तुरत सम्पर्क |
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| निविदा सूचना |
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पुस्तकालय सॉफ्टवेयर लेने के लिए प्रस्ताव आमंत्रण |
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सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
मुख्य कार्यालय, राष्ट्रीय आवास बैंक
कोर 5-ए, तीसरी मंजिल, भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली - 110 003
फोन : 011 - 24649432/011-24611070
ई-मेल : rahulp@nhb.org.in / souravs@nhb.org.in |
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नोट : तकनीकी बोलियां उन बोलीकर्ताओं की उपस्थिति में खोली जाएंंगी जो उपस्थित होना चाहते हैं । |
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बोलियों का ब्योरा |
1. |
बोली दस्तावेज बिक्री शुरू होने की तारीख |
22/05/2009 |
2. |
बोली दस्तावेज बिक्री की अंतिम तारीख एवं समय |
19/06/2009
17.00 बजे |
3. |
बोली दस्तावेज प्राप्त होने की अंतिम तारीख एवं समय |
19/06/2009
17.00 बजे |
4. |
तकनीकी बोलियां खोलने की तारीख एवं समय |
22/06/2009
12.00 बजे |
5. |
आरएफपी का मूल्य |
रुपये 2,000/- (अप्रतिदेय) |
6. |
बयाना जमा राशि |
रुपये 20,000/- (केवल बीस हजार रुपये) |
7. |
बोलियां खोले जाने का स्थान |
राष्ट्रीय आवास बैंक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
मुख्य कार्यालय
कोर 5-ए, तीसरी मंजिल, भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली - 110 003 |
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विषय-वस्तु तालिका |
क्रम सं. |
विषय |
पृष्ठ सं. |
1. |
बोलीदाताओं के लिए निर्देश |
4 |
2. |
बोलीदाताओं हेतु सूचना एवं सेवा सूचना (अनुलग्नक-क) |
16 |
3. |
घोषणा अनुपालन बयान (अनुलग्नक-ख) |
20 |
4. |
वाणिज्यिक बोली के लिए फार्मेट (अनुलग्नक-ग) |
21 |
5. |
पूर्व अर्हता मानदंड (अनुलग्नक-घ) |
22 |
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| |
बोलीदाताओं के लिए निर्देश
राष्ट्रीय आवास बैंक
राष्ट्रीय आवास बैंक (रा.आ. बैंक) भारतीय रिजर्व बैंक के सम्पूर्ण स्वामित्वाधीन एक सांविधिक संगठन है । रा.आ. बैंक संसद के एक अधिनियम के तहत गठित एक शीर्ष वित्तीय संस्थान है जिसका मुख्य कार्य आवास वित्त का विनियमन तथा आवास वित्त क्षेत्र का संवर्धन एवं विकास करना है ।
आवास वित्त कंपनियों का विनियमन करने के अतिरिक्त, रा.आ. बैंक आवास वित्त कंपनियों के इक्विटी में हिस्सेदारी करके और वित्तीय संस्थानों जैसे बैंकों, आवास वित्त कंपनियों, सहकारी क्षेत्र के संस्थानों, आवास एजेंसियों आदि को पुनर्वित्त सुविधा उपलब्ध कराता है जिससे शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों की जनता लाभान्वित होती है ।
रा.आ. बैंक का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है और इसका क्षेत्रीय कार्यालय मुम्बई में और प्रतिनिधि कार्यालय बैंगलूरू, चेन्नै, कोलकाता ,हैदराबा। लखनऊ तथा अहमदाबाद में स्थित हैं ।
1. प्रयोजन
राष्ट्रीय आवास बैंक (अब के बाद इसे बैंक कहा जाएगा) जिसका मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में है, अपने ज्ञान केन्द्र को स्वचालित करने के लिए पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली (एलएमएस) के लिए सॉफ्टेवयर लेना चाहता है जिसका कार्य क्षेत्र में उल्लेख किया गया है । सिस्टम को बैंक की जरूरतो के अनुसार विस्तारित किया जा सकता हे।
आरएफपी का प्रयोजन बैंक के दिल्ली कार्यालय में पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली (एलएमएस) के लिए पैकेज/पैकेजों को अधिष्ठापित तथा सहायता के लिए योग्य बोलीदाताओं से प्रस्ताव आमंत्रित करना है, क्रियान्वयन बैंक की अपेक्षाओं के अनुसार किया जाना है । तकनीकी और वाणिज्यिक बोलिया (अलग-अलग प्रस्तुत की जाएं) यहां उल्लिखित नियम एवं शर्तों के अनुसार उक्त कार्य के लिए बोलीदाताओं से आमंत्रित की जाती हैं ।
2. कार्य क्षेत्र
बैंक का ज्ञान केन्द्र दिल्ली कार्यालय में है । वर्तमान में ज्ञान केन्द्र में लगभग आठ हजार पुस्तकें और पत्रिकाएं हैं जिनकी वृद्धि होने की संभावना है । फिलहाल हम ज्ञान केन्द्र का कार्य मैनुअली कर रहे हैं । प्रणाली को स्वचालित करने के लिए, हम अपने ज्ञान केन्द्र के लिए एक उपयुक्त पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली क्रियान्वित करने के इच्छुक हैं । पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली के लिए सॉफ्टवेयर उत्पाद के क्रियात्मक अपेक्षाएं निम्नानुसार हैं :
2.1 कार्यात्मक विशिष्टताएं
- अधिग्रहण एवं स्टॉक प्रबंधन : पुस्तकालय सॉफ्टवेयर का अधिग्रहण माडयूल ज्ञान केन्द्र के निम्नलिखित मुख्य कार्यों को करने में सक्षम होना चाहिए :
- पुस्तकों एवं पत्रिकाओं (सीरियलों) को मंगाने के लिए अनुरोध
- करेंसी, वेंडर, प्रकाशक आदि के लिए मास्टर फाइल, पुस्तकों एवं पत्रिकाओं के मुख्य डाटा अलग-अलग,
- पुस्तकों एवं पत्रिकाओं के लिए आदेश पर अनुवर्ती कार्रवाई, रद्द करना तथा भुगतान/ अभिदान के लिए अनुस्मारक,
- बजटीय नियंत्रण,
- प्राप्ति, भुगतान,
- पत्रिकाओं की वापिसी,
- मानदंडों से संबंधित रिपोर्टें (एमआईएस) जैसे एक निर्धारित समय में क्रय, किसी विषय विशेष पर एक निर्धारित समय में क्रय, प्राधिकारी के अनुमोदन से क्रय आदि,
- पुस्तकों एवं पत्रिकाओं के लिए स्टॉक/इन्वेंटरी प्रबंधन (स्टॉक सत्यापन सहित)
- सूचीपत्र : पुस्तकालय सॉफ्टवेयर के सूचीपत्र माडयूल में पुस्तकालय के पुराने संसाधनों के साथ ही नए प्राप्त पुस्तकालय संसाधनों को परिवर्तित करने की सुविधा होनी चाहिए । माडयूल में निम्नलिखित विशेषताएं होनी चाहिए :
- मौजूदा स्टॉक का सूचीपत्र बना सके,
- प्रशासक/सूचीपत्र तैयारकर्ता विभिन्न पुस्तकालय संसाधनों की डाटा एंट्री के लिए अपने टेमप्लेट बना सके,
- यूनीकोड करैक्टर सेट का प्रयोग करके बहु-भाषा डाटाबेस व हिन्दी,
- इलैक्ट्रानिक संसाधनों का सूचीपत्र तैयार करने में सहायक होना चाहिए जैसे ई-जर्नल्स, ई-बुक्स, अर्थात किसी भी प्रकार की सामग्री,
- सूचीपत्र तैयार करने के लिए एएसीआर-II नियमों का पालन करना चाहिए,
- पत्रिकाओं और ई-जर्नल्स का सूचीपत्र बनाना, तथा पत्रिकाओं में पिछले परिवर्तनों का रिकार्ड रखना चाहिए,
- पत्रिकाओं/पुस्तकों के लेखों का सूचीपत्र तैयार करना ।
- परिचालन - इस माडयूल में विभिन्न माडयूलों के द्वारा परिचालनों के सभी कार्यों और पुस्तकों तथा पत्रिकाओं के आरक्षण का लेखाजोखा रखा जा सके । परिचालन माडयूल के मुख्य कार्य निम्नानुसार होने चाहिए :
- सदस्य आईडी तथा मद आईडी को रखने के लिए बारकोड/आरएफआईडी की सहायता
- सदस्यता
- लेनदेन
- शीर्षकों को रखन
- समयोपरि प्रबंधन
- अनुस्मारक
- मदों का अनुरक्षण जैसे जिल्दसाजी, गुम होना, बदलना, खो जाना, निकालना आदि
- विभिन्न अपेक्षओं पर आधारित रिपोर्ट तैयार करना
- ऑनलाइन सार्वजनिक एक्सेस - ऑनलाइन सार्वजनिक एक्सेस सरल एवं उन्नत सर्च सुविधा होनी चाहिए जिसमें मद के बारे में कम से कम सूचना देने की जरूरत हो जैसे लेखक, या शीर्षक, या कारपोरेट निकाय, या सम्मेलन का नाम, या विषय/ कीवर्ड/ क्लास नम्बर/ सिरीज नाम, या एक्सेशन नम्बर या मद के बारे में कोई दो या अधिक जानकारी । उत्पाद में वेब-ब्राउशर आधारित एक्सेस से सूचीपत्र सर्च का प्रावधान होना चाहिए तथा रा.आ.बैंक के सदस्यों द्वारा इंटरनेट/इंटरानेट पर मांग भेजने की सुविधा होनी चाहिए ।
- प्रशासन - इस माडयूल से विभिन्न प्रयोक्ताओं को माडयूल के बहुं या एकल तथा सॉफ्टवेयर के उप माडयूलों के एक्सेस उपलब्ध कराने और डाटाबेस प्रबंधन के लिए विभिन्न अन्य अधिकार जो नीचे दिये हैं, देने के लिए एडमिनिस्ट्रेटर को अधिकार देना चाहिए -
- नीति के आधार पर प्रयोगकर्ताओं के ग्रुप बनाना
- सिस्टमों पर लेनदेन का अधिकार
- प्रयोगकर्ताओं के लेनदेन स्तर की सुरक्षा
- विभिन्न कॉनफिग्यूरेशन सेटिंग्स जैसे लेबल, ई-मेल व साफ्टवेयर प्रयोग से संबंधित अन्य मानदंड
- डिजीटल पुस्तकालय की अपेक्षाओं को पूरा करना चाहिए और फुल-टेक्स्ट मदों तथा अन्य इलैक्ट्रॉनिक संसाधनों से लिंक करने में सुविधा करे ।
2.2 तकनीकी विशिष्टताएं
सॉफ्टवेयर उत्पाद इन्टेल प्लेटफार्म (32बिट व 64 बिट प्रोसेसर), विंडोज सर्वर (2000 व 2003) आपरेटिंग सिस्टम और एसक्यूएल सर्वर (2000 व 2005) डाटाबेस के अनुरूप होना चाहिए । वेब-आधारित घटक सभी सामान्य ब्रोशर (जैसे इंटरनेट एक्सप्लोरर, फायरफाक्स आदि) के अनुरूप होना चाहिए।
2.2 डेलीवरेबल्स
- एलएमएस के लिए सॉफ्टवेयर उत्पाद जैसाकि कार्य के क्षेत्र में दिया गया है और सभी संबंधित सॉफ्टवेयर घटक जैसे वेब सर्वर, एप्लीकेशन सर्वर, माइग्रेशन टूल्स आदि की आपूर्ति करना । उत्पाद लाइसेंसों की अपेक्षाएं निम्नानुसार हैं :
- हाउसकीपिंग/एडमिनिस्ट्रेशन कार्यों के लिए दो प्रयोक्ता लाइसेंस
- ओपीएसी के लिए 300 नाम वाले प्रयोक्ता लाइसेंस
- बैंक की जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर साल्यूशनों को अधिष्ठापित, कस्टोमाइज और क्रियान्वित करना
- वारंटी/एटीएस अवधि के दौरान सभी अपग्रेड्स/अपडेट तथा पैचेज बिना किसी अतिरिक्त लागत के उपलब्ध कराने होंगे ।
- सभी अपडेशन/अपग्रेडेसन/जारी नए संस्करण 3 माह के अंदर क्रियान्वित कर देने चाहिए (यदि बैंक उन्हें लेना चाहता हो) ।
- उत्पाद की आपूर्ति करने से पूर्व चयनित वेंडर सम्पूर्ण सॉफ्टवेयर उत्पाद का लाइव प्रदर्शन बैंक को करेगा जिसमें सॉफ्टवेयर साल्यूशन के सभी कार्यात्मक पहलुओं का विवरण दर्शाया जाएगा ।
- वेंडर द्वारा रा.आ.बैंक नई दिल्ली में एक बार प्रशिक्षण (अधिकतम 3 बैचों में) न:शुल्क दिया जाएगा । प्रशिक्षण की अवधि पर्याप्त एवं बैंक की संतुष्टि अनुसार होनी चाहिए । प्रशिक्षण निम्नानुसार श्टणीबद्ध किया जाए -
- अधिष्ठापन एवं अनुरक्षण प्रशिक्षण
- कार्यात्मक/परिचालनात्मक प्रशिक्षण
- प्रयोक्ता प्रशिक्षण
वेडर सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दस्तावेज, हार्ड कापी व सॉफ्ट कापी (सीडी)में, उपलब्ध कराएगा । प्रशिक्षण दस्तावेजों में निम्नलिखित शामिल होना चाहिए -
- अधिष्ठापन, कॉनफिग्यूरेशन, मानीटरिडग आदि के लिए प्रशासनिक मैनुअल
- प्रत्येक परिचालन कार्य के लिए प्रयोक्ता संदर्भ मैनुअल
- बोलीदाता सोर्स कोड के लिए या तो निलंब व्यवस्था अपने व्यय पर या स्वयं ही वांछित दस्तावेजों के साथ अद्यतन सोर्स कोड बैंक को उपलब्ध कराएगा ।
3. वारंटी एवं वार्षिक तकनीकी सपोर्ट (एटीएस)
उत्पाद कम से कम एक वर्ष तक वारंटी अधीन रहेगा जिसके दौरान एडीशन/माडीफिकेशन/बग फिक्सिंग बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किया जाएगा । इसके अतिरिक्त सभी अपग्रेड, पैचेज वारंटी अवधि के दौरान न:शुल्क उपलब्ध कराये जाएंगे । वारंटी अवधि सभी माडयूलों के लाइव क्रियान्वयन के बाद से शुरू होगी । (*लाइव क्रियान्वयन से आशय है कि सम्पूर्ण सिस्टम को प्रोडक्शन एन्वायरनमेंट पर डाला गया है और लाइव क्रियान्वयन को प्रयोक्ता द्वारा स्वीकार करने और प्रोजेक्ट हस्ताक्षर के बाद माना जाएगा ।)
एटीएस वारंटी अवधि समाप्त होने के बाद आरंभ होगा । एटीएस के तहत ट्रबल शूटिंग, बग्स/एरर को हटाना (यदि अपेक्षित हुआ) शामिल होना चाहिए । एटीएस अवधि के दौरान सभी अपग्रेड/अपडेट्स/जारी नए संस्करण न:शुल्क उपलब्ध कराये जाएंगे । वारंटी अवधि समाप्त होने के बाद बैंक और चयनित वेंडर के बीच एक अलग एटीएस अनुबंध, प्रत्येक वर्ष, किया जाएगा ।
वारंटी और एटीएस ऑफ-साइट हो सकता है और ट्रबल-शूटिंग कार्य टेलीफोन, फैक्स, ई-मेल आदि से किया जा सकता है । यद्यपि, यदि समस्या का निदान आफ-साइट सहायता से, समस्याओंं की पहली सूचना के बाद 48 घंटे में नहीं हुआ तो वेंडर अपने इंजीनियर को बैंक के दिल्ली कार्यालय में भेजेगा जिंसके लिए बैंक कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करेगा ।
वेंडर को घोषणा देनी होगी कि वे 4 वर्ष तक के लिए एटीएस (वारंटी के बाद) यदि बैंक चाहे, उपलब्ध कराएंगे ।
4. परियोजना तालिका
चयनित वेंडर अपने प्रतिनिधियों को कार्य आदेश प्राप्त होने से 10 दिन के अंदर अपेक्षित जरूरत का विस्तृत अध्ययन करने के लिए रा.आ.बैंक भेजेगा । यह परियोजना पूरी (अर्थात लाइव क्रियान्वयन) करने के लिए निर्धारित समय सीमा इस कार्य आदेश की तारीख से 3 कैलेंडर माह है । परियोजना के लिए चरण बद्ध आधार पर समय निम्नानुसार है : |
| |
क्रम सं. |
परियोजना माइलस्टोन |
पूरा करने के लिए समय |
टिप्पणी |
1 |
जरूरतों का अध्ययन पूरा करने के लिए समय |
15 दिन |
वेंडर का कार्य (रा.आ.बैंक के अधिकारियों के सहयोग से) |
2 |
एसआरएस दस्तावेज प्रस्तुत करना |
7 दिन |
वेंडर का कार्य |
3 |
जांच-पड़ताल, पुन:कार्य व एसआरएस साइन ऑफ |
15 दिन |
रा.आ.बैंक का कार्य (एसआरएस दस्तावेज में रा.आ.बैंक द्वारा प्रस्तावित कोई संशोधन/सुधार अंतिम एसआरएस का हिस्सा होगा) |
4 |
सॉफ्टवेयर की आपूर्ति और अधिष्ठापन व डाटा क्रियेशन/अपलोडिंग |
15 दिन |
वेंडर का कार्य |
5 |
प्रयोक्ता प्रशिक्षण एवं फीडबैक |
10 दिन |
वेंडर का कार्य |
6 |
अंतिम बार जानकारी देना और पुन:नियोजन (यदि हो) |
15 दिन |
वेंडर का कार्य |
7 |
परियोजना साइन ऑफ |
15 दिन |
रा.आ.बैंक का कार्य |
|
| |
5.दंड धारा
परियोजना पूरी करने में विलम्ब होने पर परियोजना के कुल मूल्य का 2%, प्रति सप्ताह, के आधार पर और अधिकतम 10% तक जुर्माना किया जाएगा । यदि विलम्ब 5 सप्ताह से अधिक हुआ तो अनुबंध/कार्य आदेश निरस्त किया जा सकता है और बैंक वेंडर से ब्याज सहित सम्पूर्ण अग्रिम राशि और जुर्माना के रूप में परियोजना राशि के 10% अतिरिक्त राशि का दावा कर सकता है ।
वारंटी/एटीएस के दौरान उत्पन्न समस्या को दूर करने में देरी होने पर भी जुर्माना डाला जाएगा । वेंडर को सूचित समस्या का निदान पहली बार रिपोर्ट करने से 72 घंटे में करना होगा । समस्या को दूर करने में विलम्ब होने पर कुल परियोजना लागत/अनुरक्षण लागत (एटीएस के दौरान) का 1%, प्रति दिन की दर से और अधिकतम 10% तक जुर्माना डाला जाएगा। किसी भी स्थिति में किसी एक मामले में भी 7 दिन से अधिक देरी नहीं होनी चाहिए । उस स्थिति में बैंक कार्य आदेश निरस्त कर सकता है और वेंडर को अदा की गई पूरी राशि का दावा कर सकता है ।
6. बोली प्रस्तुत करने पर व्यय
बोलीकर्ता बोली तैयार करने और प्रस्तुत करने में हुआ व्यय स्वयं वहन करेगा और बैंक ऐसे किसी भी व्यय के लिए उत्तरदायी नहीं होगा चाहे बोली प्रक्रिया के कारण ही क्यों न हुआ हो।
7. बोली संबंधी दस्तावेज
बोलीकर्ता से बिडिंग दस्तावेजों में उल्लिखित सभी अनुदेशों, फार्मों, नियम एवं शर्तों, तकनीकी विनिर्देशों की जांच करने की अपेक्षा की जाती है । बिडिंग दस्तावेज पूरी तरह बिड के अनुरूप न होने के लिए बोलीकर्ता उत्तरदायी होगा और बोलीकर्ता को कोई सूचना दिये बिना उसकी बोली निरस्त की जा सकती है ।
- बोली दस्तावेजों में संशोधन
बोली जमा करने की अंतिम तारीख एवं समय से पूर्व बैंक कभी भी, किसी भी कारण से, अपने निर्णयानुसार बोली दस्तावेजों में संशोधन कर सकता है । सभी संशोधन बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
भावी बोलीकर्ताओं को, यदि कोई हो, अपनी बोलियां संशोधनों के अनुसार तैयार करने के लिए पर्याप्त समय देने हेतु, बैंक, स्व निर्णयानुसार, बोलियां प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख बढ़ा सकता है ।
बोली बैंक द्वारा बोली खोलने की निर्धारित तारीख से छह माह तक वैध रहेंगी । इससे कम अवधि की वैधता वाली बोली को बैंक द्वारा अनुरूप न पाये जाने के कारण रद्द कर दिया जाएगा ।
मूल्य केवल भारतीय रूपये में ही दिये जाएंं ।
मौजूदा कार्य के लिए, दो चरण वाली बोली प्रक्रिया को अपनाया जाएगा । आरएफपी के प्रत्युत्तर में दो हिस्सों में बोली प्रस्तुत की जाएगी :
* तकनीकी बोली - भाग I
* वाणिज्यिक बोली - भाग II
बोलीकर्ता तकनीकी बोली और बोली का वाणिज्यिक भाग अलग-अलग दो भागों में लाल लाख से सील बंद लिफाफे में प्रस्तुत करेगा जिनके ऊपर ''पुस्तकालय प्रबंधन सॉफ्टवेयर'', ''तकनीकी बोली'' या ''वाणिज्यिक बोली'', जो भी मामला हो, लिखा हो ।
तकनीकी बोली में मूल्य संबंधी या वाणिज्यिक कोई सूचना नहीं होगी ।
बोली टाइप की गई हो या अमिट स्याही से लिखी गई हो और उस पर बोलीकर्ता या उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर हों । प्राधिक ार संबंधी लिखित मुख्तारनामा बोली के साथ संलग्न हो । बोली दस्तावेज के सभी पृष्ठों पर बोली पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों के आद्यक्षर हों ।
बोली में कोई कांटछांट, मिटाया आदि न हो सिवाय जो बोलीकर्ता द्वारा हुई किसी गलती को ठीक करने के लिए जरूरी हो, ऐसी स्थिति में हस्ताक्षरकर्ता बोलीदाता द्वारा उस पर आद्यक्षर किये जाएं ।
बोलीकर्ता लाल लाख से सील बंद दोनों लिफाफों को एक तीसरे लिफाफे में बंद करेगा जिस पर भी लाल लाख की सील लगी हो ।
बोली इस दस्तावेज के पृष्ठ 2 पर उल्लिखित समय और तारीख तक निम्नलिखित पते पर बैंक को भेज दी जाए ।
उप महाप्रबंधक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
राष्ट्रीय आवास बैंक
मुख्य कार्यालय, कोर 5-ए, तीसरी मंजिल
भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली - 110 003
- बोली प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख और समय
बोलियां बोली दस्तावेज में उल्लिखित पते पर निर्धारित तारीख और समय तक या धारा 7 के अनुसार बैंक द्वारा वृद्धित समय तक बैंक को मिल जानी चाहिए । यदि बोलियां प्रस्तुत करने की नियत तारीख बैंक में घोषित अवकाश हो तो बोलियां अगले कार्य दिवस को निर्धारित समय तक स्वीकार की जाएंगी ।
- विलम्ब से प्रस्तुत बोलियां
बोलियां प्रस्तुत करने की अंतिम समय सीमा के बाद प्राप्त बोलियां अस्वीकार कर दी जाएंगी और/या बोलीकर्ता को बिना खुले लौटा दी जाएगी, यदि वह ऐसा चाहे ।
- बोलियों में संशोधन और/या वापस लेना
- बोलियां प्रस्तुत हो जाने के बाद अंतिम समझी जाएंगी और उस पर कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा ।
- बोलियां प्रस्तुत करने की अंतिम समय सीमा के बाद बोली में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा ।
- यदि बोलीकर्ता सफल बोलीदाता हुआ तो उसे बोली वापस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
- प्रस्तुत किये जाने वाले दस्तावेजों में सूचना
- तकनीकी बोली लिफाफे में वांछित दस्तावेज (सीलबंद लिफाफा)
- अनुलग्नक 'क' के भाग-I के अनुसार बोलीकर्ता की सूचना
- अनुलग्नक 'क' के भाग-II के अनुसार सेवा सूचना
- अनुलग्नक 'क' के भाग-III के अनुसार प्रतिज्ञा पत्र
- अनुलग्नक 'ख' - अनुपालन विवरणी घोषणा
- वाणिज्यिक बोली लिफाफे में वांछित दस्तावेज (सीलबंद लिफाफा)
I. वाणिज्यिक प्रस्ताव : प्रस्ताव अनुलग्न 'ग' में दिये वाणिज्यिक बोली फार्मेट के अनुसार होना चाहिए और उसमें सभी कुछ, एवं कर एवं अन्य सरकारी उद्ग्रहण आदि शामिल होना चाहिए ।
भुगतान वार्षिक आधार पर किया जाएगा ।
क. कार्य आदेश स्वीकार करने पर वार्षिक अनुबंध राशि का 30 प्रतिशत अग्रिम भुगतान । अग्रिम भुगतान वारंटी अवधि तक वैध समान राशि की निष्पादकता बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर ही किया जाएगा ।
ख. परियोजना के लाइव क्रियान्वयन के बाद कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (जैसाकि धारा 3 में उल्लेख किया गया है)।
ग. वारंटी अवधि पूरी होने के बाद कुल परियोजना लागत का 20 प्रतिशत ।
टिप्पणी : यदि चयनित वेंडर कार्य आदेश प्रस्तुत करने से एक माह के भीतर बैंक गारंटी प्रस्तुत नहीं करता है तो कुछ भी अग्रिम राशि नहीं दिया जाएगी और लाइव क्रियान्वयन के बाद ही 80% भुगतान किया जाएगा। |
| |
18. बिड खोलना और मूल्यांकन
बैंक बोली दस्तावेज में उल्लिखित निर्धारित तारीख व समय पर और भाग लेने के इच्छुक बोलीकर्ताओं के प्रतिनिधि की उपस्थिति में तथा 'बोलियां प्रस्तुत करना' शीर्षक की धारा-11 में उल्लिखित स्थान पर तकनीकी बिड खोलेगा ।
इस अवसर पर उपस्थित बोलीकर्ताओं या उनके प्रतिनिधि अपनी उपस्थिति के साक्ष्य में रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे । यदि 'बिड ओपनिंग' के लिए निर्धारित तारीख पर बैंक में अवकाश घोषित किया जाता है तो बिड अगले कार्यदिवस पर पूर्व निर्धारित समय और स्थान पर खोली जाएगी ।
पहले चरण में, तकनीकी बोली खोली एवं मूल्यांकित की जाएगी । बैंक द्वारा तकनीकी अपेक्षाओं को पूरा करने वाले और दस्तावेज की शर्तों व नियमों को स्वीकार करने वाले बोलीकर्ताओं की सूची बनायी जाएगी । दूसरे चरण में, सूची बद्ध किये बोलीकर्ताओं की वाणिज्यिक बोली खोली जाएंगी । बैंक को यह अधिकार होगौ कि वह बिना कोई कारण बताए किसी भी तकनीकी बोली को स्वीकृत या अस्वीकृत कर सकता है । इस संबंध में बैंक का निर्णय अंतिम होगा तथा सभी बोलीकर्ताओं पर बाध्यकारी होगा ।
उन्हीं बोलीकर्ताओं की वाणिज्यिक बोलियां खोली जाएंंगी जिनकी तकनीकी बोलियों बैंक उपयुक्त पाता है ।
19.बोली प्रक्रिया के लिए मूल्यांकन मापदंड
विभिन्न फर्मों से प्राप्त बोलियों का मूल्यांकन उनकी तकनीकी एवं वित्तीय क्षमता के आधार पर किया जाएगा। सबसे पहले तकनीकी योग्यता का मूल्यांकन किया जाएगा (केवल उन्हीं बोलीदाताओं की जो पूर्व पात्रता शर्तें पूरी करते होंगे) और केवल वे ही फर्में जो अपेक्षित पात्रता तकनीकी योग्यता रखती हों, उन्हें ही वित्तीय बोली के दौर में शामिल होने के लिए पात्र माना जाएगा । तकनीकी और वित्तीय योग्यता के लिए प्राप्त कुल अंक फर्म के फाइनल अंक माने जाएंगे और सबसे अधिक अंक पाने वाली फर्म को परियोजना कार्य सौंपा जाएगा ।
19.1 तकनीकी बोली
तकनीक बोलियों के मूल्यांकन के लिए मानदंड एवं अंक पद्धति निम्नानुसार है :
अधिकतम अंक - 100
बोलियों के मूल्यांकन के लिए मानदंड एवं अंक पद्धति निम्नानुसार है |
| |
अधिकतम अंक 100 |
| |
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अंक मानदंड |
(अंधिकतम अंक) |
पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली के क्रियान्वयन एवं अनुरक्षण के लिए वांछित बोलीदाता का निर्दिष्ट अनुभव । उन बोलीदाताओं का प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने बैंकों, वित्तीय संस्थानों, सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, राष्ट्रीय स्तर के बड़े पुस्तकालय के लिए पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली का क्रियान्वयन किया हो ।
क्लांइट से संतोषजनक सेवा का प्रमाण पत्र भी अन्य साक्ष्य दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करना होगा । |
गुणात्मक प्रकृति का |
अंधिकतम अंक 25 |
2) कारोबार में रहने का ट्रैक
(पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली का विकास/क्रियान्वयन एवं अनुरक्षण) |
|
अंधिकतम अंक 15 |
- लगभग 7 वर्षों से कारेबार में
- 4 से 7 वर्षों से कारोबार में
- 4 वर्षों से कम कारोबार में
|
15
10 |
|
3) संगठन में कार्यरत अर्हता प्राप्त पेशावरों का ब्योरा जो पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली को क्रियान्वित/अनुरक्षण करते रहे हैं । |
|
अधिकतम अंक 12 |
- 50 से अधिक पेशेवर
- 25+ से 50 पेशेवर
- 10 से 25 पेशेवर
|
12
08
08 |
|
4. सॉफ्टवेयर विकास क्षेत्र में आईएसओ प्रमाण पत्र |
|
अधिकतम अंक 08 |
क) यदि हां
ख) यदि नहीं |
08
00 |
|
4) पिछले 3 वर्षों में कारोबार |
|
अधिकतम अंक 10 |
|
3 करोड़ रु. से 5 करोड़ रु.
5 करोड़ रु. से 8 करोड़ रु.
8 करोड़ रु. से 10 करोड़ रु.
10 करोड़ रु. और अधिक |
04
06
08
10 |
|
5) सॉफ्टवेयर उत्पाद पर प्रस्तुतीकरण/प्रदर्शन एवं पीओसी |
गुणात्मक प्रकृति का |
अधिकतम अंक 30 |
|
| |
बोलीदाता को उक्त उल्लिखित सभी मानदंडों के साक्ष्य दस्तावेजों की प्रतिलिपियां प्रस्तुत करनी होंगी जिनके बिना बोली निरस्त की जा सकती है ।
बोली को पेनल में शामिल होने के लिए वांछित न्यूनतम अर्हता अंक - 70
19.2 वित्तीय बोली
केवल तकनीकी बोली के अपेक्षित मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले बोलीकर्ताओं को वित्तीय बोली प्रक्रिया के चक्र में शामिल होने के योग्य माना जाएगा ।
वित्तीय बोली का मूल्यांकन निम्न प्रकार से होगा :
- सबसे निम्नतम बोली का अधिकतम वित्तीय योग 100 अंक होगा ।
- अन्य वित्तीय बोलियों का वित्तीय योग न्यूनतम मूल्यांकित वित्तीय बोली के साथ तुलनात्मक रूप से निर्धारित किया जाएगा ।
- वित्तीय अंकों की गणना निम्न आधार पर की जाएगी :
वित्तीय योग विचाराधीन बोली = 100 x मूल्य निम्नतम बोली
मूल्य विचाराधीन बोली
19.3 अंतिम प्रक्रिया
- प्रस्तावों को तकनीकी और वित्तीय अंकन, निम्नानुसार, से प्राप्त अंकों के आधार पर स्थान दिया जाएगा -
अंतिम कुल अंक = तकनीकी अंक x टी + वित्तीय अंक x एफ
(टी - तकनीकी बिड को दिये गए अंक, एफ - वित्तीय बिड को दिये गए अंक, टी+एफ = 1)
- बोलियों को दिये गये अंक इस प्रकार है:
I. तकनीकी बोली टी |
60% |
II. वित्तीय बोली एफ |
40% |
कुल अंक |
100% |
- जो बोलीदाता फर्म तकनीकी एवं वित्तीय योग के संयुक्त योग में सर्वाधिक अंक प्राप्त करेगी उसे अंतिम समझौता वार्ता के लिए बुलाया जाएगा ।
- बैंक को यह अधिकार है कि वह मूल्यांकन मापदंड, प्रविधि तथा अंक वितरण एवं भारिता को संशोधित कर सकता है, यदि बैंक को ऐसा करना अनिवार्य लगता है ।
20. बोलियों का स्पष्टीकरण
बैंक अपने निजी विवेक से, बोलियों की जांच मूल्यांकन एवं तुलनात्मक अध्ययन में सहायता हेतु, बोलीदाताओं से स्पष्टीकरण के लिए कह सकता है तथा यह उत्तरलिखित में होगा जिसमें बोली में मूल्य या विषयवस्तु में किसी भी बदलाब, प्रस्ताव या अनुमति नहीं दी जाएगी ।
21. प्राथमिक जांच
बैंक सभी बोलियों की जांच पड़ताल कर यह निर्धारित करेगा कि वे पूर्ण हैं, कोई भी संगणनात्मक भूल तो नहीं हो गई है, क्या बोली दस्तावेजों में वांछित सूचना दी गई है, क्या दस्तावेजों में ठीक से हस्ताक्षर किए गए हैं और क्या बोली सामान्य रूप से ठीक है ।
यदि कोई बोली विनिर्देशों के अनुसार क्रमबद्ध नहीं पाई गई तो उसे बैंक अस्वीकार कर देगा ।
22. बिड बयाना तथा आरएफपी का मूल्य
बोलीदाता को बयाना के रूप में 20,000/- रु. (केवल बीस हजार रुपये) (सफल बोलीदाताओं को अनुबंध अवधि के बाद और असफल बोलीदाताओं को चयन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद लौटाए जाएंगे) तथा 2000/- रु. (केवल दो हजार रुपये) आरएफपी के मूल्य के लिए (अप्रतिदेय) राष्ट्रीय आवास बैंक के नाम दिल्ली में देय मांग ड्राफ्ट के रूप में प्रस्तुत करना होगा । ईएमडी ड्राफ्ट एवं आरएफपी ड्राफ्ट का मूल्य बिड के साथ संलग्न होना चाहिए, अन्यथा बिड पर मूल्यांकन संबंधी कार्रवाई नहीं टकी जाएगी ।
23. बैंक से सम्पर्क
यदि बैंक क ाट बोली का मूल्यांकन करने, बोली की तुलना करने या अनुबंध देने के विषय में बोलीदाता द्वारा कोई प्रयास किये जाने पर बोलीदाता की बोली अस्वीकृत की जा सकती है । बैंक का निर्णय अंतिम व पूर्वाग्रह रहित होगा तथा जो सभी पक्षों पर बाध्य होगा ।
24. क्रय प्राथमिकता
सार्वजनिक उद्यम विभाग के निर्देशों के अनुसार केन्द्रीय सार्वजनिक सेक्टर यूनिटों को क्रय में प्राथमिकता उपलब्ध होगी ।
25. बैंक को कोई या सभी बोलियों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार
बैंक को अनुबंध सौंपे जाने से पूर्व कभी भी कोई भी बोली स्वीकार या रद्द करने और बोली प्रक्रिया को रद्द करने तंथा सभी बोलियों को रद्द करने का अधिकार होगा, जिसके लिए प्रभावित बोलीदाता/बोलीदाताओं के प्रति कोई दायित्व नहीं होगा या बैंक के इस कार्य के लिए प्रभावित बोलीदाता/बोलीदाताओं को सूचित करने का भी कोई दायित्व नहीं होगा ।
बैंक को अपने अधिक कार्य के कारण एक से अधिक बोलीदाता को चुनने का अधिकार होगा ।
26. अनुबंध पर हस्ताक्षर
सफल बोलीदाता(ओं) को जिन्हें वेंडर कहा जाएगा, बैंक के साथ निविदा सौंपे जाने से 7 दिनों के भीतर या बैंक द्वारा निर्दिष्ट अवधि के भीतर एक सर्विस लेबल करार (एसएलए) और नॉन डिस्कलोजर करार करना होगा।
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अनुलग्नक 'क'
भाग I : बोलीदाता के लिए सूचना
कृपया कंपनी के बारे में निम्नलिखित सूचना दें (यदि आवश्यक हो तो अलग से पत्रक लगाएं) । |
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क्रम सं. |
सूचना |
विवरण/प्रत्युत्तर |
1 |
कंपनी का नाम |
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2 |
स्थापना की तारीख |
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3 |
कंपनी का मुख्य कार्यालय/पंजीकृत कार्यालय व पता
सम्पर्क व्यक्ति
फोन
फैक्स
ई-मेल
वेबसाइट |
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4 |
आपके द्वारा उपलब्ध सेवाओं/विकल्पों की रेंज दें जिसमें सेवा विवरण हो और निम्न के लिए विभिन्न योजनाएं उपलब्ध है:
- पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली का क्रियान्वयन
अन्य एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का क्रियान्वयन |
हां/नहीं/टिप्पणी (यदि विकल्प 'नहीं' हो) |
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5 |
कोई लंबित/पिछला मुकदमा (तीन वर्ष के दौरान) । यदि हां, तो कृपया विवरण दें । पिछले तीन वर्षों में प्राप्तं दावों एवं शिकायतों का विवरण भी दें (कंपनी/कंपनी की सेवाओं के बारे में) । |
हां/नहीं/टिप्पणी (यदि विकल्प 'हां' हो तो बोली पर विचार नहीं किया जा सकता है ) |
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6. कृपया पिछले तीन वर्षों के दौरान प्राप्त आय का विवरण दें तथा प्रमाण स्वरूप तुलन पत्र की प्रतियां संलग्न करें । |
वर्ष |
कारोबार |
लाभ/हानि (-) |
2005-06 |
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2006-07 |
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2007-08 |
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बोलीदाता के हस्ताक्षर
भाग II -उत्पाद संबंधी सूचना
निम्नलिखित सूचना दी जाए -
क्रम सं. |
वांछित जानकारी |
विवरण/प्रत्युत्तर |
1 |
सॉफ्टवेयर संबंधी जानकारी
- सॉफ्टवेयर उत्पाद का नाम
- पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रस्तावित सॉफ्टवेयर की वर्जन की वार्षिक बिक्री (अधिष्ठापनों की संख्या एवं मूल्य)
- प्रस्तावित मॉडयूल/वर्जन सेट के समान वर्जन को पहली बार लाइव अधिष्ठापन का वर्ष और स्थान
- पिछले तीन वर्षों से आज तक जारी वर्जनों की संख्या
* पिछला वर्जन जारी करने का मास/वर्ष
* प्रस्तावित वर्जन जारी होने का मास/वर्ष |
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2 |
हार्डवेयर प्लेटफार्म सपोर्ट |
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3 |
साल्यूशन काम्पोनेंट के प्रस्तावित वर्जन की परिचालन प्रणाली। प्रत्येक साल्यूशन काम्पोनेंट के बारे में विशेष जानकारी दें । |
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4 |
डाटाबेस सपोर्ट |
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5 |
सिस्टम माडयूल काम्पोनेंट - विशेष रूप से माडयूल/काम्पोनेंट और उनकी निर्भरता दर्शाएं (क्या माडयूल/काम्पोनेंट को अन्य माडयूल/काम्पोनेंट की सहायता के बिना स्वतंत्र रूप से आपरेट किया जा सकता है) और प्रत्येक प्रस्तावित माडयूल/काम्पोनेंट के समेकन का लेवल । |
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6 |
साल्यूशन डेवलपमेंट एन्वायरमेंट और प्रयुक्त एप्लीकेशन टूल्स का विवरण दें । थर्ड पार्टी टूल्स या सिस्टम सॉफ्टवेयर/ आरडीबीएमएस के साथ उपलब्ध टूल्स का भी उल्लेख करें जिनका प्रयोग साल्यूशन क ा डिजायन करने में किया जाता है । |
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7 |
साल्यूशन खरीदने/लाइसेंस की नीति क्या है ? |
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8 |
क्या सोर्स कोड के लिए निलम्ब व्यवस्था होगी या दस्तावेजन के साथ सोर्स कोड दिया जा रहा है ? |
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9 |
क्या कंपनी का इन बंडल्ड थर्ड पार्टी साफ्टवेयर के सोर्स कोड पर पूरा नियंत्रण है ? |
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हम पुष्टि करते हैं कि उपर्युक्त उल्लिखित सभी विवरण सत्य एवं ठीक है, और यदि बैंक मूल्यांकन के समय किसी चरण के दौरान तथ्यों को गलत पाता है तो बैंक को हमारा प्रस्ताव रद्द करने एवं प्रक्रिया में शामिल होने के अयोग्य ठहराने का अधिकार होगा ।
हम एतद् द्वारा बिना शर्त स्वीकार करते हैं कि बैंक पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली उपलब्ध कराने के लिए वेंडरों का चयन करने के बारे में अपने निर्णयानुसार जिन मानदंडों वह ठीक समझता है, अपना सकता है जो आरएफपी दस्तावेज में उल्लिखित मानदंडों तक ही सीमित नहीं होंगे ।
हम इस सूचना को भी अभिज्ञपित करते हैं कि यह बिड चयन करने के प्रयोजनार्थ बिड प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख से 6 माह तक वैध रहेगी ।
वेंडर के हस्ताक्षर एवं मुहर
प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम
भाग - III
बोली दस्तावेजों के साथ बोलीदाता द्वारा दिया जाने वाला पत्र
उप महाप्रबंधक
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
राष्ट्रीय आवास बैंक
मुख्य कार्यालय
कोर 5-ए, तीसरी मंजिल, भारत पर्यावास केन्द्र, लोधी रोड
नई दिल्ली - 110 003
महोदय,
विषय : बैंक के लिए पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली हेतु हमारी बिड
हम अपने बोली दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं ।
यदि हमारी बोली उक्त कार्य के लिए स्वीकार की जाती है, तो हम वचन देते हैं कि हम बैंक द्वारा बुलाए जाने पर अपने व्यय पर बैंक के साथ निर्दिष्ट फार्म पर अनुबंध स्वीकार और निष्पादित करेंगे । जब तक एक औपचारिक अनुबंध तैयार और निष्पादित नहीं हो जाता, तब तक यह बोली एवं आपकी लिखित स्वीकृति हमारे बीच बाध्यकारी अनुबंध होगा ।
हम समझते हैं कि यदि हमारी बोली स्वीकार कर ली जाती है, तब हम संयुक्त रूप से और पृथक रूप से अनुबंध निष्पादित करने के प्रति उत्तरदायी होंगे ।
हम समझते हैं कि आप प्राप्त किसी भी निम्नतम या अन्य प्राप्त बोली स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं हैं, और आप सभी या किसी भी बोली को अस्वीकार कर सकते हैं, आप स्वीकार कर सकते हैं या समग्र कार्य किसी एक वेंडर को सौंप सकते हैं या बिना कोई कारण या स्पष्टीकरण दिये बिना कई वेंडरों के बीच बांट सकते हैं ।
हम समझते हैं कि प्रथम चरण (तकनीकी बोली) पूरा होने के बाद सूचीबद्ध बोलीदाताओं के नाम और सफल बोलीदाता का नाम जिसे दूसरा चरण (वाणिज्यिक बोली) पूरा होने के बाद अंतिम रूप से अनुबंध सैंपा गया, को या तो फोन पर/ई-मेल/पत्र द्वारा सूचित किया जाएगा ।
दिनांक: दिन माह 200
भवदीय,
कृते -------------------
हस्ताक्षर -----------------
नाम --------------------
पता --------------------
(प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता) |
| |
अनुलग्नक - ख
अनुपालन विवरणी
घोषणा
नियम एवं शर्तें
हम एतद द्वारा वचन देते हैं और बैंक द्वारा इस आरएफपी में तथा अन्य सभी परिशिष्टों, शुद्धिपत्रों आदि में उल्लिखित नियम एवं शर्तों का पालन करने के लिए सहमत हैं (कोई भी विचलन होने पर बिड अयोग्य की जा सकती है) ।
हस्ताक्षर
कंपनी की मुहर
तकनीकी विनिर्देश
हम प्रमाणित करते हैं कि निविदा के लिये हमारे द्वारा दिया गया सिस्टम/सेवाएं आपके द्वारा निर्दिष्ट विनिर्देशों के अनुरूप हैं सिवाय निम्नलिखित विचलन के -
विचलनों की सूची
- ------------------------------------------------
- -----------------------------------------------
- -----------------------------------------------
- -----------------------------------------------
(यदि इन्हें रिक्त छोड़ा गया तो यह समझा जाएगा कि उक्त उल्लिंिखत विनिर्देशों से कोई विचलन नहीं है)
हस्ताक्षर:
कंपनी की मुहर
अनुबंध 'ग'
वाणिज्यिक बोली के लिए फार्मेट
क्रम सं. |
ब्योरा |
राशि/ दर (रूपये में) |
1 |
- उत्पाद लाइसेंस शुल्क (हाउसकीपिंग/ एडमिनिस्ट्रेशन के लिए 2 प्रयोक्ता तथा ओपैक के लिए 150 प्रयोक्ता) +
क्रियान्वयन + एक बार प्रशिक्षण शुल्क |
|
2 |
- वार्षिक तकनीकी सहायता प्रभार (प्रति वर्ष) ढ एटीएस दूसरे वर्ष से शुरू होगा अर्थात वारंटी समाप्त होने के बाद, यदि बैंक ने एटीएस लेना स्वीकार किया होज्
- द्वितीय वर्ष
- तृतीय वर्ष
- चतुर्थ वर्ष
- पंचव वर्ष
|
|
3 |
* अतिरिक्त प्रशिक्षण प्रभार (प्रति व्यक्ति-दिन) |
|
(क) बोलीदाता को केवल वाणिज्यिक बोली उपर्युक्त फार्मेट में जमा करनी है । सभी कर एवं शुल्क शामिल हैं ।
(ख) एल 1 मानदंड : क्रम सं. 1 + क्रम सं.2 (4 वर्षीय एटीएस व्यय का योग)
टिप्पणी: इस फार्मेट के अतिरिक्त किसी अन्य में प्रस्तुत वाणिज्यिक बोली को अस्वीकार किया जा सकता है ।
अनुबंध - घ
पूर्व योग्यता मापदंड
- बोलीदाता द्वारा दिया गया उत्पाद/सॉफ्टवेयर साल्यूशन को देश के कम से कम तीन बैंक/ वित्तीय संस्थानों/सरकारी संगठनों/सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों/राष्ट्रीय स्तर के पुस्तकालय में क्रियान्वित किया गया हो (समेकित रूप से न्यूनतम 3) ।
- बोलीदाता को कम से कम 3 वर्षों से सॉफ्टवेयर विकास कारोबार में होना चाहिए जिसका कारोबार पिछले तीन वर्षों में औसतन एक करोड़ रुपये (या अधिक) रहा हो ।
- बोलीदाता की दिल्ली/एनसीआर में सहायता प्रणाली होनी चाहिए और दिल्ली/एनसीआर में कम से कम दो उपभोक्ता होने चाहिए ।
टिप्पणी 1: बोली दस्तावेजों के साथ उक्त पीक्यूसी के लिए दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं ।
टिप्पणी 2: सभी पूर्व-अर्हताओं को पूरा करने वाले बोलीदाताओं पर ही अगले तकनीकी मूल्यांकन के लिए विचार किया जाएगा अन्यथा बिड को अस्वीकार कर दिया जाएगा । |
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