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प्रेस विज्ञप्तियां

राष्ट्रीय आवास बैंक की ओर से आवासीय सम्पत्ति के मूल्य संकेत

कौन अपने जीवन की किसी अवस्था में रएक सुन्दर घर के स्वामित्व का सपना नहीं देखता । इसे अपने पूरे जीवन में एक महत्वपूर्ण निवेश समझते हुए, हममें से बहुतों को सुविधाओं के अतिरिक्त, मूल्य और गुणवत्ता में एक अह्वछा सामंजस्य होने के बारे में चिन्ता होती है । कुशल मूल्य अवधारण कार्यतंत्र और पारदशर्ह व्यवहार पर आधारित एक विपणन स्थल घर खरीदने वाले संभावित खरीदारों के लिए एक उचित सौदा सुनिश्चित कर सकता है । जहां आवासहय सम्पत्ति के मूल्यों और उनकी अर्थव्यवस्था पर विभिन्न पश्चगामी तथा अग्रवर्ती संयोजनों में एक परिमेय संबंध है, वहीं उसे पकड़ने के लिए संगख्र्ति प्रयास नहीं हुआ है ।

अभी तक, घर खरीदने वालों और निवेशकों को जो कुछ भी थोड़ी बहुत जानकारी उपलह्नध है, वह उन्हें स्थानीय स्थावर सम्पदा अभिकर्ता, अथवा निवेश सलाहकार उपलह्नध कराते हैं जिनके स्वयं के पास एक सीमित जानकारी होती है । उनकी राय को विश्वसनीय अथवा उ टश्यपूरक नहीं समझा जा सकता है । आवास वित्त क्षेत्र की निरन्तर सहसावृद्धि, जिसने पिछले राजकोष राजस्व में भी 30% की वृद्धि दर्ज की है, के साथ पूर्वता प्राप्त आस्तियों (अर्थात् स्थावर सम्पदा) के मूल्य के उतार-चड्ढ़ाव पर निगरानी रखने और यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि आर्थिक रूप से सफल मूल्यन के किसी तरह का भी कोई अनुचित कीमत-लागत अन्तर नहीं है । वास्तव में, आवासीय सम्पत्ति के मूल्यन और उनके सामयिक उतार-चड्ढ़ाव के अनुसार, दीर्घावधि निष्पादन के बारे में विश्वसनीय, निष्पक्ष जानकारी की विनिर्दिष्ट रूप से ज़रूरत होती है ।

इस ज़रूरत को समझते हुए, राष्ट्रीय आवास बैंक ने इस दिशा में शुरूआत की है । राष्ट्रीय आवास बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री पी.के.गुप्ता ने आज राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा एक स्थावर सम्पदा मूल्य संकेत तैयार करने की परियोजना का शुभारम्भ किया । प्रारम्भिक तौर पर, चुनिंदा दस बड़े कस्बों/नगरों, अर्थात् वृहत्तर मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलूर, हैदराबाद, अहमदाबाद, कानपुर, जयपुर और पटना के लिए मूल्य संकेतों के संकलन की परिकल्पना है ।

इस अवसर पर आयोजित एक समारोह में श्री गुप्ता ने सूचित किया कि ये मूल्य संकेत विभिन्न पणधारियों (स्टेक होल्डरों) अर्थात् वैयक्तियों, भवन निर्माताओं, सरकार एवं नीति निर्धारकों के अतिरिक्त आवास वित्त उद्योग के लिए उपयोगी होंगे ।

और विस्तृत जानकारी देते हुए, श्री गुप्ता ने उल्लेख किया कि वैयक्तिक खरीदार और भवन निर्माता विभिन्न क्षेत्रों/स्थानों में विभिन्न प्रकार के आवासों के मूल्यों में उतार-चड्ढ़ाव और मांग के बारे में एक अनुमान जानने के लिए मूल्य संकेतों की व्याख्या से लाभान्वित हो सकते हैं । इसी प्रकार से, आवास वित्त उद्योग इन मूल्य संकेतों का उपयोग देश के विभिन्न प्रदेशों में संभावित आवास वित्त की मांग का आकलन करने में कर सकते हैं ।

इसके अतिरिक्त, श्री गुप्ता ने यह भी सूचित किया कि सरकार और नीति निर्धारक सम्पत्ति कर राजस्व का अनुमान लगाने के लिए, भवन निर्माण की श्रेणी के साथ-साथ स्थानिक आधार पर आवासीय स्टॉक और उसके मूल्यों की विभिन्नताओं में संचलन का आकलन करने के लिए इन मूल्य संकेतों का उपयोग कर सकते हैं । इन मूल्य संकेतों का उपयोग विभिन्न स्थानों/प्रदेशों में सम्पत्तियों के प्रतिवेदित और वास्तविक बाज़ार मूल्यों में अन्तर, यदि कोई है, के आकलन में कर सकते हैं और राद्दय सरकार/स्थानीय प्राधिकरण सम्पत्ति कर/पंजीकरण शुल्क इत्यादि पर नीतियां बनाते समय इनका उपयोग कर सकते हैं ।

 
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