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प्रेस विज्ञप्तियां

रा.आ.बैंक ने कैपिटल गेंस बांडों पर कूपन दर घटाई

1. बाजार में ब्याज दरों की चालू प्रवृत्ति और आसान अर्थ सुलभता की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, रा.आ.बैंक ने अपने खुले इश्यू कैपिटल गेंस बांडों की कूपन दर की समीक्षा की और 6 जनवरी, सोमवार से 14 जनवरी 2003 तक अस्थायी रूप से अभिदान प्राप्ति को रोकने का विनिश्चय किया ।

2. तथापि, बांड इश्यू 15 जनवरी 2003 से आगामी नोटिस जारी होने तक 6.0% प्रति वर्ष (पिछली दर 6.50%) की कूपन दर पर अभिदान के लिए पुन: खोल दिया जाएगा । इश्यू प्राइवेट प्लेसमेंट आधार पर ही जारी रहेगा । इश्यू की अन्य शर्तें जैसे मोचन अवधि 7 वर्ष तथा 3 वर्ष के बाद बेचने का विकल्प और ब्याज का भुगतान वार्षिक आधार पर 1 अप्रैल को, अपरिवर्तित रहेंगी ।

3. रा.आ.बैंक ने आरम्भ में 7.15% प्रति वर्ष, की कूपन दर पर 14 अगस्त 2002 को कैपिटल गेंस बांड का इश्यू निकाला था और बाद में 11 नवम्बर 2002 से कूपन दर घटाकर 6.50% प्रति वर्ष कर दी गई थी । दोनों ही कूपन दरों पर जारी बांड इश्यू को निवेशकों - व्यक्तियों एवं संस्थानों, से भारी समर्थन प्राप्त हुआ तथा उनसे अभिदान के रूप में लगभग एक हजार करोड़ रुपए की कुल राशि प्राप्त हुई ।

4. प्रत्यक्ष-कर केन्द्रीय बोर्ड ने रा.आ.बैंक के बांडों में निवेश पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 193 (iiबी) का लाभ दे दिया अर्थात ब्याज पर स्रोत पर आयकर की कटौती नहीं की जाएगी ।

5. रा.आ.बैंक के कैपिटल गेंस बांड आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54-ईसी की उप-धारा (3) की व्याख्या (ख) के अनुसार दीर्घ कालीन निर्दिष्ट आस्तियां हैं । 1 अप्रैल, 2002 को या उसके बाद दीर्घ कालीन पूंजीगत आस्तियों में अंतरण के कारण प्राप्त पूंजी का निवेश आस्तियों के अंतरण की तारीख से छह माह के अंदर, छूट प्राप्त की पात्रता के लिए, रा.आ.बैंक के बांडों में किया जा सकता है । अभिदान की न्यूनतम राशि 10,000/- रुपए और उसके बाद उसके गुणकों में होगी । बांड खुले रहेंगे तथा रा.आ.बैंक को यह इश्यू किसी भी समय रोकने/बंद का अधिकार होगा । बांड अहस्तांतरणीय, अपरक्राम्य हैं तथा ऋण या अग्रिम लेने के लिए प्रतिभूति के रूप में नहीं दिए जा सकते हैं ।

6. चूंकि रा.आ.बैंक द्वारा जारी बांड प्रकृति से अग्रता क्षेत्र के हैं, अनुसूचित बैंकों द्वारा निवेश करने पर वे अग्रता क्षेत्र निवेश सूची में शामिल होने के लिए पात्र होंगे और इसके अतिरिक्त वर्धमान निक्षेपों के 3% आवास वित्त आबंटन और पूंजी पर्याप्तता अनुपात के प्रयोजनार्थ 20% जोखिम भार के लिए भी पात्र होंगे । बैंकों को रा.आ.बैंक के बांडों में निवेश के लिए अधिकतम सीमा 5% से भी छूट प्राप्त होगी ।

 

(बी. हनुमंत राव)

महाप्रबंधक

 
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