सैप द्विभाषी बनाने के लिए जीरो कोड भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
मुख्य कार्यालय, राष्ट्रीय आवास बैंक
कोर 5-ए, तीसरी मंजिल, भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली – 110 003
फोन : 011 – 24649432
ई-मेल : rahulp@nhb.org.in
नोट : तकनीकी बोलियां उन बोलीकर्ताओं की उपस्थिति में खोली जाएंगी जो उपस्थित होना चाहते हैं
बोलियों का ब्योरा
| 1. | बोली दस्तावेज बिक्री शुरू होने की तारीख | 05/10/2009 |
| 2. | बोली दस्तावेज बिक्री की अंतिम तारीख एवं समय | 04/11/2009 17.00 बजे |
| 3. | बोली दस्तावेज प्राप्त होने की अंतिम तारीख एवं समय | 04/11/2009 17.00 बजे |
| 4. | तकनीकी बोलियां खोलने की तारीख एवं समय | 05/11/2009 12.00 बजे |
| 5. | आरएफपी का मूल्य | 2,000/- रुपये (अप्रतिदेय) |
| 6. | बयाना जमा राशि | 20,000/- रुपये (केवल पचास हजार रुपये) |
| 7. | बोलियां खोले जाने का स्थान | मुख्य कार्यालय राष्ट्रीय आवास बैंक कोर 5-ए, तीसरी मंजिल, भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड नई दिल्ली – 110 003 |
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विषय-वस्तु तालिका |
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| क्रम सं. | विषय | पृष्ठ सं. |
| 1. | बोलीदाताओं के लिए निर्देश | |
| 2. | बोलीदाताओं हेतु सूचना एवं सेवा सूचना (अनुलग्नक-क) | |
| 3. | विवरणी अनुपालन की घोषणा (अनुलग्नक-ख) | |
| 4. | वाणिज्यिक बोली के लिए फार्मेट (अनुलग्नक-ग) | |
| 5. | पूर्व अर्हता मानदंड (अनुलग्नक-घ) | |
बोलीदाताओं के लिए निर्देश
राष्ट्रीय आवास बैंक राष्ट्रीय आवास बैंक (रा.आ. बैंक) भारतीय रिजर्व बैंक के सम्पूर्ण स्वामित्वाधीन एक सांविधिक संगठन है । रा.आ. बैंक संसद के एक अधिनियम के तहत गठित एक शीर्ष वित्तीय संस्थान है जिसका मुख्य कार्य आवास वित्त क्षेत्र का संवर्धन, विकास एवं विनियमन करना है ।
आवास वित्त कंपनियों का विनियमन करने के अतिरिक्त, रा.आ. बैंक आवास वित्त कंपनियों के इक्विटी में हिस्सेदारी करके और वित्तीय संस्थानों जैसे बैंकों, आवास वित्त कंपनियों, सहकारी क्षेत्र के संस्थानों, आवास एजेंसियों आदि को पुनर्वित्त सुविधा उपलब्ध कराके वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है जिससे शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों की जनता लाभान्वित होती है ।
रा.आ. बैंक का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है और इसका क्षेत्रीय कार्यालय मुम्बई में और प्रतिनिधि कार्यालय बैंगलूरू, चेन्नै, कोलकाता, हैदराबाद, लखनऊ एवं अहमदाबाद में स्थित हैं । 1. प्रयोजन राष्ट्रीय आवास बैंक (अब के बाद इसे बैंक कहा जाएगा) जिसका मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है, भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर लेना चाहता है जिससे सैप का प्रयोग द्विभाषी रूप में किया जा सके जैसेकि कार्य क्षेत्र में उल्लेख किया गया है । सिस्टम को बैंक की जरूरतो के अनुसार विस्तारित किया जा सकता हो ।
आरएफपी का प्रयोजन सैप फार्मों और रिपोर्टों को, स्रोत कोड तथा डाटाबेस एसेसिंग के बिना, द्विभाषी करने के कार्य के लिए योग्य बोलीदाताओं से प्रस्ताव आमंत्रित करना है । तकनीकी और वाणिज्यिक बोलिया (अलग-अलग प्रस्तुत की जाएं) यहां उल्लिखित नियम एवं शर्तों के अनुसार उक्त कार्य के लिए बोलीदाताओं से आमंत्रित की जाती हैं । 2. कार्य क्षेत्र रा.आ. बैंक के मुख्य कार्य कंप्यूटरीकृत हैं और अधिकतर सिस्टमों को बैंक के ईआरपी प्लेटफार्म (सैप) के साथ एकीकृत किया गया है । बैंक में सैप के क्रियान्वयन में निम्नलिखित माडयूल शामिल हैं :
* वित्त एवं नियंत्रण : इसमें दो उप-माडयूल हैं – ‘कारपोरेट फाइनेंस मैनेजमेंट’ (सीएफएम) और ”कंज्यूमर मार्टगेज लोन’ (सीएमएल) ।
–कारपोरेट फाइनेंस मैनेजमेंट (सीएफएम) : इसमें तीन बिजिनेस क्षेत्र हैं – ‘वित्तीय लेखांकन’, ‘संसाधन’ और ‘राजकोष’ ।
वित्तीय लेखांकन गतिविधियें के अन्तर्गत कंपनी क्रीयेशन, लेखा चार्ट, साधारण सामान्य लेजर प्रविष्टियां, वेंडर क्रीयेशन एवं पोस्टिंग, एसेट क्रीयेशन एवं पोस्टिंग, चेक क्रीयेशन, अनुरक्षण एवं प्रविष्टियां, टीडीएस का लेखांकन, तुलन-पत्र का समेकन, ओपन मदों का प्रबंधन और विविध रिपोर्टें तैयार करना है। सिस्टम में उचित प्राधिकरण एवं नियंत्रण क्रिया निर्मित है ।
‘संसाधन परिचालन’ सिस्टम के अन्तर्गत मुख्य कार्यालय में संसाधन संग्रहण कार्य प्रणाली और लेखांकन गतिविधियां और मुम्बई क्षेत्रीय कार्यालय की भुगतान गतिविधियां आती हैं । सिस्टम लेनदेन संबंधी लेखा प्रविष्टियां करता है और अनेक एमआईएस रिपोर्टें स्वत: तैयार करने का प्रावधान भी है ।
‘राजकोष परिचालन’ के सिस्टम के अन्तर्गत मुख्य कार्यालय में प्रं€ट, मिड, बैक-आफिस कार्यों की कार्य प्रणाली और मुम्बई क्षेत्रीय कार्यालय के भुगतान कार्य आते हैं । सिस्टम लेनदेन संबंधी लेखा प्रविष्टियां, प्रावधान और कूपन/ब्याज प्राप्तियों की स्वत:प्रविष्टियां करता हैं और अनेक एमआईएस रिपोर्टें तैयार करता हैं । -कंज्यूमर मार्टगेज लोन : इसके तहत व्यापार के दो क्षेत्र आते हैं – ‘परियोजना वित्त’ एवं ‘पुनर्वित्त परिचालन’ ।
परियोजना वित्त परिचालन सिस्टम में ऋणियों के बारे में सूचना, संस्वीकृति सीमाओं और ऋण संबंधी विभिन्न नियम एवं शर्तों के अनुसार ऋण राशि के संवितरण की निगरानी करना शामिल है । सिस्टम ऋण, प्रावधान संबंधी लेखा प्रविष्टियां करता है, और पुनर्भुगतान प्राप्ति/पुनर्भुगतान स्वत: करता है । सिस्टम अनेक एमआईएस रिपोर्टें भी तैयार करता है ।
पुनर्वित्त परिचालन की कार्यप्रणाली परियोजना वित्त के समान है सिवाय कुछ अतिरिक्त कस्टोमाइजेशन और संवर्धन के ।
- मानव संसाधन एवं विकास : मानव संसाधन माडयूल में वेतन पत्रक, प्रतिपूर्ति, अवकाश लेखा रखरखाब, प्रशिक्षण और दौरा प्रबंधन शामिल है । समग्र कस्टोमाइजेशन सैप के माडयूल ‘मानव संसाधन प्रबंधन’ द्वारा किया जाता है ।
सॉफ्टवेयर पैकेज में लगभग 250 फार्म और 250 रिपोर्टें हैं ।
बैंक तृतीय पक्ष भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर साल्यूशन लेना और क्रियान्वित करना चाहता है जिसकी सहायता से मौजूदा सैप सॉफ्टवेयर वांछित भाषा (फिलहाल हिन्दी) में परिवर्तित हो सकेगा जिसमें मौजूदा सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के सोर्श कोड/डाटाबेस को बदलने/प्रयोग की जरूरत नहीं होगी ।
- उत्पाद की विशेषताएं
भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर पैकेज में निम्नलिखित विशेषताएं होनी चाहिए :
- एप्लीकेशन पैकेज में वांछित भाषा (हिन्दी) का शब्द कोश (वाक्यांश शब्द कोश) निर्मित होना चाहिए । इस शब्द कोश में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रकाशित बैंकिंग शब्दावली होनी चाहिए । दूसरा शब्द कोश सैप एप्लीकेशन के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाए । सॉफ्टवेयर में फोनेटिक परिवर्तन की सुविधा होनी चाहिए जब कोई शब्द/वाक्यांश शब्द कोश में न हो । शब्द कोश एडीटर भी सॉफ्टवेयर पैकेज के साथ उपलब्ध कराया जाए जिससे प्रयोक्ता शब्द/वाक्याशों को तैयार या उनकी एडीटिंग कर सके ।
- हिन्दी में परिवर्तन मौजूदा सॉफ्टवेयर पैकेज के डाटाबेस का प्रयोग या स्रोत कोड में किसी परिवर्तन के बिना होना चाहिए । मौजूदा सॉफ्टवेयर की कार्य प्रणाली वर्तमान के अनुसार ही रहनी चाहिए । मौजूदा सॉफ्टवेयर का प्रयोग हिन्दी परिवर्तन सॉफ्टवेयर को सक्रिय किये बिना ही स्वतंत्र रूप से किया जा सके । हिन्दी सॉफ्टवेयर को हिन्दी में काम करने के लिए प्रयोक्ता की इच्छानुसार सक्रिय किया जा सके । पैकेज में ऑन लाइन टयूटोरियल और हेल्प डाक्यूमेंटेशन उपलब्ध होना चाहिए ।
- डिस्पले – फार्मों/स्क्रीनों को तथा मीनूज, लेबलों, बटनों, ड्राप-डाउनों और कस्टमर डाटा (फोनेटिक लिप्यान्तरण करते समय) जो फार्मों पर दिखे, को हिन्दी में पूरी तरह परिवर्तित किया जा सके । विषय वस्तु को द्विभाषी रूप में (अंग्रेजी एवं हिन्दी) प्रदर्शित करने का विकल्प होना चाहिए ।
- मुद्रण – रिपोर्टों को अंग्रेजी के अनुसार फार्मेट में ही हिन्दी में पूरी तरह परिवर्तित किया जा सके । इसमें कस्टमर डाटा को हिन्दी में परिवर्तित करना शामिल है (फोनेटिक लिप्यान्तरण, कुछ विशेष जरूरतों के अनुसार संरूपण) । विषय वस्तु को द्विभाषी (अंग्रेजी एवं हिन्दी), यदि स्थान उपलब्ध हो, रूप में मुद्रण की सुविधा होनी चाहिए ।
- डाटा एंट्री – हिन्दी कन्वर्जन सॉफ्टवेयर में हिन्दी में डाटा एंट्री का प्रावधान होना चाहिए । इसमें हिन्दी डाटा एंट्री की सुविधा होनी चाहिए और हिन्दी में डाटा का स्टोरेज हो सके । इसमें अंग्रेजी में डाटा स्टोरेज के साथ हिन्दी डाटा एंट्री की सुविधा भी होनी चाहिए (फोनेटिक लिप्यान्तरण करते समय) ताकि मौजूदा सॉफ्टवेयर के साथ संगतता हो सके ।
- परिनियोजन शिल्प – भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर शिल्प से दोनों केन्द्रीकृत और विभाजित शिल्प को सहायता मिलनी चाहिए । इसका यह आशय हुआ कि पैकेज को यथा संभव या तो सेंट्रल सर्वर या अलग से क्लांइट मशीनों पर प्रयोक्ता की इच्छानुसार, लगाया जाये । इसमें रिमोट इंस्टालेशन, अनुरक्षण और सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूशन साल्यूशन के प्रयोग द्वारा सॉफ्टवेयर को हटाने की सुविधा होनी चाहिए । पैकेज के क्रियान्वयन हेतु किसी अन्य तृतीय पक्ष की व्यवस्था करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए ।
2.2 डेलीवरेबल्स
- भाषा कन्वर्जन सॉफ्टवेयर प्राडक्ट (150 प्रयोक्ता लाइसेंस) जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रकाशित बैंकिंग शब्दावली (आधार शब्द कोश) और एप्लीकेशन विशेष शब्द कोश युक्त हो । एप्लीकेशन विशेष शब्द कोश में समग्र सैप फार्मों और रिपोर्टों को हिन्दी में परिवर्तित करने के लिए सभी शब्द/वाक्यांश होने चाहिए ।
- संवर्धन, गुणवत्ता और उत्पादन हेतु सैप पैकेज के लिए भाषा कन्वर्जन सॉफ्टवेयर का क्रियान्वयन ।
- वेंडर द्वारा रा.आ.बैंक नई दिल्ली में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एक बार प्रशिक्षण (अधिकतम 5 बैचों में) की व्यवस्था की जाएगी । प्रशिक्षण अवधि पर्याप्त और बैंक की इच्छानुसार होनी चाहिए। प्रशिक्षण को निम्नानुसार दो श्टणियों में बांटा जाए :
- अधिष्ठापन और अनुरक्षण प्रशिक्षण
- क्रियान्वयन/परिचालनात्मक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण दस्तावेज वेंडर द्वारा सभी प्रतिभागियों को हार्ड कापी और सॉफ्ट कापी (सीडी) में उपलब्ध कराए जाएंगे । प्रशिक्षण दस्तावेजों में निम्न शामिल होना चाहिए :
- अधिष्ठापन, विनिर्देशन, मानीटरिडग आदि के लिए एडमिनिस्ट्रेशन मैनुअल
- प्रत्येक परिचालन कार्य के लिए प्रयोक्ता संदर्भ मैनुअल
- बिडर या तो अपने खर्चे पर सोर्स कोड के लिए निलंब व्यवस्था करे या अपेक्षित प्रलेखन के साथ नवीनतम सोर्स कोड उपलब्ध कराए ।
- वारंटी एवं वार्षिक तकनीकी सपोर्ट (एटीएस)
उपकरण कम से कम एक वर्ष तक वारंटी अधीन रहेगा जिसके दौरान एडीशन/माडीफिकेशन/बग फिक्सिंग बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किया जाएगा । इसके अतिरिक्त सभी अपग्रेड, पैचेज वारंटी अवधि के दौरान न:शुल्क उपलब्ध कराये जाएंगे । वारंटी अवधि सभी माडयूलों के लाइव क्रियान्वयन के बाद से शुरू होगी । (*लाइव क्रियान्वयन से आशय है कि सम्पूर्ण सिस्टम को प्रोडक्शन एन्वायरनमेंट पर डाला गया है और सैप के सभी फार्मों और रिपोर्टों को हिन्दी में परिवर्तित कर दिया गया है । लाइव क्रियान्वयन को प्रयोक्ता द्वारा स्वीकार करने और प्रोजेक्ट साइन ऑफ के बाद माना जाएगा ।) एटीएस वारंटी अवधि समाप्त होने के बाद आरंभ होगा । एटीएस के तहत ट्रबल शूटिंग, बग्स/एरर को हटाना (यदि अपेक्षित हुआ) शामिल होना चाहिए । एटीएस अवधि के दौरान सभी अपग्रेड/अपडेट्स/जारी नए संस्करण न:शुल्क उपलब्ध कराये जाएंगे । वारंटी अवधि समाप्त होने के बाद, बैंक और चयनित वेंडर के बीच एक अलग एटीएस अनुबंध, प्रत्येक वर्ष, किया जाएगा ।
वारंटी और एटीएस ऑफ-साइट हो सकता है और ट्रबल-शूटिंग कार्य टेलीफोन, फैक्स, ई-मेल आदि से किया जा सकता है । यद्यपि, यदि समस्या का निदान आफ-साइट होने पर समस्या की पहली बार सूचना देने के बाद 48 घंटे में नहीं हुआ तो वेंडर अपने इंजीनियर को बैंक के दिल्ली कार्यालय में भेजेगा जिसके लिए बैंक कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करेगा ।
वेंडर को घोषणा देनी होगी कि वे लगभग 4 वर्ष के लिए एटीएस (वारंटी के बाद) यदि बैंक ऐसा चाहे, उपलब्ध कराएंगे ।
- परियोजना तालिका
चयनित वेंडर वांछित जरूरत का विस्तृत अध्ययन करने के लिए यह कार्य आदेश प्राप्त होने से 10 दिन के अंदर अपने प्रतिनिधियों को रा.आ.बैंक भेजेगा । यह परियोजना पूरी (अर्थात लाइव क्रियान्वयन) करने के लिए निर्धारित समय सीमा इस कार्य आदेश की तारीख से 4 कैलेंडर माह है । परियोजना के लिए चरण बद्ध आधार पर समय सीमा निम्नानुसार है
| क्रम सं. | परियोजना माइलस्टोन | पूरा करने के लिए समय | टिप्पणी |
| 1 | वांछित जरूरत का अध्ययन पूरा करने के लिए समय | 15 दिन | वेंडर का कार्य (रा.आ.बैंक के अधिकारियों के सहयोग से) |
| 2 | एसआरएस दस्तावेज प्रस्तुत करना | 7 दिन | वेंडर का कार्य |
| 3 | एसआरएस साइन ऑफ | 7 दिन | रा.आ.बैंक का कार्य (एसआरएस दस्तावेज में रा.आ.बैंक द्वारा प्रस्तावित कोई संशोधन/वृद्धि करना अंतिम एसआरएस का हिस्सा होगा) |
| 4 | सॉफ्टवेयर की आपूर्ति और अधिष्ठापन | 45 दिन | वेंडर का कार्य |
| 5 | प्रयोक्ता प्रशिक्षण | 12 दिन | वेंडर का कार्य |
| 6 | प्रयोक्ता फीडबैंक | 15 दिन | रा.आ.बैंक का कार्य |
| 7 | कार्य का अंतिम बार ज्ञान कराना और परिनियोजन | 15 दिन | वेंडर का कार्य |
| 8 | परियोजना साइन ऑफ | 10 दिन | रा.आ.बैंक का कार्य |
5.दंड धारा परियोजना पूरी करने में विलम्ब होने पर परियोजना के कुल मूल्य का 2%, प्रति सप्ताह, के आधार पर और अधिकतम 10% तक जुर्माना किया जाएगा । यदि विलम्ब 5 सप्ताह से अधिक हुआ तो अनुबंध/कार्य आदेश निरस्त किया जा सकता है और बैंक वेंडर से ब्याज सहित सम्पूर्ण अग्रिम राशि और जुर्माना के रूप में परियोजना राशि के 10% अतिरिक्त राशि का दावा कर सकता है ।
वारंटी/एटीएस के दौरान उत्पन्न समस्या को दूर करने में देरी होने पर भी जुर्माना डाला जाएगा । वेंडर को सूचित समस्या का निदान पहली बार रिपोर्ट करने से 72 घंटे में ठीक करना होगा । समस्या को दूर करने में विलम्ब होने पर कुल परियोजना लागत का 1%, प्रति दिन की दर से और अधिकतम 10% तक जुर्माना डाला जाएगा । किसी भी हालत में किसी भी मामले में 7 दिन से अधिक देरी नहीं होनी चाहिए । उस स्थिति में बैंक कार्य आदेश निरस्त कर सकता है और वेंडर को अदा की गई पूरी राशि लौटाने के लिए कह सकता है । 6. बोली प्रस्तुत करने पर व्यय बोलीकर्ता बोली तैयार करने और प्रस्तुत करने पर हुआ व्यय स्वयं वहन करेगा और बैंक बोली प्रस्तुत करने से संबंधित किसी भी व्यय के लिए किसी भी प्रकार उत्तरदायी नहीं होगा । 7. बोली संबंधी दस्तावेज बोलीकर्ता से बिडिंग दस्तावेजों में उल्लिखित सभी अनुदेशों, फार्मों, नियम एवं शर्तों, तकनीकी विनिर्देशों की जांच करने की अपेक्षा की जाती है । बिडिंग दस्तावेज पूरी तरह बिड के अनुरूप न होने के लिए बोलीकर्ता उत्तरदायी होगा और बोलीकर्ता को कोई सूचना दिये बिना उसकी बोली निरस्त की जा सकती है ।
- बोली दस्तावेजों में संशोधन
बोली जमा करने की अंतिम तारीख एवं समय से पूर्व किसी भी समय, बैंक, किसी भी कारण से, अपने निर्णयानुसार बोली दस्तावेजों में संशोधन कर सकता है । सभी संशोधन बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे ।
भावी बोलीकर्ताओं को अपनी बोलियें में संशोधनों करने के लिए, यदि कोई हो, बैंक स्व निर्णयानुसार, पर्याप्त समय देने हेतु, बोलियां प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख बढ़ा सकता है ।
- वैधता अवधि
बोली बैंक द्वारा बोली खोलने की निर्धारित तारीख से छह माह तक वैध रहेंगी । इससे कम अवधि की वैधता वाली बोली को बैंक द्वारा अनुरूप न पाये जाने के कारण रद्द कर दिया जाएगा ।
- बोली की मुद्रा
मूल्य केवल भारतीय रूपये में ही दिये जाएंं ।
- बोली प्रक्रिया (दो चरण)
मौजूदा कार्य के लिए, दो चरण वाली बोली प्रक्रिया को अपनाया जाएगा । आरएफपी के प्रत्युत्तर में दो हिस्सों में बोली प्रस्तुत की जाएगी :
* तकनीकी बोली – भाग I
* वाणिज्यिक बोली – भाग II
बोलीकर्ता तकनीकी बोली और बोली का वाणिज्यिक भाग अलग-अलग दो भागों में लाल लाख से सील बंद लिफाफों में प्रस्तुत करेगा जिनके ऊपर ”भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर”, ”तकनीकी बोली” या ”वाणिज्यिक बोली”, जो भी मामला हो, लिखा हो । तकनीकी बोली में मूल्य संबंधी या वाणिज्यिक कोई सूचना नहीं होगी ।
बोली टाइप की गई हो या अमिट स्याही से लिखी गई हो और उस पर बोलीकर्ता या उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर हों । प्राधिक ार संबंधी लिखित मुख्तारनामा बोली के साथ संलग्न हो । बोली दस्तावेज के सभी पृष्ठों पर बोलीदाता व्यक्ति/व्यक्तियों के हस्ताक्षर हों ।
बोली में कोई कांटछांट, मिटाया गया या ऊपर से लिखा हुआ आदि न हो सिवाय बोलीकर्ता द्वारा हुई किसी गलती को ठीक करने के लिए जरूरी हो, ऐसी स्थिति में सशोधनों पर बोलीदाता व्यक्ति/व्यक्तियों के आद्यक्षर होने चाहिए ।
- बोली प्रस्तुत करना
बोलीकर्ता लाल लाख से सील बंद दोनों लिफाफों को एक तीसरे लिफाफे में बंद करेगा जिस पर भी लाल लाख की सील लगी हो ।
इस दस्तावेज के पृष्ठ 2 पर उल्लिखित समय और तारीख तक बोली निम्नलिखित पते पर बैंक को भेज देनी चाहिए ।
महाप्रबंधक
राष्ट्रीय आवास बैंक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
मुख्य कार्यालय, कोर 5-ए, तीसरी मंजिल
भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली – 110 003
- बोली प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख और समय
बोलियां बोली दस्तावेज में उल्लिखित पते पर निर्धारित तारीख और समय तक या धारा 7 के अनुसार बैंक द्वारा वृद्धित समय तक बैंक को मिल जानी चाहिए । यदि बोलियां प्रस्तुत करने की नियत तारीख को बैंक में घोषित अवकाश हो तो बोलियां अगले कार्य दिवस को निर्धारित समय तक स्वीकार की जाएंगी ।
- विलम्ब से प्रस्तुत बोलियां
बेलियां प्रस्तुत करने की निर्धारित अंतिम समय सीमा के बाद प्राप्त बोलियां अस्वीकार कर दी जाएंगी और/या बोलीकर्ता को बिना खुले लौटा दी जाएगी, यदि वह ऐसा चाहे ।
- बोलियों में संशोधन और/या वापस लेना
- बोलियां प्रस्तुत हो जाने के बाद अंतिम समझी जाएंगी और उस पर कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा ।
- बोलियां प्रस्तुत करने के अंतिम समय के बाद किसी भी बोली में संशोधन नहीं किया जाएगा ।
- यदि बोलीकर्ता सफल बोलीदाता हुआ तो उसे बोली वापस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
प्रस्तुत किये जाने वाले दस्तावेजों में सूचना
- तकनीकी बोली लिफाफे (सीलबंद लिफाफा) में वांछित दस्तावेज
- अनुलग्नक ‘क’ के भाग-I के अनुसार बोलीकर्ता की सूचना
- अनुलग्नक ‘क’ के भाग-II के अनुसार सेवा सूचना
- अनुलग्नक ‘क’ के भाग-III के अनुसार प्रतिज्ञा पत्र
- अनुलग्नक ‘ख’ – अनुपालन विवरणी घोषणा
- वाणिज्यिक बोली लिफाफे (सीलबंद लिफाफा) में वांछित दस्तावेज
वाणिज्यिक प्रस्ताव : प्रस्ताव अनुलग्न ‘ग’ में दिये वाणिज्यिक बोली फार्मेट के अनुसार होना चाहिए और उसमें सभी कुछ, कर एवं अन्य सरकारी उद्ग्रहण आदि सहितं, शामिल होना चाहिए ।
- भुगतान अनुसूची
भुगतान वार्षिक आधार पर किया जाएगा । क. कार्य आदेश स्वीकार करने पर कुल परियोजना लागत का 30 प्रतिशत अग्रिम भुगतान । अग्रिम भुगतान परियोजना लागत के 35% की निष्पादकता बैंक गारंटी जो वारंटी अवधि तक मान्य होगी, प्रस्तुत करने पर ही किया जाएगा । ख. परियोजना के लाइव क्रियान्वयन के बाद कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत । ग. वारंटी अवधि पूरी होने के बाद कुल परियोजना लागत का 20 प्रतिशत । टिप्पणी : यदि चयनित वेंडर कार्य आदेश प्रस्तुत करने से एक माह के भीतर बैंक गारंटी प्रस्तुत नहीं करता है तो कुछ भी अग्रिम नहीं दिया जाएगा और लाइव क्रियान्वयन के बाद ही 80% भुगतान किया जाएगा । 18. बिड खोलना और मूल्यांकन बैंक तकनीकी बोलियों को बोली दस्तावेज में उल्लिखित निर्धारित तारीख व समय पर उपस्थित होने के इच्छुक बोलीकर्ताओं के प्रतिनिधि की उपस्थिति में तथा शीर्षक ‘बोलियां प्रस्तुत करना’ की धारा-11 में उल्लिखित स्थान पर खोलेगा ।
इस अवसर पर उपस्थित बोलीकर्ताओं या उनके प्रतिनिधि अपनी उपस्थिति के साक्ष्य में रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे । यदि ‘बिड ओपनिंग’ के लिए निर्धारित तारीख पर बैंक में अवकाश घोषित किया जाता है तो बिड अगले कार्यदिवस पर पूर्व निर्धारित समय और स्थान पर खोली जाएंगी ।
पहले चरण में, केवल तकनीकी बोली खोली एवं मूल्यांकित की जाएंगी । बैंक द्वारा निर्धारित तकनीकी अपेक्षाओं को पूरा करने वाले और इस दस्तावेज की शर्तों व नियमों को स्वीकार करने वाले बोलीकर्ताओं की सूची बनायी जाएगी । दूसरे चरण में, सूची बद्ध किये बोलीकर्ताओं की वाणिज्यिक बोली खोली जाएंगी । बैंक को यह अधिकार होगा कि वह बिना कोई कारण बताए किसी भी तकनीकी बोली को स्वीकृत या अस्वीकृत करे। इस संबंध में बैंक का निर्णय अंतिम होगा तथा सभी बोलीकर्ताओं पर बाध्यकारी होगा ।
उन्हीं बोलीकर्ताओं की वाणिज्यिक बोली खोली जाएंगी जिनकी तकनीकी बोलियां बैंक द्वारा उपयुक्त पाई गई।
- बोली प्रक्रिया के लिए मूल्यांकन मापदंड
फर्मों से प्राप्त बोलियों का मूल्यांकन उनकी तकनीकी एवं वित्तीय क्षमता के आधार पर किया जाएगा । सर्वप्रथम तकनीकी योग्यता का मूल्यांकन किया जाएगा और केवल उन्हीं फर्मों जो सभी पूर्व-योग्ता मानदंड पूरी करती होंगी, को तकनीकी योग्यता प्राप्त माना जाएगा तथा वे ही वित्तीय बोली दौर में शामिल होने की पात्र होंगी । तकनीकी दृष्टि से योग्य बोलीदाताओं में सबसे कम बोली देने वाले को परियोजना कार्य सौंपा जाएगा ।
बोलियों का तकनीकी मूल्यांकन उत्पाद शिल्प/प्रयुक्त प्रौद्योगिकी, उत्पाद प्रस्तुतीकरण और संकल्पना का प्रमाण और प्रयोगकर्ताओं से प्राप्त जानकारी के आधार पर किया जाएगा । बोलीदाताओं को अपने प्रयोगकर्ताओं से जहां उत्पाद को कार्यान्वित किया गया हो, संतुष्टि प्रमाण पत्र लेकर प्रस्तुत करना होगा । बोली दस्तावेज के साथ प्रयोगकर्ता का सम्पर्क ब्योरा संलग्न किया जाए । इसके अतिरिक्त, बोलीदाता को बैंक द्वारा गठित समिति को उनके द्वारा दिये जा रहे उत्पाद के लिए ‘प्रूफ आफ कान्सेप्ट'(पीओसी) प्रदर्शित करना होगा । पीओसी के लिए, बोलीदाताओं को अपने उत्पाद का बैंक के एप्लीकेशन में उपलब्ध एसएपी फार्मों एवं रिपोर्टों के कम से कम 5% पर प्रदर्शन करना होगा । बैंक की समिति द्वारा पीओसी सफल पाये जाने पर ही तकनीकी दृष्टि से विचार किया जाएगा ।
- बोलियों का स्पष्टीकरण
बोलियों की जांच, मूल्यांकन एवं तुलनात्मक अध्ययन में सहायता हेतु, बैंक स्व विवेक से, बोलीदाताओं से स्पष्टीकरण मांग सकता है जिसे वे लिखित देंगे और बोली कें मूल्य या विषयवस्तु में कोई भी परिवर्तन करने की छूट या अनुमति नहीं दी जाएगी । 21. प्राथमिक जांच बैंक बोलियों की जांच करके निर्धारित करेगा कि वे पूरी हैं, गणना में कोई भूल तो नहीं हुई है, क्या बोली दस्तावेज में मांगी गई अपेक्षित सूचना दी गई है, क्या दस्तावेजों पर हस्ताक्षर ठीक से किए गए हैं और क्या बिड मोटेतौर से ठीक है ।
विनिर्देशों के अनुसार बिड न पाये जाने पर बैंक उसे अस्वीकार कर देगा । 22. बिड अग्रिम राशि और आरएफपी का मूल्य बोलीदाताओं को राष्ट्रीय आवास बैंक के नाम, दिल्ली में देय, मांग ड्राफ्ट के रूप में बतौर बोली अग्रिम राशि के लिए 20,000/- रुपये (सफल बोलीदाताओं को वारंटी अवधि के बाद वापसी योग्य और असफल बोलीदाताओं को चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद) (केवल बीस हजार रुपये) और आरएफपी मूल्य के लिए 2000/- रुपये (केवल दो हजार रुपये) तकनीकी बोली के साथ संलग्न करना चाहिए, जिसके न होने पर बोली पर कोई विचार नहीं किया जाएगा । 23. क्रय प्राथमिकता सार्वजनिक उद्यम विभाग के निर्देशानुसार केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की यूनिटों के क्रय की सुविधा उपलब्ध होगी । 24. बैंक से सम्पर्क बैंक द्वारा बोली के मूल्यांकन, बोली के तुलनात्मक अध्ययन या अनुबंध देने के निर्णय को प्रभावित करने के लिए बोलीकर्ता द्वारा कोई प्रयास करने पर बोलीदाता की बिड अस्वीकृत की जा सकती है । बैंक का निर्णय अंतिम व निष्पक्ष होगा तथा जो सभी पक्षों पर बाध्यकारी होगा । 25. बैंक को कोई या सभी बोलियों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार बैंक को कोई भी बिड स्वीकार या अस्वीकार करने और बिडिंग प्रक्रिया को रद्द करने या सभी बोलियों को अनुबंध सौंपने से पहले किसी भी समय रद्द करने का अधिकार होगा जिसके लिए बैंक का संबंधित बोलीदाता/बोलीदाताओं के प्रति कोई दायित्व या बैंक की कार्रवाई के बारे में संबंधित बोलीदाता/बोलीदाताओं को सूचित करने के लिए उत्तरदायित्व नहीं होगा ।
बैंक को अपनी बडी जरूरत के अनुसार एक से अधिक बोलीदाताओं का चयन करने का अधिकार होगा । 26. अनुबंध पर हस्ताक्षर सफल बोलीदाता(ओं) को वेंडर कहा जाएगा, उसे बैंक के साथ निविदा सेंपे जाने से 7 दिनों के भीतर या बैंक द्वारा निर्दिष्ट वृद्धित अवधि के भीतर जिसे बैंक द्वारा निर्धारित किया जाएगा, सर्विस लेबल करार (एसएलए) करना होगा ।
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परिशिष्ट ‘क‘ भाग I : बोलीदाता के लिए सूचना कृपया कंपनी के बारे में निम्नलिखित सूचना दें (यदि आवश्यक हो तो अलग से पत्रक लगाएं) ।
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क्रम सं. |
सूचना |
विवरण/प्रत्युत्तर |
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| 1 | कंपनी का नाम | |||
| 2 | स्थापना की तारीख | |||
| 3 | कंपनी का मुख्य कार्यालय/पंजीकृत कार्यालय व पता सम्पर्क व्यक्ति फोन फैक्स ई-मेल वेबसाइट |
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| 4 | आपके द्वारा उपलब्ध सेवाओं/विकल्पों की रेंज दें जिसमें सेवा विवरण हो और निम्न के लिए विभिन्न योजनाएं उपलब्ध ह:ं
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हां/नहीं/टिप्पणी (यदि विकल्प ‘नहीं’ हो) | ||
| 5 | कोई लंबित/पिछला मुकदमा (तीन वर्ष के दौरान) । यदि हां, तो कृपया विवरण दें । पिछले तीन वर्षों के दौरान प्राप्तं दावों एवं शिकायतों का विवरण भी दें (कंपनी/कंपनी की सेवाओं के बारे में) । | हां/नहीं/टिप्पणी (यदि विकल्प ‘हां’ हो) यदि विकल्प ‘हां’ होगा तो बिड निरस्त की जा सकती है । | ||
| 6. कृपया पिछले तीन वर्षों के दौरान कारोबार का विवरण दें तथा प्रमाण स्वरूप तुलन पत्र की प्रतियां संलग्न करें । | वर्ष | कारोबार | लाभ/हानि (-) | |
| 2005-06 | ||||
| 2006-07 | ||||
| 2007-08 | ||||
बोलीदाता के हस्ताक्षर
भाग II -उत्पाद संबंधी सूचना
निम्नलिखित सूचना दी जाए ।
| क्रम सं. | वांछित जानकारी | विवरण/प्रत्युत्तर |
| 1 | सॉफ्टवेयर संबंधी जानकारी
* पिछला अंतिम वर्जन जारी करने का मास/वर्ष |
|
| 2 | हार्डवेयर प्लेटफार्म सपोर्ट | |
| 3 | साल्यूशन काम्पोनेंट के प्रस्तावित वर्जन की परिचालन प्रणाली । प्रत्येक साल्यूशन काम्पोनेंट के बारे में विशेष जानकारी दें । | |
| 4 | डाटाबेस सपोर्ट | |
| 5 | सिस्टम माडयूल काम्पोनेंट – माडयूल/काम्पोनेंट और उनकी निर्भरता (क्या माडयूल/काम्पोनेंट को अन्य माडयूल/काम्पोनेंट की सहायता के बिना स्वतंत्र रूप से आपरेट किया जा सकता है) और प्रत्येक प्रस्तावित माडयूल/काम्पोनेंट के समेकन के लेवल विशेष रूप से उल्लेख करें। | |
| 6 | साल्यूशन डेवलपमेंट एन्वायरमेंट और प्रयुक्त एप्लीकेशन टूल्स का विवरण । थर्ड पार्टी टूल्स या सिस्टम सॉफ्टवेयर/ आरडीबीएमएस के साथ उपलब्ध टूल्स का भी उल्लेख करें जिनका प्रयोग साल्यूशन क ा डिजायन करने में किया जाता है । | |
| 7 | साल्यूशन खरीदने/लाइसेंस नीति क्या है ? | |
| 8 | क्या सोर्स कोड के लिए निलम्ब व्यवस्था होगी या दस्तावेजन के साथ सोर्स कोड दिया जा रहा है ? | |
| 9 | क्या कंपनी का इन बंडल्ड थर्ड पार्टी साफ्टवेयर के सोर्स कोड पर पूरा नियंत्रण है ? |
हम पुष्टि करते हैं कि उपर्युक्त उल्लिखित सभी विवरण सत्य एवं ठीक है, और यदि बैंक मूल्यांकन के किसी भी चरण के दौरान किसी भी तथ्य को गलत पाता है तो बैंक को हमारा प्रस्ताव रद्द करने एवं प्रक्रिया में शामिल होने के अयोग्य ठहराने का अधिकार होगा ।
हम एतद् द्वारा बिना शर्त स्वीकार करते हैं कि बैंक सैप के लिए भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने वाले वेंडरों की सूची तैयार करने के लिए स्व निर्णयानुसार कोई भी मानदंड अपना सकता है जिसे वह उपयुक्त समझता हो, और वे केवल आरएफपी अभिलेख में उल्लेख तक, सैप के लिए भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के लिए वेंडरों का चयन करने तक ही सीमित नहीं होंगे ।
हम इस सूचना को भी अभिज्ञपित करते हैं कि यह बिड, सूची तैयार करने के लिए, बिड प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख के बाद 6 माह तक वैध रहेगी ।
वेंडर के हस्ताक्षर एवं मुहर
प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम
भाग – III
बोलीदाता द्वारा बोली दस्तावेजों के साथ संलग्न किया जाने वाला पत्र
उप महाप्रबंधक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
राष्ट्रीय आवास बैंक, मुख्य कार्यालय
कोर 5-ए, तीसरी मंजिल, भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली – 110 003
महोदय,
विषय : बैंक के लिए भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर हेतु हमारी बिड
हम अपने बोली दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं ।
यदि हमारी बोली उक्त कार्य के लिए स्वीकार की जाती है, तो हम वचन देते हैं कि हम बैंक द्वारा बुलाए जाने पर अपने व्यय पर बैंक के साथ निर्दिष्ट फार्म पर अनुबंध स्वीकार और निष्पादित करेंगे । जब तक एक औपचारिक अनुबंध तैयार और निष्पादित नहीं हो जाता, तब तक यह बोली एवं आपकी लिखित स्वीकृति हमारे बीच बाध्यकारी अनुबंध होगा ।
हम समझते हैं कि यदि हमारी बोली स्वीकार कर ली जाती है, तब हम संयुक्त और पृथक रूप से अनुबंध निष्पादित करने के प्रति उत्तरदायी होंगे ।
हम समझते हैं कि आप प्राप्त किसी भी निम्नतम या अन्य बोली को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं हैं, और आप सभी या किसी भी बोली को अस्वीकार कर सकते हैं, आप स्वीकार कर सकते हैं या समग्र कार्य किसी एक वेंडर को सौंप सकते हैं या बिना कोई कारण या स्पष्टीकरण दिये बिना कई वेंडरों के बीच बांट सकते हैं ।
हम समझते हैं कि प्रथम चरण (तकनीकी बोली) पूरा होने के बाद सूचीबद्ध बोलीदाताओं के नाम और सफल बोलीदाता का नाम जिसे दूसरा चरण (वाणिज्यिक बोली) पूरा होने के बाद अंतिम रूप से अनुबंध सैंपा गया हो, को या तो फोन पर/ई-मेल/पत्र द्वारा सूचित किया जाएगा ।
दिनांक: दिन माह 200
भवदीय,
कृते ——————-
हस्ताक्षर —————–
नाम ——————–
पता ——————–
(प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता)
अनुलग्नक – ख
अनुपालन विवरणी
घोषणा
नियम एवं शर्तें
हम एतद द्वारा वचन देते हैं और बैंक द्वारा इस आरएफपी में तथा अन्य सभी परिशिष्टों, शुद्धिपत्रों आदि में उल्लिखित नियम एवं शर्तों का पालन करने के लिए सहमत हैं (कोई भी विचलन होने पर बिड अयोग्य की जा सकती है) ।
हस्ताक्षर
कंपनी की मुहर
तकनीकी विनिर्देश
हम प्रमाणित करते हैं कि निविदा के अनुसार हमारे द्वारा उपलब्ध कराया सिस्टम/सेवाएं आपके द्वारा निर्दिष्ट विनिर्देशों के अनुरूप हैं सिवाय निम्नलिखित विचलन के –
विचलनों की सूची
- ————————————————
- ———————————————–
- ———————————————–
- ———————————————–
(यदि इन्हें रिक्त छोड़ा गया तो यह समझा जाएगा कि उक्त उल्लिंिखत विनिर्देशों से कोई विचलन नहीं है)
हस्ताक्षर:
कंपनी की मुहर
अनुबंध ‘ग‘
वाणिज्यिक बोली के लिए फार्मेट
| क्रम सं. |
ब्योरा |
राशि/ दर (रूपये में) |
| 1 |
क्रियान्वयन + एक बार प्रशिक्षण शुल्क |
|
| 2 |
|
|
| 3 | * अतिरिक्त प्रशिक्षण प्रभार (प्रति व्यक्ति-दिन) |
(क) बोलीदाता को अपनी वाणिज्यिक बोली केवल उपर्युक्त फार्मेट में जमा करनी है । सभी कर एवं शुल्क शामिल हैं ।
(ख) एल 1 मानदंड : क्रम सं. 1 + क्रम सं.2 का निवल वर्तमान मूल्य (4 वर्षीय एटीएस व्यय का योग); निवल वर्तमान मूल्य की गणना 8% प्रति वर्ष के आधार पर की जाएगी ।
टिप्पणी: इस फार्मेट के अतिरिक्त किसी अन्य में प्रस्तुत वाणिज्यिक बोली को अस्वीकार किया जा सकता है ।
अनुबंध – घ
पूर्व योग्यता मापदंड (पीक्यूसी)
- बोलीदाता द्वारा दिये गए उत्पाद/सॉफ्टवेयर साल्यूशन देश में कम से कम किसी एक बैंक या वित्तीय संस्थान में क्रियान्वित किये गये होना चाहिए ।
- बोलीदाता द्वारा दिये गए उत्पाद/सॉफ्टवेयर साल्यूशन भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर के रूप में कम से कम तीन भिन्न पैकेजों में क्रियान्वित किये गये होना चाहिए ।
- बोलीदाता सॉफ्टवेयर विकास बिजनेस का काम कम से कम पिछले 5 वर्षों से करता हुआ होना चाहिए और पिछले तीन वर्षों में कारोबार औसतन एक करोड़ रुपये (या अधिक) रहा हो।
- बोलीदाता की दिल्ली/एनसीआर में सहायता प्रणाली होनी चाहिए और दिल्ली/एनसीआर में कम से कम एक उपभोक्ता होने चाहिए ।
उपर्युक्त पीक्यूसी के साक्ष्य में दस्तावेज बोली दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किए जाएं ।

