5.दंड धारा
परियोजना पूरी करने में विलम्ब होने पर परियोजना के कुल मूल्य का 2%, प्रति सप्ताह, के आधार पर और अधिकतम 10% तक जुर्माना किया जाएगा । यदि विलम्ब 5 सप्ताह से अधिक हुआ तो अनुबंध/कार्य आदेश निरस्त किया जा सकता है और बैंक वेंडर से ब्याज सहित सम्पूर्ण अग्रिम राशि और जुर्माना के रूप में परियोजना राशि के 10% अतिरिक्त राशि का दावा कर सकता है ।
वारंटी/एटीएस के दौरान उत्पन्न समस्या को दूर करने में देरी होने पर भी जुर्माना डाला जाएगा । वेंडर को सूचित समस्या का निदान पहली बार रिपोर्ट करने से 72 घंटे में ठीक करना होगा । समस्या को दूर करने में विलम्ब होने पर कुल परियोजना लागत का 1%, प्रति दिन की दर से और अधिकतम 10% तक जुर्माना डाला जाएगा । किसी भी हालत में किसी भी मामले में 7 दिन से अधिक देरी नहीं होनी चाहिए । उस स्थिति में बैंक कार्य आदेश निरस्त कर सकता है और वेंडर को अदा की गई पूरी राशि लौटाने के लिए कह सकता है ।
6. बोली प्रस्तुत करने पर व्यय
बोलीकर्ता बोली तैयार करने और प्रस्तुत करने पर हुआ व्यय स्वयं वहन करेगा और बैंक बोली प्रस्तुत करने से संबंधित किसी भी व्यय के लिए किसी भी प्रकार उत्तरदायी नहीं होगा ।
7. बोली संबंधी दस्तावेज
बोलीकर्ता से बिडिंग दस्तावेजों में उल्लिखित सभी अनुदेशों, फार्मों, नियम एवं शर्तों, तकनीकी विनिर्देशों की जांच करने की अपेक्षा की जाती है । बिडिंग दस्तावेज पूरी तरह बिड के अनुरूप न होने के लिए बोलीकर्ता उत्तरदायी होगा और बोलीकर्ता को कोई सूचना दिये बिना उसकी बोली निरस्त की जा सकती है ।
- बोली दस्तावेजों में संशोधन
बोली जमा करने की अंतिम तारीख एवं समय से पूर्व किसी भी समय, बैंक, किसी भी कारण से, अपने निर्णयानुसार बोली दस्तावेजों में संशोधन कर सकता है । सभी संशोधन बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे ।
भावी बोलीकर्ताओं को अपनी बोलियें में संशोधनों करने के लिए, यदि कोई हो, बैंक स्व निर्णयानुसार, पर्याप्त समय देने हेतु, बोलियां प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख बढ़ा सकता है ।
बोली बैंक द्वारा बोली खोलने की निर्धारित तारीख से छह माह तक वैध रहेंगी । इससे कम अवधि की वैधता वाली बोली को बैंक द्वारा अनुरूप न पाये जाने के कारण रद्द कर दिया जाएगा ।
मूल्य केवल भारतीय रूपये में ही दिये जाएंं ।
मौजूदा कार्य के लिए, दो चरण वाली बोली प्रक्रिया को अपनाया जाएगा । आरएफपी के प्रत्युत्तर में दो हिस्सों में बोली प्रस्तुत की जाएगी :
* तकनीकी बोली - भाग I
* वाणिज्यिक बोली - भाग II
बोलीकर्ता तकनीकी बोली और बोली का वाणिज्यिक भाग अलग-अलग दो भागों में लाल लाख से सील बंद लिफाफों में प्रस्तुत करेगा जिनके ऊपर ''भाषा परिवर्तन सॉफ्टवेयर'', ''तकनीकी बोली'' या ''वाणिज्यिक बोली'', जो भी मामला हो, लिखा हो ।
तकनीकी बोली में मूल्य संबंधी या वाणिज्यिक कोई सूचना नहीं होगी ।
बोली टाइप की गई हो या अमिट स्याही से लिखी गई हो और उस पर बोलीकर्ता या उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर हों । प्राधिक ार संबंधी लिखित मुख्तारनामा बोली के साथ संलग्न हो । बोली दस्तावेज के सभी पृष्ठों पर बोलीदाता व्यक्ति/व्यक्तियों के हस्ताक्षर हों ।
बोली में कोई कांटछांट, मिटाया गया या ऊपर से लिखा हुआ आदि न हो सिवाय बोलीकर्ता द्वारा हुई किसी गलती को ठीक करने के लिए जरूरी हो, ऐसी स्थिति में सशोधनों पर बोलीदाता व्यक्ति/व्यक्तियों के आद्यक्षर होने चाहिए ।
बोलीकर्ता लाल लाख से सील बंद दोनों लिफाफों को एक तीसरे लिफाफे में बंद करेगा जिस पर भी लाल लाख की सील लगी हो ।
इस दस्तावेज के पृष्ठ 2 पर उल्लिखित समय और तारीख तक बोली निम्नलिखित पते पर बैंक को भेज देनी चाहिए ।
महाप्रबंधक
राष्ट्रीय आवास बैंक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
मुख्य कार्यालय, कोर 5-ए, तीसरी मंजिल
भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली - 110 003
- बोली प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख और समय
बोलियां बोली दस्तावेज में उल्लिखित पते पर निर्धारित तारीख और समय तक या धारा 7 के अनुसार बैंक द्वारा वृद्धित समय तक बैंक को मिल जानी चाहिए । यदि बोलियां प्रस्तुत करने की नियत तारीख को बैंक में घोषित अवकाश हो तो बोलियां अगले कार्य दिवस को निर्धारित समय तक स्वीकार की जाएंगी ।
- विलम्ब से प्रस्तुत बोलियां
बेलियां प्रस्तुत करने की निर्धारित अंतिम समय सीमा के बाद प्राप्त बोलियां अस्वीकार कर दी जाएंगी और/या बोलीकर्ता को बिना खुले लौटा दी जाएगी, यदि वह ऐसा चाहे ।
- बोलियों में संशोधन और/या वापस लेना
- बोलियां प्रस्तुत हो जाने के बाद अंतिम समझी जाएंगी और उस पर कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा ।
- बोलियां प्रस्तुत करने के अंतिम समय के बाद किसी भी बोली में संशोधन नहीं किया जाएगा ।
- यदि बोलीकर्ता सफल बोलीदाता हुआ तो उसे बोली वापस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
- प्रस्तुत किये जाने वाले दस्तावेजों में सूचना
- तकनीकी बोली लिफाफे (सीलबंद लिफाफा) में वांछित दस्तावेज
- अनुलग्नक 'क' के भाग-I के अनुसार बोलीकर्ता की सूचना
- अनुलग्नक 'क' के भाग-II के अनुसार सेवा सूचना
- अनुलग्नक 'क' के भाग-III के अनुसार प्रतिज्ञा पत्र
- अनुलग्नक 'ख' - अनुपालन विवरणी घोषणा
- वाणिज्यिक बोली लिफाफे (सीलबंद लिफाफा) में वांछित दस्तावेज
I. वाणिज्यिक प्रस्ताव : प्रस्ताव अनुलग्न 'ग' में दिये वाणिज्यिक बोली फार्मेट के अनुसार होना चाहिए और उसमें सभी कुछ, कर एवं अन्य सरकारी उद्ग्रहण आदि सहितं, शामिल होना चाहिए ।
भुगतान वार्षिक आधार पर किया जाएगा ।
क. कार्य आदेश स्वीकार करने पर कुल परियोजना लागत का 30 प्रतिशत अग्रिम भुगतान । अग्रिम भुगतान परियोजना लागत के 35% की निष्पादकता बैंक गारंटी जो वारंटी अवधि तक मान्य होगी, प्रस्तुत करने पर ही किया जाएगा ।
ख. परियोजना के लाइव क्रियान्वयन के बाद कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत ।
ग. वारंटी अवधि पूरी होने के बाद कुल परियोजना लागत का 20 प्रतिशत ।
टिप्पणी : यदि चयनित वेंडर कार्य आदेश प्रस्तुत करने से एक माह के भीतर बैंक गारंटी प्रस्तुत नहीं करता है तो कुछ भी अग्रिम नहीं दिया जाएगा और लाइव क्रियान्वयन के बाद ही 80% भुगतान किया जाएगा ।
18. बिड खोलना और मूल्यांकन
बैंक तकनीकी बोलियों को बोली दस्तावेज में उल्लिखित निर्धारित तारीख व समय पर उपस्थित होने के इच्छुक बोलीकर्ताओं के प्रतिनिधि की उपस्थिति में तथा शीर्षक 'बोलियां प्रस्तुत करना' की धारा-11 में उल्लिखित स्थान पर खोलेगा ।
इस अवसर पर उपस्थित बोलीकर्ताओं या उनके प्रतिनिधि अपनी उपस्थिति के साक्ष्य में रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे । यदि 'बिड ओपनिंग' के लिए निर्धारित तारीख पर बैंक में अवकाश घोषित किया जाता है तो बिड अगले कार्यदिवस पर पूर्व निर्धारित समय और स्थान पर खोली जाएंगी ।
पहले चरण में, केवल तकनीकी बोली खोली एवं मूल्यांकित की जाएंगी । बैंक द्वारा निर्धारित तकनीकी अपेक्षाओं को पूरा करने वाले और इस दस्तावेज की शर्तों व नियमों को स्वीकार करने वाले बोलीकर्ताओं की सूची बनायी जाएगी । दूसरे चरण में, सूची बद्ध किये बोलीकर्ताओं की वाणिज्यिक बोली खोली जाएंगी । बैंक को यह अधिकार होगा कि वह बिना कोई कारण बताए किसी भी तकनीकी बोली को स्वीकृत या अस्वीकृत करे। इस संबंध में बैंक का निर्णय अंतिम होगा तथा सभी बोलीकर्ताओं पर बाध्यकारी होगा ।
उन्हीं बोलीकर्ताओं की वाणिज्यिक बोली खोली जाएंगी जिनकी तकनीकी बोलियां बैंक द्वारा उपयुक्त पाई गई।
- बोली प्रक्रिया के लिए मूल्यांकन मापदंड
फर्मों से प्राप्त बोलियों का मूल्यांकन उनकी तकनीकी एवं वित्तीय क्षमता के आधार पर किया जाएगा । सर्वप्रथम तकनीकी योग्यता का मूल्यांकन किया जाएगा और केवल उन्हीं फर्मों जो सभी पूर्व-योग्ता मानदंड पूरी करती होंगी, को तकनीकी योग्यता प्राप्त माना जाएगा तथा वे ही वित्तीय बोली दौर में शामिल होने की पात्र होंगी । तकनीकी दृष्टि से योग्य बोलीदाताओं में सबसे कम बोली देने वाले को परियोजना कार्य सौंपा जाएगा ।
बोलियों का तकनीकी मूल्यांकन उत्पाद शिल्प/प्रयुक्त प्रौद्योगिकी, उत्पाद प्रस्तुतीकरण और संकल्पना का प्रमाण और प्रयोगकर्ताओं से प्राप्त जानकारी के आधार पर किया जाएगा । बोलीदाताओं को अपने प्रयोगकर्ताओं से जहां उत्पाद को कार्यान्वित किया गया हो, संतुष्टि प्रमाण पत्र लेकर प्रस्तुत करना होगा । बोली दस्तावेज के साथ प्रयोगकर्ता का सम्पर्क ब्योरा संलग्न किया जाए । इसके अतिरिक्त, बोलीदाता को बैंक द्वारा गठित समिति को उनके द्वारा दिये जा रहे उत्पाद के लिए 'प्रूफ आफ कान्सेप्ट'(पीओसी) प्रदर्शित करना होगा । पीओसी के लिए, बोलीदाताओं को अपने उत्पाद का बैंक के एप्लीकेशन में उपलब्ध एसएपी फार्मों एवं रिपोर्टों के कम से कम 5% पर प्रदर्शन करना होगा । बैंक की समिति द्वारा पीओसी सफल पाये जाने पर ही तकनीकी दृष्टि से विचार किया जाएगा ।
बोलियों की जांच, मूल्यांकन एवं तुलनात्मक अध्ययन में सहायता हेतु, बैंक स्व विवेक से, बोलीदाताओं से स्पष्टीकरण मांग सकता है जिसे वे लिखित देंगे और बोली कें मूल्य या विषयवस्तु में कोई भी परिवर्तन करने की छूट या अनुमति नहीं दी जाएगी ।
21. प्राथमिक जांच
बैंक बोलियों की जांच करके निर्धारित करेगा कि वे पूरी हैं, गणना में कोई भूल तो नहीं हुई है, क्या बोली दस्तावेज में मांगी गई अपेक्षित सूचना दी गई है, क्या दस्तावेजों पर हस्ताक्षर ठीक से किए गए हैं और क्या बिड मोटेतौर से ठीक है ।
विनिर्देशों के अनुसार बिड न पाये जाने पर बैंक उसे अस्वीकार कर देगा ।
22. बिड अग्रिम राशि और आरएफपी का मूल्य
बोलीदाताओं को राष्ट्रीय आवास बैंक के नाम, दिल्ली में देय, मांग ड्राफ्ट के रूप में बतौर बोली अग्रिम राशि के लिए 20,000/- रुपये (सफल बोलीदाताओं को वारंटी अवधि के बाद वापसी योग्य और असफल बोलीदाताओं को चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद) (केवल बीस हजार रुपये) और आरएफपी मूल्य के लिए 2000/- रुपये (केवल दो हजार रुपये) तकनीकी बोली के साथ संलग्न करना चाहिए, जिसके न होने पर बोली पर कोई विचार नहीं किया जाएगा ।
23. क्रय प्राथमिकता
सार्वजनिक उद्यम विभाग के निर्देशानुसार केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की यूनिटों के क्रय की सुविधा उपलब्ध होगी ।
24. बैंक से सम्पर्क
बैंक द्वारा बोली के मूल्यांकन, बोली के तुलनात्मक अध्ययन या अनुबंध देने के निर्णय को प्रभावित करने के लिए बोलीकर्ता द्वारा कोई प्रयास करने पर बोलीदाता की बिड अस्वीकृत की जा सकती है । बैंक का निर्णय अंतिम व निष्पक्ष होगा तथा जो सभी पक्षों पर बाध्यकारी होगा ।
25. बैंक को कोई या सभी बोलियों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार
बैंक को कोई भी बिड स्वीकार या अस्वीकार करने और बिडिंग प्रक्रिया को रद्द करने या सभी बोलियों को अनुबंध सौंपने से पहले किसी भी समय रद्द करने का अधिकार होगा जिसके लिए बैंक का संबंधित बोलीदाता/बोलीदाताओं के प्रति कोई दायित्व या बैंक की कार्रवाई के बारे में संबंधित बोलीदाता/बोलीदाताओं को सूचित करने के लिए उत्तरदायित्व नहीं होगा ।
बैंक को अपनी बडी जरूरत के अनुसार एक से अधिक बोलीदाताओं का चयन करने का अधिकार होगा ।
26. अनुबंध पर हस्ताक्षर
सफल बोलीदाता(ओं) को वेंडर कहा जाएगा, उसे बैंक के साथ निविदा सेंपे जाने से 7 दिनों के भीतर या बैंक द्वारा निर्दिष्ट वृद्धित अवधि के भीतर जिसे बैंक द्वारा निर्धारित किया जाएगा, सर्विस लेबल करार (एसएलए) करना होगा ।
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