अनुलग्नक-I
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए लागू आवास के लिए पुनर्वित्त योजना, 1997
(मार्च, 2006 तक संशोधन शामिल हैं)
- प्रस्तावना
इस योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को आवासीय इकाई खरीदने/निर्माण/मरम्मत एवं उन्नयन करने के लिए उनकी ओर से पहले ही दिए जा चुके वैयक्तिक आवास ऋणों के संबंध में पुनर्वित्त सहायता प्रदान करना है ।
- ग्राह्यता का मानदंड और पुनर्वित्त की राशि
सकारात्मक निवल स्वाधिकृत निधि रखने, निम्नलिखित मानदंड पूरा करने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त लेने के लिए ग्राह्य होंगे, जैसा कि नीचे दर्शाया गया है :-
- 5% से कम अथवा समतुल्य निवल अग्रिम अनुपात की निवल अनुपयोज्य आस्ति और नवीनतम संपरीक्षित लेखा के अनुसार लाभ कमाने वाले (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) 100% तक पुनर्वित्त के लिए ग्राह्य होंगे ।
- 7.5% से अनधिक निवल अग्रिम अनुपात की निवल अनुपयोज्य आस्ति और नवीनतम संपरीक्षित लेखा का लाभ कमाने अथवा नवीनतम संपरीक्षित लेखा के अनुसार हानि उठाने, किन्तु लाभप्रदता के प्रति सुधार के लक्षण दर्शाने वाले 50% तक के पुनर्वित्त के लिए ग्राह्य होंगे ।
- (निवल स्वाधिकृत निधि = शेयर पूंजी + आरक्षित कोष निवेश में उतार-चढ़ावगत आरक्षित कोष-संचित हानियां-आस्थगित कर/अमूर्त आस्तियां/बट्टे खाते नहीं डाला गया विविध व्यय) ।
- ग्राह्य ऋण
व्यक्तियों को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा संवितरित 15 लाख रुपए तक प्रत्यक्ष आवास ऋण राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त के लिए ग्राह्य होगा । पुनर्वित्त के अंतर्गत शामिल/शामिल किए जाने वाले सभी आवास ऋण क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए लागू भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशानुसार मानक आस्तियां होनी चाहिएं ।
- निवेश संबंधी मानदंड
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए पुनर्वित्त निवेश उनकी निवल स्वाधिकृत निधि के 5 गुणा अथवा राष्ट्रीय आवास बैंक की पूंजीगत निधि के 10% से जो भी कम है, तक प्रतिबंधित होगा ।
- ब्याज की दर
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए प्रभारित ब्याज की दर वही होगी जो संवितरण की तारीख को प्रचलित होगी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की ओर से चुनी गई पुनर्भुगतान की अवधि पर निर्भर करेगी ।
- स्थिर दर के ऋणों पर ब्याज दर में संशोधन
ब्याज की स्थिर दरों पर बकाया पुनर्वित्त के लिए, राष्ट्रीय आवास बैंक के पास तीन वर्ष पूरा हो जाने पर बकाया ऋणों पर दरों मे संशोधन करने का विकल्प होगा । संशोधित दरें उस तिमाही, जिसमें तीन वर्ष पूरे हो जाते हैं, से तत्काल आने वाली तिमाही में प्रभावी होंगी । ब्याज की लागू दरें उस ऋण मूल पुनर्भुगतान अवधि के समतुल्य अवधि के लिए तब प्रचलित ब्याज की स्थिर दर होगी । ऊपर की ओर संशोधन के मामले में, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के पास विक्ल्प होगा कि वह या तो संशोधित दरों पर बकाया शेष जारी रखे अथवा बिना किसी पूर्वभुगतान उद्ग्रहण के उसको पहले चुका दे । तथापि, नीचे की ओर संशोधन के मामले में, यदि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ऐसा चाहता है, तब उन्हें केवल लागू पूर्वभुगतान उद्ग्रहण के भुगतान पर राशि का पूर्वभुगतान करने की अनुमति दी जाएगी ।
- पुनर्वित्त की अवधि
पुनर्वित्त एक वर्ष की एक न्यूनतम पुनर्भुगतान अवधि के साथ 10 वर्षों से अनधिक की एक अवधि के भीतर पुनर्संदेय होगा । क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के पास विहित सीमा के भीतर अपनी ज़रूरत के अनुसार पुनर्भुगतान की अवधि चुनने का विकल्प होगा । मूलधन का पुनर्भुगतान और ब्याज का भुगतान त्रैमासिक आधार पर होगा । मूलधन का पुनर्भुगतान पुनर्वित्त जारी किये जाने की तारीख से एक स्पष्ट कैलेंडर तिमाही के बाद शुरू होगा जबकि ब्याज का भुगतान आसन्न तिमाही से शुरू हो जाएगा ।
- पुर्वभुगतान
राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त का लाभ उठाने के बाद क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक देय तारीख से पूर्व सम्पूर्ण राशि अथवा उसका कुछ भाग लौटा सकता है । ऐसा करने के लिए उसे देय तारीख से पहले पूर्वभुगतान करने के अपने आशय की राष्ट्रीय आवास बैंक को दो माह की सूचना देनी होगी । राष्ट्रीय आवास बैंक ऐसे पूर्वभुगतानों पर यथा निम्नलिखित, एक पूर्वभुगतान प्रभार उद्ग्रहीत करेगा :-
अवशिष्ट परिपक्वता पूर्वभुगतान उद्ग्रहण 5 वर्ष से कम पूर्वभुगतान की जाने वाली राशि का 0.5% 5 वर्ष और अधिक पूर्वभुगतान की जाने वाली राशि का 1% क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा राष्ट्रीय आवास बैंक को संदेय पूर्वभुगतान उद्ग्रहण इस तथ्य पर निर्भर नहीं करेगा कि क्या पूर्वभुगतान उद्ग्रहण क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अपने उधारकर्ताओं से प्रभारित कर रहे हैं ? क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए विशेष पुनर्वित्त खाता संख्या देनी आवश्यक है, जिसके लिए पूर्वभुगतान किया जा रहा है । ऐसे विवरण के अभाव में, पूर्व संदत्त राशि’पहले आओ, पहले जाओ’ के आधार पर बकाया और पूर्वतम में जारी पुनर्वित्त में जमा की जाएगी । आंशिक पूर्वभुगतान के मामले में जारी किए जाते समय पर मूल रूप से निश्चित की गई किस्त की राशि बदली नहीं जाएगी । परिणामस्वरूप, या तो अंतिम किस्त कम हो जाएगी अथवा पूर्वभुगतान की अवधि कम हो जाएगी, जो पूर्व संदत्त राशि पर निर्भर करेगी ।
- पुनर्वित्त की सीमा, मंज़ूरी की क्रियाविधि
राष्ट्रीय आवास बैंक का पुनर्वित्त परिचालन नई दिल्ली में केन्द्रीयकृत है । किसी भी वर्ष में पुनर्वित्त क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को उस वर्ष (जुलाई से जून) के लिए मंज़ूर की गई राशि के आधार पर जारी किया जाएगा । पुनर्वित्त का लाभ उठाने का इच्छुक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, निम्नलिखित के साथ, प्रपत्र एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-01 में पुनर्वित्त की सीमा की मंज़ूरी के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक को एक आवेदन देगा :-- पिछले तीन वर्षों के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की वार्षिक रिपोर्ट ।
- प्रपत्र एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-2 में आवास ऋणों का संवितरण, जिसमें पूर्वतम वर्ष के दौरान आवास ऋणों का संवितरण और बकाया आवास ऋण बताए जाने चाहिएं ।
- प्रपत्र एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-03 में पिछले संपरीक्षित वर्ष के 31 मार्च को आवास ऋणों का वर्गीकरण ।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक पर राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के नवीनतम निरीक्षण की रिपोर्ट । निष्कर्ष और उस पर अनुपालन रिपोर्ट के साथ संक्षिप्त सारांश की एक प्रति ।
- प्ररूप (फॉर्मेट) एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-04(ए)/एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-04(बी) में पुनर्वित्त के प्रयोजनार्थ दस्तावेज़, दावों पर हस्ताक्षर करने के प्राधिकृत अधिकारियों को अभिहित करने वाला निदेशक का संकल्प ।
- प्राधिकारियों के नमूना हस्ताक्षर ।
- प्रलेखन
पुनर्वित्त का लाभ उठाने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक के साथ एकबारगी करार का ज्ञापन निष्पादित करना आवश्यक है । उनके लिए यह भी आवश्यक है कि वे प्ररूप (फॉर्मेट) एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-05 में प्राधिकार का एक पत्र अपने मूल बैंक के लिए निष्पादित करें जिसमें अपने मूल बैंक को राष्ट्रीय आवास बैंक को अपनी ओर से देय राशियों के पुनर्भुगतान में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा किए गए व्यतिक्रम की स्थिति में मूल बैंक में चल रहे खाते में पड़े हुए धन को नामे डालने और उसे राष्ट्रीय आवास बैंक के अनुरोध पर विप्रेषित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है ।
- पुनर्वित्त संबंधी दावों की क्रियाविधि
राष्ट्रीय आवास बैंक से मंज़ूरी प्राप्त करने और मंज़ूरी पत्र में यथा उपदर्शित सभी औपचारिकताएं पूरी की जाने के बाद क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को प्रपत्र एनएचबी’आरओडी(आरआरबी)-06 में पुनर्वित्त आहरित करने के लिए एक आवेदन राष्ट्रीय आवास बैंक के नई दिल्ली कार्यालय में करना होगा । इस प्रयोजनार्थ प्राधिकृत किसी भी अधिकारी को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा प्रस्तुत पुनर्वित्त के आवेदनों पर हस्ताक्षर करने चाहिएं । पुनर्वित्त के लिए किसी भी आवेदन की न्यूनतम राशि 1 करोड़ रुपए अथवा पुनर्वित्त सीमा से जो भी कम है, वही होगी ।
- पुनर्भुगतान की क्रियाविधि
क. मूलधन का पुनर्भुगतान और ब्याज/दांडिक ब्याज का भुगतान 45, वीर नरीमन मार्ग, फोर्ट, मुम्बई-400023 पर बॉम्बे लाइफ बिल्डिंग की तीसरी मंज़िल पर राष्ट्रीय आवास बैंक के मुम्बई कार्यालय में किया जाना चाहिए ।
ख. मूलधन का पुनर्भुगतान नीचे उपदर्शित किए अनुसार होगा :-- प्राप्त की गई पुनर्वित्त की राशि राष्ट्रीय आवास बैंक को 10 वर्षों से अनधिक की एक अवधि में, 40 समान त्रैमासिक किस्तों के ज़रिए अथवा कम, जैसा कि राष्ट्रीय आवास द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाएगा, में लौटाई जाएगी ।
- पुनर्भुगतान के लिए देय तारीख प्रत्येक तिमाही का प्रथम दिन (अर्थात् प्रत्येक वर्ष 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई, 01 अक्तूबर) होगा ।
- मूलधन का पुनर्भुगतान पुनर्वित्त के संवितरण के बाद, एक स्पष्ट कैलेंडर तिमाही के अंतराल के पश्चात् शुरू होगा और जैसा राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा विहित किया जाएगा । उदाहरणार्थ, यदि पुनर्वित्त 04 अक्तूबर, 2002 को संवितरित किया जाता है, तब मूलधन की पहली किस्त पुनर्भुगतान के लिए 01 अप्रैल, 2003 अर्थात् जनवरी से मार्च, 2003 की कैलेंडर तिमाही के अंतराल के बाद देय हो जाएगी ।
ग. ब्याज का भुगतान निम्नानुसार किया जाएगा :-
- पुनर्वित्त पर राष्ट्रीय आवास बैंक को दिया जाने वाला ब्याज दैनिक उत्पाद आधार पर निकाला जाएगा और त्रैमासिक अंतराल से प्रभारित किया जाएगा ।
- ब्याज निकालने के लिए, 365 दिनें का वर्ष लिया जाएगा और इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाएगा कि क्या वर्ष एक अधिवर्ष है अथवा सामान्य वर्ष है ?
- ब्याज का भुगतान पुनर्वित्त के संवितरण की तारीख से तत्काल अनुवर्ती तिमाही के पहले दिन से शुरू होगा ।
उदाहरणार्थ, यदि पुनर्वित्त 04 अक्तूबर, 1997 को संवितरित किया जाता है, तब पुनर्वित्त पर ब्याज 01 जनवरी, 1998 को भुगतान के लिए पहली बार देय हो जाएगा ।
घ. यदि मूलधन के पुनर्भुगतान/ब्याज के भुगतान के लिए देय तारीख को राष्ट्रीय आवास बैंक के मुम्बई कार्यालय में अवकाश रहता है और देय राशि के संबंध में जमा (क्रेडिट) उसके बाद प्रथम तीन कार्यदिवसों के भीतर राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा प्राप्त की जाती है, तब क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को राष्ट्रीय आवास बैंक के मुम्बई कार्यालय को भुगतान के दिन तक अतिरिक्त दिनों के लिए ब्याज की लागू दरों से देय राशि पर- ब्याज देना पड़ेगा । इस बारे में कृपया यह नोट किया जाए कि राष्ट्रीय आवास बैंक का मुम्बई कार्यालय पर क्राम्य लिखत अधिनियम, 1949 के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य के लिए यथा घोषित अवकाश रखता है । इसके अतिरिक्त, यह भी नोट किया जाए कि राष्ट्रीय आवास बैंक में पांच दिनों का सप्ताह होता है और यह कि तदनुसार, उसके कार्यालय शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं ।
ङ. राष्ट्रीय आवास बैंक के मुम्बई कार्यालय के लिए पहले तीन कार्यदिवसों से परे किसी विलम्ब के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक विलम्ब की कुल अवधि के लिए व्यतिक्रम में राशि पर अतिरिक्त ब्याज देगा । ब्याज (i) ऐसे ऋणों के संबंध में पुनर्वित्त के लिए सर्वाधिक ब्याज दर (कोष्ठक) ब्रैकट के लिए पुनर्वित्त की प्रचलित दर अथवा लागू दर से जो भी अधिक है, से ऊपर दो प्रतिशत वार्षिक की दर से देना पड़ेगा ।
च. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक देय तारीखों पर तुरंत राष्ट्रीय आवास बैंक को भुगतान करेगा और इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाएगा कि क्या राशि वास्तव में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा वसूल कर ली गई है अथवा नहीं ।
अन्य शर्तें
उचित लेखा बहियां
- उचित बही खाते, रजिस्टर इत्यादि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा प्रदत्त आवास ऋणों/राष्ट्रीय आवास बैंक से लिए गए पुनर्वित्त के संबंध में रखे जाने चाहिएं और इन्हें अद्यतन किया जाना चाहिए ।
विवरणियां
- राष्ट्रीय आवास बैंक पुनर्वित्त का लाभ उठाने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से कोई जानकारी अथवा विवरणी मांग सकता है ।
सांविधिक विवरणियां
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सांविधिक विवरणियां प्रस्तुत करने में तत्पर और नियमित होना चाहिए । निरीक्षण/लेखापरीक्षण का अनुपालन
निरीक्षण/लेखापरीक्षण का अनुपालन
- भारतीय रिज़र्व बैंक/राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के निरीक्षण/निष्कर्ष पर कार्रवाई तुरंत की जानी चाहिए ।
आवास ऋणों का मूल्यांकन और अनुवर्ती कार्रवाई
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के पास आवास ऋणों के मूल्यांकन और अनुवर्ती कार्रवाई के लिए उचित प्रणाली और आवास ऋणों का कार्य देखने के लिए विशेषज्ञ, योग्य कर्मचारीगण भी होने चाहिएं और उनके प्रशिक्षण हेतु यथेष्ट प्रबंध भी होना चाहिए ।
राष्ट्रीय आवास बैंक के दिशा-निर्देश
- आवास के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा प्रदत्त और योजना में शामिल वित्त समय-समय पर राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए ।
आवश्यक अनुमोदन इत्यादि प्राप्त करना
- यथा आवश्यक, सक्षम प्राधिकारियों का अनुमोदन, अनुज्ञा, विज्ञप्ति इत्यादि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा प्राप्त की जाएंगी और यह सभी लागू कानूनों, नियमों और विनियमों इत्यादि का पालन करेगा ।
आवासीय इकाइयों की जीवनावधि
- चूंकि पुनर्भुगतान की अवधि आवास ऋण में से वित्तपोषित आवास/इकाई की जीवनावधि से अधिक नहीं होनी चाहिए, अत: यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निर्माण 30 वर्षों से अधिक की जीवनावधि के साथ पक्का/अर्ध पक्का है ।
संवितरणोत्तर अनुशासन
- निधियों का अंतिम उचित उपयोग और ऋणों का समय से एवं नियमित पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आवास ऋणों का संवितरणोत्तर उचित पर्यवेक्षण और अनुवर्ती कार्रवाई होनी चाहिए ।
रा.आ.बैंक के विवेकानुसार पुनर्वित्त
- इस योजना के अनुसार पुनर्वित्त राष्ट्रीय आवास बैंक के एकमात्र विवेकानुसार उपलब्ध होगा और अधिकार के मामले के रूप में उसका दावा नहीं किया जा सकता है ।
निरीक्षण
- पुनर्वित्तपोषित आवास ऋणों के और उससे वित्तपोषित भूमि/मकानों इत्यादि के भी संबंध में रखी गई लेखा बहियां, रजिस्टर और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अन्य सुसंगत रिकॉर्ड का निरीक्षण राष्ट्रीय आवास बैंक की ओर से किया जा सकता है ।
पुनर्वित्त वापस लेनां
- राष्ट्रीय आवास बैंक के पास आवास से भिन्न उद्देश्यों के लिए संबंधित निधियों को लगाने अथवा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाने की स्थिति में अथवा ऐसी किसी घटना, जो राष्ट्रीय आवास बैंक की राय में पुनर्वित्त के पुनर्भुगतान के लिए खतरनाक है, के घटने की स्थिति में पुनर्वित्त वापस लेने का अधिकार सुरक्षित है ।
योजना को आशोधित करने का राष्ट्रीय आवास बैंक का अधिकार
- राष्ट्रीय आवास बैंक अपने एकमात्र विवेकानुसार, या तो सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के संबंध में अथवा किसी एक उनके समूह के संबंध में योजना में आशोधन कर सकता है ।
प्रतिकूल शेष का प्रमाण-पत्र और चिन्हित ऋणों की सूची
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को अपने मुख्य कार्यापालक अधिकारी द्वारा विधिवत् रूप से हस्ताक्षरित एक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा जिसमें इस बात की पुष्टि की जाएगी कि राष्ट्रीय आवास बैंक से बकाया पुनर्वित्त उन कुल बकाया आवास ऋणों से अधिक नहीं होता है, जिन (चिन्हित ऋणों) के संबंध में पुनर्वित्त का लाभ उठाया गया है ।
- उधार देने के सामान्य परिचालन ऋणों के पुरोबंध और वर्धित पुनर्भुगतानों के कारण उत्पन्न हो रहे प्रतिकूल शेष के मामले में, उसका पुनर्भुगतान में आवश्यक क्रियाविधि का पालन करके राष्ट्रीय आवास बैंक की सलाह पर किया जा सकता है । ऐसे पुनर्भुगतानों पर प्रतिकूल शेष के कारण कोई उद्ग्रहण नहीं लिया जाएगा ।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (पुनर्वित्त के लिए चिन्हित) आवास ऋणों की एक सूची प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को बैंक को प्रस्तुत करेगा ।
राष्ट्रीय आवास बैंक को आवधिक विवरणियां
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क्र.सं. |
प्रपत्र सं. |
विवरण की प्रकृति |
आवधिकता |
देय तारीख |
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1. |
आरओडी-आरआरबी-एआर-01 |
वार्षिक जानकारी |
31 मार्च |
30 जून तक प्रस्तुत करनी है । |
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2. |
आरओडी-आरआरबी-एआर-02 |
प्रतिकूल शेष का प्रमाण-पत्र |
31 मार्च |
30 जून तक प्रस्तुत करनी है । |
|
3. |
आरओडी-आरआरबी-एआर-03 |
चिन्हित ऋणों का विवरण |
31 मार्च |
30 जून तक प्रस्तुत करनी है । |
|
4. |
आरओडी-आरआरबी-एआर-04 |
वार्षिक सांख्यिकीय जानकारी |
31 मार्च |
30 जून तक प्रस्तुत करनी है । |
क्र.सं.1,2 एवं 3 में विवरणियां बकाया पुनर्वित्त रखने वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा प्रस्तुत की जाएंगी । तथापि, वार्षिक सांख्यिकीय जानकारी पर क्रम सं.4(आरओडी-आरआरबी-एआर-04) में विवरणी केवल वे क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक प्रस्तुत करेंगे जिन्होंने विवरणी के वित्तीय वर्ष में पुनर्वित्त का लाभ उठाया है ।
अनुलग्नक की सूची
|
विवरण सं. |
विवरण का नाम/प्रकृति |
|
| 1 | एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-01 | पुनर्वित्त सीमा की मंज़ूरी के लिए आवेदन |
| 2 | एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-02 | आवास ऋण संवितरण का विवरण |
| 3 | एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-03 | आवास ऋण के वर्गीकरण का विवरण |
| 4 | एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-04 ए | बोर्ड के प्रस्ताव का प्ररूप(फॉमेंट) (उन बैंकों के लिए जो पहली बार पुनर्वित्त ले रहे हैं) । |
| 5 | एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-04 बी | बोर्ड के प्रस्ताव का प्ररूप(फॉमेंट) (उन बैंकों के लिए जो पहली बार पुनर्वित्त नहीं ले रहे हैं) । |
| 6 | एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-05 | प्राधिकृत पत्र का प्ररूप (फॉर्मेट) |
| 7 | एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-06 | पुनर्वित्त सीमा लेने के लिए आवेदन (वैयक्तिक आवास ऋणों के लिए प्रत्यक्ष ऋणों के मुकाबले) |
रा.आ.बैंक को आवधिक (वार्षिक) विवरणियां
|
विवरण सं. |
विवरण का नाम प्रकृति |
|
| 1 |
आरओडी-आरआरबी-एआर–01 |
वार्धिक जानकारी |
| 2 |
आरओडी-आरआरबी-एआर–02 |
प्रतिकूल शेष का प्रमाण-पत्र |
| 3 |
आरओडी-आरआरबी-एआर–03 |
चिन्हित ऋणों का विवरण |
| 4 |
आरओडी-आरआरबी-एआर–04 |
वार्षिक सांख्यिकीय जानकारी |
एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-01
संदर्भ सं. :
तारीख :
महाप्रबंधक,
पुनर्वित्त परिचालन विभाग,
राष्ट्रीय आवास बैंक,
कोर : 5ए, चतुर्थ तल,
भारत पर्यावास केन्द्र,
लोधी रोड,
नई दिल्ली – 110003
महोदय,
विषय : क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पुनर्वित्त सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक की योजना के अधीन वित्तीय सहायतार्थ अनुरोध
हम ———————————————-(बैंक का नाम) एतद्द्वारा शीर्षांकित योजना के अधीन आवास के लिए हमारे संघटकों को हमारी ओर से प्रदत्त/प्रदान किए जाने वाले वित्त के संबंध में—————————————-रुपए तक की वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करतें हैं । हम एतद्द्वारा यह पुष्टि करते हैं कि हमारे बैक ने कथित योजना के अधीन——————–रु पए तक के ऋण मंज़ूर और संवितरित किए हैं/मंज़ूर और संवितरित करेगा ।
2. हम योजना में यथा परिकल्पित, कथित वित्तीय सहायता उधार लेने के लिए आवश्यक प्राधिकार* की एक प्रमाणित प्रति संलग्न कर रहे हैं ।
भवदीय,
———————————–
(बैंक का नाम) के लिए एवं की ओर से
(प्राधिकृत हस्ताक्षरी)
* राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा विहित प्रपत्र में बैंक के निदेशक मंडल की ओर से पारित संकल्प के रूप में प्राधिकार ।
एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-02
आवास ऋणों के संवितरण का विवरण
पूर्वतम वर्ष के 31 मार्च को बकाया आवास ऋण
(राशि लाख रुपए में)
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पूर्वतम वर्षों में संवितरित राशि |
वर्ष के अंत में बकाया |
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| प्रत्यक्ष आवास वित्त
वैयक्तिक |
|
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| अप्रत्यक्ष आवास वित्त ** |
|
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|
योग |
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|
टिप्पणी
* यहां केवल मूलधन शामिल किया जाएगा ।
** रा.आ.बैंक एवं हडको के बंधपत्रों में निवेश के ज़रिए बैंकों द्वारा प्रदत्त अप्रत्यक्ष आवास वित्त ।
एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-03
आवास ऋणों का वर्गीकरण
(रुपए/लाख)
| वर्ष* | ||||||
| आवास ऋण** |
यथा——के 31 मार्च को |
यथा——के 31 मार्च को |
यथा——के 31 मार्च को |
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राशि |
कुल आवास ऋणों का % |
राशि |
कुल आवास ऋणों का % |
राशि |
कुल आवास ऋणों का % |
|
| मानक आवास ऋण | ||||||
| उप-मानक आवास ऋण | ||||||
| संदिग्ध आवास ऋण | ||||||
| हानिप्रद आवास ऋण | ||||||
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कुल आवास ऋण |
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100 |
|
100 |
|
100 |
* अंतिम 3 क्रमिक वित्तीय वर्षों के संबंध में जानकारी दी जाएगी ।
** ऊपर दी जाने वाली जानकारी सम्पूर्ण आवास ऋण सूची के संबंध में होनी चाहिए न कि केवल उनके जो राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा पुनर्वित्तपोषित हैं ।
एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-04ए
करार के निष्पादन के लिए उधारकर्ता अनुसूचित बैंक के निदेशक मंडल द्वारा पारित
किए जाने वाले संकल्प के प्ररूप (फॉर्मेट) का प्रारूप
(उन बैंकों के लिए लागू है, जिन्होंने पहले पुनर्वित्त नहीं लिया है)
संकल्प किया गया –
• कि————————————-(बैंक का नाम) राष्ट्रीय आवास बैंक (जिसे यहां आगे यथा आवास बैंक निर्दिष्ट किया गया है), से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए लागू उसकी पुनर्वित्त योजना के अधीन, देश में आवास के संवर्धन के लिए पुनर्वित्त के ज़रिए, करार के प्रारूप ज्ञापन, जो राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा अपने पत्र सं.————————————-दिनांकित————————–, जिसकी विधिवत् रूप से अध्यक्ष द्वारा अनुप्रमाणित प्रति निदेशक मंडल के सदस्यों में प्रचारित की गई है, के साथ अग्रेषित किया गया है, में निर्धारित नियम एवं शर्तों पर उधार लेते हैं ।
• यह कि राष्ट्रीय आवास बैक द्वारा अपने पत्र सं.——————————————–दिनांकित—————————–के साथ अग्रेषित करार के प्रारूप ज्ञापन का अनुमोदन किया जाए एवं एतद्द्वारा किया जाता है और श—————————–एवं श————————–(नाम एवं पदनाम) विधिवत् रूप से साक्ष्यित अपने हस्ताक्षरों से करार का ज्ञापन निष्पादित करने के लिए प्राधिकृत हों एवं एतद्द्वारा किए जाते हैं ।
• यह कि श————————————–, निदेशक/अधिकारी और श———————–, निदेशक/अधिकारी, करार के कथित ज्ञापन में निर्धारित नियम एवं शर्तों के अनुसार, समय-समय पर, पूर्वोक्त उद्देश्यों के लिए पुनर्वित्त के ज़रिए, आवास बैंक से प्रतिभूति सहित अथवा रहित—————————-रुपए तक की एक राशि उधार लेने के लिए अलग-अलग रूप में प्राधिकृत हो एवं एतद्द्वारा किए जाते हैं । करार में ऐसे आशोधन किए जा सकते हैं, जिन पर बैंक की ओर से सहमति हो गई है, के संबंध में , समय-समय पर, राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा जारी किए जाएं, के लिए आवास बैंक को बैंक की ओर से स्वीकार किए गए और स्वीकृति भेजी गई है ।
• यह कि बैंक के निम्नलिखित अधिकारीगण
• ………………………………….
• ………………………………….
• ………………………………….
ऐसे अन्य विलेख और दस्तावेज़, वचन-पत्र घोषणाएं और अन्य लेख आवास बैंक के पक्ष में और बैंक की ओर से निष्पादित करने के लिए अलग-अलग रूप में प्राधिकृत हों और एतद्द्वारा किए जाते हैं, जिनकी ज़रूरत पुनर्वित्त के ज़रिए पूर्वोक्त उधार की राशि के संबंध में समय-समय पर आवास बैंक को हो सकती है और सामान्यत: ऐसे अन्य कृत्य, कार्य और बातें कर अथवा किए जाने के कारण बन सकते हैं, जो कथित उधार की राशि के संबंध में आवास बैंक के लिए आवश्यक हों ।
एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-04बी
उस उधारकर्ता अनुसूचित बैंक (जिसने पहले पुनर्वित्त लिया है) के निदेशक मंडल द्वारा
पारित किए जाने वाले संकल्प का प्ररूप (फॉर्मेट) का प्रारूप
संकल्प किया गया कि————————————-(बैंक का नाम)* राष्ट्रीय आवास बैंक (जिसे आगे यथा “आवास बैंक” निर्दिष्ट किया गया है), से समय-समय पर उसकी ओर से प्रदान किए गए/किए जाने वाले आवास ऋणों के उद्देश्य से पुनर्वित्त के ज़रिए अथवा अन्यथा————————रुपए की एक रकम उधार लेते हैं ।
2. इसके अतिरिक्त, यह संकल्प भी किया गया कि पूर्वोक्त उद्देश्य के लिए आवास बैंक से उधार लेने की शक्ति निम्नलिखित अधिकारियों को अलग-अलग रूप से प्रत्यायोजित की जाए एव एतद्द्वारा की जाती है :-
I.————————————–(नाम एवं पदनाम)
II.————————————-(नाम एवं पदनाम)
III.————————————(नाम एवं पदनाम)
3. इसके साथ ही, यह संकल्प और किया गया कि पूर्वोक्त अधिकारियों को बैंक के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक से कथित उधार की राशि के नियमों एवं शर्तों की स्वीकृति भेजने और आवास बैंक के पक्ष में वचन-पत्र, करार, घोषणाएं और विवरण एवं विवरणियों सहित ऐसे अन्य दस्तावेज़, जो कथित उधार की राशि के संबंध में आवास बैंक की ओर से अपेक्षित हों, को निष्पादित करने और सामान्यत: ऐसे अन्य कृत्य, कार्य और बातें, जो कथित उधार की राशि के संबंध में आवास बैंक के लिए आवश्यक हों, को करने अथवा किए जाने का कारण बनने के लिए अलग-अलग रूप में प्राधिकृत किए जाएं एवं एतद्द्वारा किए जाते हैं ।
* बैंक का नाम
एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-05
पूर्ववर्ती के चालू खाते में नामे डालने के लिए प्रायोजक बैंक हेतु क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा
निष्पादित किए जाने वाला प्राधिकार का पत्र
स्थान :
तारीख :
प्रबंधक,
————————–(बैंक का नाम),
—————————
———————————(स्थान का नाम) स्थित———————————–(बैक का नाम) बैंक में हमारे चालू खाता/खातों की संख्या/संख्याएं——————————– हैं ।
राष्ट्रीय आवास बैंक (जिसे यहां आगे यथा “आवास बैंक” निर्दिष्ट किया गया है) राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 के उपबंधों के अधीन पुनर्वित्त की सुविधाएं प्रदान करने के लिए सहमत हो गया है और उनके द्वारा मंज़ूर की गई सहायता————————————-से परिचालन में आएगी । इस बारे में निष्पादित सामान्य करार के खंडों में अनुबद्ध है कि अन्य बातों के साथ-साथ, आवास बैंक हमारी ओर से प्राधिकृत किया जाएगा कि वह आपसे यह अपेक्षा करे कि आप हमें मंज़ूर किए गए पुनर्वित्त के अधीन हमारी ओर से आहरित किसी भी ऋण अथवा ऋणों के मूलधन की किस्तों के पुनर्भुगतान में, उस पर देय ब्याज के भुगतान में भी, देय तारीखों पर हमारी ओर से किए गए व्यतिक्रम की स्थिति में, आपके यहां चल रहे हमारे उपर्युक्त चालू खाते/खातों में मूलधन अथवा उस पर देय ब्याज की राशि की द्योतक उतनी रकम, जिनकी कि हमारी ओर से किए गए व्यतिक्रम में है, को नामे डाल दे और उसे उस ढंग से, जैसा कि वे आपके यहां चल रहे हमारे चालू खाते/खातों में नामे डालने पर चाहे उसी ढंग से आवास बैंक को विप्रेषित कर दें ।
2. तदनुसार, हम एतद्द्वारा प्राधिकृत और आपसे अनुरोध करते हैं कि जब और जैसे ही आपको आवास बैंक से लिखित मांग-पत्र मिलता है और किसी विवाद, जो हमारे और आवास बैंक के बीच में विद्यमान अथवा उत्पन्न हो सकता है, के बावजूद भी आप हमें बिना लिखे हमारे चालू खाते/खातों में उतनी रकम नामे डाल सकते हैं, जितनी आवास बैंक अपने लिखित अनुरोध में विनिर्दिष्ट करे और उसका आवास बैंक की इच्छानुसार ढंग से, भुगतान उसे कर दें ।
3. हम इस तथ्य से भी सहमति व्यक्त करते हैं कि आवास बैंक ने आपको हमारे चालू खाते/खातों, जो आपके यहां चल रहा/रहे हैं, में नामे डालने के लिए लिखित में सूचित किया है कि आपके एक निर्णायक प्रमाण होंगे कि व्यतिक्रम हमारी ओर से आवास बैंक को देय राशि के भुगतान के संबंध में उत्पन्न हुआ है और यह हमारे लिए आवश्यक होगा कि हम आवास बैंक को एक पृथक परामर्श के ज़रिए, ऐसे व्यतिक्रम के तथ्य को स्वीकार करें ।
4. इस प्राधिकार-पत्र का प्रतिसंहरण हमारी ओर से आवास बैंक की पूर्व सहमति के बिना नहीं किया जाएगा और आप इस प्राधिकार पर तब तक कृत्य कर सकते हैं, जब तक कि यह रद्द नहीं किया जाता है ।
5. कृपया इस पत्र की पावती दें और आपकी ओर से विधिवत् पुष्टिकृत इस पत्र की अनुलिपि भी आवास बैंक को लौटा दें ।
भवदीय,
के लिए एवं की ओर से,——————————-
प्राधिकृत अधिकारी———————————–
प्राधिकारी-पत्र की अनुलिपि पर————————-बैंक की पुष्टि ।
राष्ट्रीय आवास बैंक, नई दिल्ली को लौटा दिया ।
————————–बैंक एतद्द्वारा उपर्युक्त प्राधिकार-पत्र के अनुसार, समय-समय पर, राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा जारी मांग-पत्रों का अनुपालन करने के लिए सहमति व्यक्त करता है ।
कृते———————————-बैंक
प्राधिकृत अधिकारी
स्थान : (कार्यालयीन मुहर)
तारीख :
एनएचबी-आरओडी(आरआरबी)-06
पुनर्वित्त के आहरण के लिए आवेदन का प्ररूप (फॉर्मेट)
(वैयक्तिक आवास ऋणों के लिए प्रत्यक्ष ऋण)
महाप्रबंधक,
पुनर्वित्त परिचालन विभाग,
राष्ट्रीय आवास बैंक,
कोर : 5ए, चतुर्थ तल,
भारत पर्यावास केन्द्र,
लोधी रोड,
नई दिल्ली-110003
महोदय,
विषय : आवास के लिए उधार देने हेतु क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को पुनर्वित्त सहायता
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वर्ष |
2005-06 ( जुंलाई से जून ) |
|
दावे की सूचकांक संख्या |
(एलटी-05-06)———— |
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1. |
ऋण की राशि जिसके लिए पुनर्वित्त का दावा किया जा रहा है, किसी एक विकल्प पर (v) लगाएं ।
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2. |
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का नाम | |||||||||||||
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3. |
वर्ष के लिए मंज़ूर की गई अधिकतम राशि | |||||||||||||
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4. |
उपयोग की गई अधिकतम राशि | |||||||||||||
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5. |
उपलब्ध अधिकतम राशि | |||||||||||||
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6. |
योजना (नियमित) स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास वित्त योजना | |||||||||||||
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7. |
वैयक्तिक आवास ऋणों के लिए प्रत्यक्ष पुनर्वित्त
* उन बकाया आवास ऋणों के लिए पुनर्वित्त का दावा नहीं किया जाएगा, जिसके लिए निधियां राष्ट्रीय आवास बैंक अथवा किसी अन्य संस्थान से पहले ही मांगी जा चुकी हैं । # ग्राह्यता मानदंड 2(बी) में आ रहे क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के लिए एक 50% का मार्जिन चिन्हित वैयक्तिक आवास ऋणों और पुनर्वित्त की राशि के बीच बनाए रखना होगा । |
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8. |
वैकल्पित ब्याज का प्रकार | स्थिर | ||||||||||||
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9. |
पुनर्भुगतान का विकल्प
• मूलधन का पुनर्भुगतान (1 से 10 वर्षों) में—————-समान त्रैमासिक किस्तों में और ब्याज का भुगतान प्रत्येक तिमाही में किया जाएगा ।
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10. हम वचन देते हैं कि –
• उपर्युक्त दावे से संबंधित आवास ऋण का सभी विवरण मुख्य कार्यालय में उपलब्ध है ।
• राष्ट्रीय आवास बैंक की ओर से समय-समय पर यथा अपेक्षित सभी जानकारी/विवरण तुरंत प्रस्तुत किया जाएगा ।
• संघटकों को मंज़ूर किए गए आवास ऋणों का उपयोग उन्होंने उसी उद्देश्य से किया है, जिसके लिए ऋण मंज़ूर किए गए हैं ।
• इन ऋणों के लिए कोई वित्त/पुनर्वित्त राष्ट्रीय आवास बैंक अथवा किसी अन्य संस्थान से नहीं लिया गया है और ये ऋण खाते पुनर्वित्त के लम्बित रहते भारग्रस्त नहीं रहेंगे ।
• जैसा कि भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों में परिभाषित है, राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा पुनर्वित्त के अधीन आवास ऋण यथा मानक आस्तियां वर्गीकृत किए गए हैं ।
• ग्रामीण क्षेत्रों में संवितरित ऐसा ऋण, जिसके लिए स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास पुनर्वित्त योजना के अधीन पुनर्वित्त मांगा जा रहा है, उचित रूप से वर्गीकृत किया गया है और आवासीय इकाई की अवस्थिति 1991 की जनगणना में शामिल है ।
• वैयक्तिक आवास ऋणों, जिनके लिए पुनर्वित्त का दावा किया जा रहा है, की अधिकतम राशि 15 लाख रुपए से अधिक नहीं है ।
• हम उन सभी ऋणों को उचित रूप से निर्धारित करेंगे, जिनके लिए राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त सहायता प्राप्त की जाती है और ऐसे सभी ऋणों की एक सूची रखेंगे । ऐसे खातों से संबंधित सभी जानकारी हमारे पास तुरन्त उपलब्ध रहेगी । राष्ट्रीय आवास बैंक पुनर्वित्त के लिए एक बार चिन्हित वैयक्तिक आवास ऋण तब तक कभी राष्ट्रीय आवास बैंक की पूर्व मंज़ूरी के बिना नहीं बदले जाएंगे, जब तक वे बैंक की लेखाबहियों में हैं और सुस्पष्ट रूप से पहचान योग्य रहेंगे । ऐसे बही ऋणों की सूची मांगने पर राष्ट्रीय आवास बैंक को प्रस्तुत कर दी जाएगी । इसके अतिरिक्त, शाखाओं के पास में राष्ट्रीय आवास बैंक के पुनर्वित्तपोषित ऋणों की सूची निरीक्षण के दौरान आसानी से पहचाने जाने के लिए रहेगी ।
11. हम राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा भेजी गई पुनर्भुगतान की अनुसूची के अनुसार पुनर्वित्त का भुगतान करने का वचन देते हैं ।
12. कृपया पुनर्वित्त की राशि————————————————————-(बैंक का नाम, शाखा, स्थान) में चल रहे और आईएफएससी कोड————————-वाले खाता सं.————————————– में जमा की जाए ।
भवदीय,
स्थान :
तारीख :
प्राधिकृत हस्ताक्षरी
नोट :-
• वर्तमान दावे की सांख्यिकीय क्रम सं. की प्रविष्टि की जाएगी । यह नोट किया जाए कि दावे की सूचकांक संख्या 1 से प्रारम्भ होकर एक चालू श्ञंखला होगी जो प्रत्येक वर्ष (जुलाई से जून) के प्रारम्भ में पुनर्निर्धारित की जाएगी अर्थात् यदि नियमित योजना के अधीन तीन अन्य दावे वर्ष 2005-06 (जुलाई से जून) के दौरान पहले ही राष्ट्रीय आवास बैंक को भेजे जा चुके हैं और वर्तमान दावा वर्ष का चौथा दावा है, तब दावे की सूचकांक संख्या यथा (एलटी-05-06)-4 दर्ज की जानी चाहिए । नियमित और स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास पुनर्वित्त योजनाएं उसी चालू श्ञंखला में आएंगी ।
• स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास पुनर्वित्त योजना और अन्य ऋणों के लिए पुनर्वित्त हेतु पृथक आवेदन आवश्यक हैं ।
• इसी प्रकार से, ब्याज की अस्थिर एवं स्थिर दर पर पुनर्वित्त के लिए और भिन्न-भिन्न पुनर्भुगतान की अवधि के लिए पृथक आवेदन आवश्यक हैं ।
• ग्रामीण क्षेत्र वह क्षेत्र है, जिसमें किसी कस्बे का क्षेत्र, जिसकी आबादी 1991 की जनगणना के अनुसार, 50,000 से अधिक नहीं है, के सहित कोई गांव शामिल है ।
एनएचबी-आरओडी-आरआरबी-एआर-01
30 जून तक प्रस्तुत किया जाएगा ।
• यथा 31 मार्च,——–को वार्षिक रिपोर्ट ।
• 31 मार्च,——को समाप्त वर्ष के दौरान सभी ऋणों की सकल निवल अनुपयोज्य आस्तियों का संचलन ।
(करोड़ रुपए)
| 01 अप्रैल,——–को सकल निवल अनुपयोज्य आस्ति का आदिशेष | |
| जोडें : वर्ष के दौरान परिवर्धित निवल अनुपयोज्य आस्ति | |
| घटाएं : वर्ष के दौरान संग्रहीत/वसूली गई निवल अनुपयोज्य आस्ति | |
| यथा 31 मार्च,——-को सकल निवल अनुपयोज्य आस्तियों का अंत: शेष |
• यथा 31 मार्च,——-को सभी ऋणों/अग्रिमों की आस्ति गुणवत्ता ।
(करोड़ रुपए)
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आस्ति वर्गीकरण |
बकाया शेष |
प्रावधान (यदि कोई है) |
प्रावधान (यदि कोई है) |
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मानक |
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उप-मानक |
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संदिग्ध |
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हानिप्रद |
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योग |
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• वैयक्तिक आवास ऋणों के बारे में जानकारी ।
(करोड़ रुपए)
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प्रत्यक्ष वैयक्तिक आवास ऋण |
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| 31 मार्च,——-को समाप्त वर्ष के दौरान मंज़ूर किए गए वैयक्तिक आवास ऋण । | |
| 31 मार्च,——-को समाप्त वर्ष के दौरान संवितरित किए गए वैयक्तिक आवास ऋण । | |
| 31 मार्च,——-को समाप्त वर्ष के दौरान बकाया वैयक्तिक आवास ऋण । |
• यथा 31 मार्च,——–को वैयक्तिक आवास ऋणों की आस्ति गुणवत्ता ।
(करोड़ रुपए)
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आस्ति वर्गीकरण |
खातों की संख्या |
बकाया शेष |
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मानक |
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उप-मानक |
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संदिग्ध |
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|
हानिप्रद |
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योग |
|
|
• यथा 31 मार्च,——–को वैयक्तिक आवास ऋणों की आस्ति गुणवत्ता ।
(करोड़ रुपए)
|
आस्ति वर्गीकरण |
खातों की संख्या |
बकाया शेष |
|
मानक |
|
|
|
उप-मानक |
|
|
|
संदिग्ध |
|
|
|
हानिप्रद |
|
|
|
योग |
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|
• यथा 31 मार्च,——को वैयक्तिक आवास ऋणों के संबंध में आयु-क्रम से अतिदेय देनदारों की स्थिति ।
| कुल बकाया वैयक्तिक आवास ऋण (केवल मूलधन (क) | |||
|
(राशि करोड़ रुपए में) |
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आयु-क्रम से देनदार (अतिदेय समान मासिक किस्त) (1) |
खातें की संख्या (2) |
मूलधन का योग ** अतिदेय खातों में बकाया (3) |
(क) के यथा % स्तंभ (3) |
| 1 @ -3 माह |
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| 3-6 माह |
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| 6 – 12 माह |
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| 12 – 24 माह |
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| > 24 माह |
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| योग |
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**प्रत्येक समय के स्तर (स्लैब) के मुकाबले अतिदेय खातों में बकाया कुल मूलधन देना होगा (और बकाया समान मासिक किस्तों का योग नहीं)।
@ 01.03.2006 को देय समान मासिक किस्त का भुगतान यदि 01.04.2006 तक नहीं किया जाता है, तब इसे 1 माह की अतिदेय अवधि मानी जाएगी ।
कृते—————————————(बैंक का नाम)
प्राधिकृत हस्ताक्षरी
स्थान : (कार्यालयीन मुहर)
तारीख :
| एनएचबी-आरओडी-आरआरबी-एआर-02 | |||||
| प्रत्येक वर्ष यथा 31 मार्च को प्रतिकूल शेष का प्रमाण-पत्र | |||||
| 30 जून तक प्रस्तुत किया जाएगा । | |||||
| यथा 31 मार्च,———को | |||||
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वैयक्तिक आवास ऋण |
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क. |
जिन ऋणों के संबंध में यथा 31 मार्च,——-को पुनर्वित्त का लाभ उठाया गया है, उन सभी बकाया आवास ऋणों की कुल रकम | ||||
|
ख. |
यथा 31 मार्च,——-को रा.आ.बैंक को देय बकाया पुनर्वित्त# | ||||
|
ग. |
प्रतिकूल शेष (क-ख), यदि कोई है | ||||
| # यथा 31 मार्च को बकाया पुनर्वित्त आगामी तिमाही की प्रथम अप्रैल को देय मांग के लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में अग्रिम में किए गए पुनर्भुगतान के कारण कम शेष नहीं दर्शाएगा । | |||||
| ** यह आंकड़ा उपर्युक्त 1(ग) के साथ मिलना चाहिए । | |||||
| प्रमाणित किया जाता है कि –: | |||||
|
|
• उपर्युक्त (क) के आंकड़े यथा 31 मार्च,——–को कंपनी द्वारा रखी गई लेखाबहियों पर आधारित हैं । | ||||
|
|
• ऐसे ऋण खाते, जिनके लिए राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त लिया गया है, कंपनी के रिकॉर्ड से स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकते हैं । ऐसे सभी खातों की एक सूची प्ररूप (फॉर्मेट) एनएचबी-आरओडी-आरआरबी-एआर-03 में संलग्न है । ऊपर लिखे आंकड़े इस सूची से सत्यापित किए गए हैं । | ||||
|
|
• वे ऋण खाते, जिनके लिए गुजरात भूकंप योजना/स्वर्ण जयंती ग्रामीण आवास पुनर्वित्त योजना के अधीन पुनर्वित्त का दावा किया गया है, ये संबंधित योजनाओं के अधीन विहित स्थानीय मानदंड के अनुरूप हैं । | ||||
|
|
|||||
| मुख्य कार्यपालक अधिकारी के हस्ताक्षर
(नाम एवं पदनाम सहित) |
|||||
कार्यालयीन मुहर
| एनएचबी-आरओडी-आरआरबी-एआर-03 | |||||||||||||||||
| यथा प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को चिन्हित ऋणों का विवरण |
|
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| (एक सीडी पर एमएस एक्सल में सॉफ्ट प्रति में प्रस्तुत किया जाएगा) | |||||||||||||||||
| (प्रतिकूल शेष के प्रमाण-पत्र के साथ प्रस्तुत किया जाएगा) | |||||||||||||||||
| तालिका-I | |||||||||||||||||
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सं. |
पुनर्वित्त ऋा खाता सं. |
फाइल नं./ कोड |
बैंक की शाखा |
संघटक का नाम एवं पता |
संपत्ति का पता |
बंधक/गिरवी रखने की तारीख |
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| नोट | |||||||||||||||||
|
क. |
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक यथा 31 मार्च को यह विवरण उन आवास ऋणों के संबंध में प्रस्तुत करेंगे, जिनके लिए राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त लिया गया है ।
|
||||||||||||||||
|
ख. |
यह विवरण प्रतिकूल शेष के प्रमाण-पत्र एनएचबी-आरओडी-आरआरबी-एआर-02 के साथ प्रस्तुत किया जाएगा ।. | ||||||||||||||||
| नोट | |||||||
|
क. |
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक यथा 31 मार्च को यह विवरण उन आवास ऋणों के संबंध में प्रस्तुत करेंगे, जिनके लिए राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त लिया गया है ।
|
||||||
|
ख. |
यह विवरण प्रतिकूल शेष के प्रमाण-पत्र एनएचबी-आरओडी-आरआरबी-एआर-02 के साथ प्रस्तुत किया जाएगा ।. | ||||||
30 जून तक प्रस्तुत किया जाएगा
एनएचबी-आरओडी-आरआरबी-एआर-04
केवल उन ऋणों के लिए सांख्यिकीय विवरणी, जिनके लिए 31 मार्च,200– को समाप्त वित्तीय वर्ष के दौरान राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त का लाभ उठाया गया है ।
I. उन आवास ऋणों, जिनके लिए राष्ट्रीय आवास बैंक से 31 मार्च, 200— को समाप्त वर्ष के दौरान पुनर्वित्त का लाभ उठाया गया है, के संबंध में लाभार्थियों की आय का विवरण दर्शाने वाला विवरण ।
लाभार्थी परिवारों की मासिक आय
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विवरण |
संख्या |
राशि (रुपए में) |
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1 |
5,500/-रुपए मासिक से कम अथवा समान |
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|
|
2 |
5,500/-रुपए और 8,109/-रुपए के बीच |
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|
|
3 |
8,109/-रुपए से अधिक |
|
|
|
|
योग |
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|
नोट : दी गई राशि 31 मार्च, 200–को समाप्त वर्ष के दौरान दावाकृत पुनर्वित्त की कुल राशि से मिलनी चाहिए ।
II. उन आवास ऋणों, जिनके संबंध में राष्ट्रीय आवास बैंक से 31 मार्च, 200–को समाप्त वर्ष के दौरान पुनर्वित्त का लाभ उठाया गया है, का राज्य-वार संवितरण दर्शाने वाला विवरण ।
(लाख रुपए में)
|
सं. |
राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश का नाम |
अनुसूचित जातियां |
अनुसूचित जन जातियां |
अन्य पिछड़ा वर्ग |
|
योग |
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|
सं. |
राशि (रु.) |
सं. |
राशि (रु.) |
सं. |
राशि (रु.) |
सं. |
राशि (रु.) |
सं. |
राशि (रु.) |
||
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1 |
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2 |
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3 |
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4 |
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5 |
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योग |
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नोट : दी गई राशि 31 मार्च, 200–को समाप्त वर्ष के दौरान दावाकृत पुनर्वित्त की कुल राशि के साथ मिलनी चाहिए ।
III. उन आवास ऋणों, जिनके लिए राष्ट्रीय आवास बैंक से वर्ष————के दौरान पुनर्वित्त का लाभ उठाया गया है, का संवितरण दर्शाने वाला विवरण ।
|
ऋण की राशि |
|
इकाइयों की संख्या |
राशि |
| क. 2,00,000/-रुपए तक | 1. ग्रामीण |
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|
| 2. शहरी |
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| ख. 2,00,001/- से 5,00,000/-रुपए तक | 3. ग्रामीण |
|
|
| 4. शहरी |
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| ग. 5,00,001/- से 10,00,000/-रुपए तक | 5. ग्रामीण |
|
|
| 6. शहरी |
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| घ. 10,00,001/-रुपए से 25,00,000/-रुपए तक | 7. ग्रामीण |
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|
| 8. शहरी |
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|
|
| ङ 25,00,001/- से 1,00,00,000/-रुपए तक | 9. ग्रामीण |
|
|
| 10. शहरी |
|
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|
|
योग |
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|
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नोट :
1. ग्रामीण क्षेत्र वह क्षेत्र है, जिसमें किसी कस्बे में शामिल क्षेत्र सहित कोई गांव शामिल है जिसकी आबादी 1991 की जनगणना के अनुसार 50,000 से अधिक नहीं है ।
2. ‘शहरी’ से अर्थ है, ग्रामीण क्षेत्र को छोड़ कर सभी क्षेत्र ।
3. दी गई राशि को 31 मार्च, 200–को समाप्त वर्ष के दौरान दावाकृत पुनर्वित्त की कुल राशि से मेल खाना चाहिए ।
4. विवरणी केवल उन ऋणों से संबंध रखती है, जिनके लिए 31 मार्च, 200–को समाप्त वर्ष के दौरान राष्ट्रीय आवास बैंक से पुनर्वित्त का लाभ उठाया गया है । यदि वित्त वर्ष में कोई पुनर्वित्त नहीं लिया गया है, तब एक ‘शून्य’ विवरणी प्रस्तुत की जाए ।
प्रमाणित किया जाता है कि विवरण में दिए गए आंकड़े वास्तविक एवं सही हैं ।
स्थ्ंाान :
तारीख :
प्राधिकृत हस्ताक्षरी
