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प्रेस विज्ञप्तियां

रा.आ.बैंक ने कैपिटल गेंस बांडों पर कूपन दर घटाई

राष्ट्रीय आवास बैंक (रा.आ.बैंक) को अपने 7.15% कैपिटल गेंस बांड 2002 इश्यू में निवेशकों से - व्यक्तियों एवं संस्थानों से भारी समर्थन प्राप्त हुआ । 14 अगस्त, 2002 से इश्यू खोलने के बाद 3 माह से भी कम अवधि में, कुल 700.00 करोड़ रुपए की राशि जुटा ली गई ।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अभी हाल में बैंक दर और नगदी आरक्षण अनुपात में की गई कमी, जैसाकि उसके मध्यावधि मौद्रिक एवं ऋण नीति समीक्षा में घोषणा की गई जिसने ब्याज दरों में नरमी का संकेत दिया, के फलस्वरूप, रा.आ.बैंक ने भी अपने कैपिटल गेंस बांड की कूपन दर में कमी करने के लिए समीक्षा की । रा.आ.बैंक ने अपने खुले कैपिटल गेंस बांड इश्यू को अल्पावधि - 7 नवम्बर से 10 नवम्बर 2002, के लिए बंद करने और संशोधित कूपन दर 6.50% प्रति वर्ष, वार्षिक आधार पर देय, पर 11 नवम्बर 2002 से पुन: खोलने का विनिश्चय किया । इश्यू प्राइवेट प्लेसमेंट आधार पर ही खुला रहेगा । इश्यू की अन्य शर्तें जैसे मोचन अवधि 7 वर्ष तथा 3 वर्ष के बाद बेचने का विकल्प और ब्याज का भुगतान वार्षिक आधार पर 1 अप्रैल को, अपरिवर्तित रहेंगी ।

रा.आ.बैंक के बांडों में निवेश पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 193 (iiबी) का लाभ मिलेगी अर्थात ब्याज पर स्रोत पर आयकर की कटौती नहीं की जाएगी । निवेशकों को सभी स्रोतों से होने वाली अपनी आय पर आय कर का स्वयं ही निर्धारण करना होगा ।

रा.आ.बैंक के कैपिटल गेंस बांड आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54-ईसी की उप-धारा (3) की व्याख्या (ख) के अनुसार दीर्घ कालीन निर्दिष्ट आस्तियां हैं । 1 अप्रैल, 2002 को या उसके बाद दीर्घ कालीन पूंजीगत आस्तियों में अंतरण के कारण प्राप्त पूंजी का निवेश आस्तियों के अंतरण की तारीख से छह माह के अंदर, छूट प्राप्त की पात्रता के लिए, रा.आ.बैंक के बांडों में किया जा सकता है । अभिदान की न्यूनतम राशि 10,000/- रुपए और उसके बाद उसके गुणकों में होगी । बांड खुले रहेंगे तथा रा.आ.बैंक को यह इश्यू किसी भी समय रोकने/बंद का अधिकार होगा । बांड अहस्तांतरणीय, अपरक्राम्य हैं तथा ऋण या अग्रिम लेने के लिए प्रतिभूति के रूप में नहीं दिए जा सकते हैं ।

चूंकि रा.आ.बैंक द्वारा जारी बांड प्रकृति से अग्रता क्षेत्र के हैं, अनुसूचित बैंकों द्वारा निवेश करने पर वे अग्रता क्षेत्र निवेश सूची में शामिल होने के लिए पात्र होंगे और इसके अतिरिक्त वर्धमान निक्षेपों के 3% आवास वित्त आबंटन और पूंजी पर्याप्तता अनुपात के प्रयोजनार्थ 20% जोखिम भार के लिए भी पात्र होंगे । बैंकों को रा.आ.बैंक के बांडों में निवेश के लिए अधिकतम सीमा 5% से भी छूट प्राप्त होगी ।

यथा 30 जून 2002 तक रा.आ.बैंक द्वारा पुनर्वित्त के लिए संवितरित समेकित राशि 7251.00 करोड़ रुपए थी । वर्ष 2002-03 के दौरान, 1375.00 करोड़ रुपए और संवितरित किए जाने की सम्भावना है । रा.आ.बैंक का पूंजी आधार 350 करोड़ रुपए है जो भा.रि.बैंक द्वारा पूर्णतया अभिदत्त है एवं आरक्षित निधि 766.15 करोड़ रुपए थी । रा.आ.बैंक की निवल स्वाधिकृत निधि 1116.15 करोड़ रुपए है । निवल-अनुपयोद्दय आस्तियें की स्थिति "शून्य" है । रा.आ.बैंक को वर्ष 2001-02 में सकल लाभ 158.21 करोड़ रुपए हुआ । अन्य संस्थानों के साथ 1992 के अपने निवेश कारोबार से संबंधित सभी लंबित विवाद सर्वोह्वच न्यायालय के आदेशों के अनुसार सुलझा लिए गए हैं ।

06 नवम्बर, 2002 (आर.वी. वर्मा)

कार्यपालक निदेशक

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