित्त प्रणाली का समेकन ।
- ख. विभिन्न आय समूहों तथा विभिन्न क्षेत्रों को पर्याप्त तौर पर सेवा करने हेतु समर्पित आवास वित्त संस्थानों का एक नेटवर्क विकसित करना ।
- ग. इस क्षेत्र हेतु संसाधनों का संवर्धन और उनका आवास हेतु प्रणालनीकरण
- घ. आवास ऋण को अधिक किफायती बनाना
- च. अधिनियम से प्राप्त विनियामक एवं पर्यवेक्षी प्राधिकार के तौर पर आवास वित्त कंपनियों के क्रियाकलापों का विनियमन
- छ. आवास हेतु भवन निर्माण योग्य भूमि और भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति की वृद्धि को भी प्रोत्साहन देना तथा देश में आवास इकाईयों का उन्नयन
- ज. आवास हेतु सेवित भूमि के पूर्तिकर्ताओं और सुविधा प्रदाताओं के तौर पर सार्वजनिक एजेंसियों को प्रोत्साहन देना







