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| रिवर्स मॉटेगेज (विपरीत बंधक) ऋण योजना : परिचालनात्मक दिशा-निर्देश |
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| प्रस्तावना |
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वरिष्ठ नागरिकगण भारतीय समाज में एक बढ़ता हुआ संघटक है और देश में वृद्धावस्था पर निर्भरता बढ़ रही है । जहां, एक ओर दीर्घायु में सार्थक वृद्धि हो रही है और मृत्यु संख्या घट रही है, वहीं, दूसरी ओर अच्छी स्वास्थ्य रक्षा संबंधी सुविधाएं उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही हैं और सामाजिक सुरक्षा कम है । वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन/अन्य आय को पूरी करने और अपनी वित्तीय ज़रूरतों के समाधान के लिए एक नियमित नकदी प्रवाह की ज़रूरत है । रिहायशी मकानों के मूल्यों में चिरन्तन वृद्धि ने पर्याप्त "गृह साम्या" (होम इक्विटी) धन पैदा कर दिया है ।
अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों के लिए मकान उनके धन का सबसे बड़ा संघटक है । संकल्पनात्मक रूप से, रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) मकान का एक आस्ति के रूप में और विशेष रूप से मकान में मकान मालिक की साम्या (इक्विटी) का मुद्रीकरण करना चाहता है । यह योजना किसी ऋणदाता के पास बंधक रखने वाले उन वरिष्ठ नागरिक उधारकर्ताओं को संबद्ध करती है जो (ऋणदाता) तब परवर्ती के जीवनकाल में उधारकर्ता(ाटं) को आवधिक भुगतान करता है । वरिष्ठ नागरिक उधारकर्ता के लिए उसके जीवनकाल में ऋण शोधन की आवश्यकता नहीं है और इसलिए वह ऋणदाता को मूलधन एवं ब्याज का मासिक भुगतान नहीं करता है । उधारकर्ता की मृत्यु पर अथवा उसके स्थायी रूप से आवासीय संपत्ति छोड़ने पर, ऋण संचित ब्याज के साथ आवासीय संपत्ति बेचकर चुकाया जाता है । उधारकर्ता/वारिस भी संचित ब्याज सहित ऋण का पुनर्भुगतान अथवा पूर्वभुगतान कर सकता है/सकते हैं और संपत्ति को बेचे बिना बंधक छुड़ा सकता है/सकते हैं ।
1. रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण
रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों अर्थात् अनुसूचित बैंकों एवं राष्ट्रीय आवास बैंक में पंजीकृत आवास वित्त कंपनियों अथवा भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले संस्थानों के अन्य वर्गों की ओर से दिए जाने हैं । |
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| 2. ग्राह्य उधारकर्तागण: |
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60 वर्ष से अधिक की आयु का भारत का वरिष्ठ नागरिक होना चाहिए । |
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विवाहित युगल वित्तीय सहायता के लिए यथा संयुक्त उधारकर्ता ग्राह्य होंगे । ऐसे किसी भी मामले में युगल के लिए ग्राह्यता मानदंड प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के विवेक पर होगा जो इस शर्त के अध्यधीन है कि उनमें से किसी एक की आयु 60 वर्ष और दूसरे की 55 वर्ष से कम न हो । |
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भारत में स्थित किसी स्वत: अधिग्रहीत, स्वत: कब्ज़ाधीन आवासीय संपत्ति (मकान अथवा फ्लैट) का स्पष्ट हक, जिसमें संपत्ति का स्वामित्व भावी उधारकर्ता के नाम के साथ स्वामी होना चाहिए । |
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आवासीय संपत्ति किसी प्रकार के ऋण भार से मुक्त होनी चाहिए । |
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संपत्ति का अवशिष्ट जीवन कम से कम 20 वर्ष होना चाहिए । |
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भावी उधारकर्ताओं को उस आवासीय संपत्ति का इस्तेमाल स्थायी प्राथमिक निवास के रूप में करना चाहिए । स्थायी प्राथमिक निवास स्वत: अधिग्रहीत, स्वत: कब्ज़ाधीन आवासीय संपत्ति को निर्दिष्ट करता है, जहां कोई व्यक्ति अपना अधिकांश जीवन व्यतीत करता है । इस बारे में जो कारक सुसंगत हो सकते हैं, उनमें सामान्य पत्राचार के लिए प्रयुक्त पता, उपयोग के बिल, बैंक विवरण, कर विवरणियां, बैंक खाता और बैंककारी संबंध इत्यादि शामिल हैं । तथापि, सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर यह अवधारित करने के लिए विचार किया जाए कि आवासीय संपत्ति उधाकर्ता का स्थायी प्राथमिक निवास है । |
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| 3. ऋण की ग्राह्य राशि का अवधारण: |
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ऋण की राशि प्राथमिक ऋणदाता संस्थान द्वारा यथा निर्धारित आवासीय संपत्ति के बाज़ार मूल्य, उधारकर्ता की आयु और प्रचलित ब्याज दर पर निर्भर करेगी । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों के पास यह विवेकाधिकार होगा कि वे उनकी ओर से प्रदान की जा रही "अनकारात्मक साम्या गारंटी" की संगणना करके ऋण की ग्राह्य प्रमात्रा अवधारित करें । परिकलन की विस्तृत तालिकाओं सहित ऋण की प्रमात्रा अवधारित करने के लिए अंगीकृत पद्धति विज्ञान, ब्याज की दर और पूर्वानुमान (यदि कोई है) उधारकर्ता को स्पष्ट किए जाएंगे । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान सुनिश्चित करेंगे कि आवासीय संपत्ति में उधारकर्ता की साम्या पूंजी (मूल्य अनुपात के लिए साम्यापूंजी (इक्विटी) ऋण की अवधि के दौरान किसी भी समय 10% से नीचे नहीं आती है । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों को उनके पास बंधक रखी गई संपत्ति का पुन: मूल्य उतने अंतराल पर लगाने की ज़रूरत होगी जितना अंतराल वे संपत्ति की अवस्थिति, वास्तविक स्थिति इत्यादि पर निर्भर करते हुए नियत करें । ऐसा पुनर्मूल्यांकन पांच वर्षों में कम से कम एक बार किया जा सकता है । ऋण की प्रमात्रा में संशोधन ऐसे पुनर्मूल्यांकन के आधार पर ऋणदाता के विवेक पर किया जा सकता है । |
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| 4. भुगतान की प्रकृति: |
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कोई अथवा निम्नलिखित का कोई संयोजन :
- आवधिक (मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, वार्षिक भुगतान) का विनिश्चय पहले ही प्राथमिक ऋणदाता संस्थान और उधारकर्ता के बीच परस्पर किया जाएगा ।
- एक अथवा अधिक अंशों में एकमुश्त ।
- उधारकर्ता द्वारा बताई जाने वाली परस्पर स्वीकृत उपलब्धता अवधि के साथ प्रतिबद्ध आर्थिक सहायता ।
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अधिकतम मासिक भुगतान, 50,000/-रुपए अथवा अन्य राशि, जो भारत सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, तक प्रतिबंधित होगी । |
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एकमुश्त भुगतान सशर्त और तात्कालिक चिकित्सीय ज़रूरतों तक सीमित होगा । |
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अधिकतम एकमुश्त भुगतान ऋण की कुल ग्राह्य राशि के 50% तक प्रतिबंधित होगा, जो कि 15 लाख रुपए अथवा ऐसी अन्य राशि, जो भारत सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, तक प्रतिबंधित, स्वयं, पति/पत्नी और आश्तों, यदि कोई है, के रोगोपचार के लिए उपयोग किए जाने के अध्यधीन होगा । शेष ऋण आवधिक भुगतान के योग्य होगा । |
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भुगतान की प्रकृति रिवर्स मॉर्टगेज ऋण प्रसंविदा के भाग के रूप में अग्रिम रूप से विनिश्चित की जाएगी । प्राथमिक ऋणदाता संस्थान अपने विवेक पर, परिवर्तन करने के लिए उधारकर्ता को विकल्प प्रदान करने पर विचार कर सकता है । प्राथमिक ऋणदाता संस्थानों द्वारा अनुबद्ध सभी प्रसंविधाएं/शर्तें उधारकर्ता को अग्रिम में प्रकट कर दी जाएंगी । |
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| 5. निधियों का अंतिम ग्राह्य उपयोग |
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ऋण की राशि का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है :-
- आवासीय संपत्ति का उन्नयन, अभिनवकरण और विस्तार ।
- गृह सुधार, आवासीय संपत्ति के रख-रखाव/बीमा से संबद्ध उपयोगों के लिए ।
- चिकित्सा, परिवार के भरण-पोषणार्थ आपातकालीन व्यय ।
- पेंशन/अन्य आय के अनुपूरणार्थ ।
- अन्य किसी वास्तविक ज़रूरत को पूरी करने के लिए ।
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सट्टा, व्यापार और व्यवसाय संबंधी उद्देश्यों के लिए रिवर्स मॉर्टगेज ऋण के उपयोग की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी । |
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| 6. ऋण की अवधि: |
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| ऋण संवितरण की अधिकतम अवधि 20 वर्ष से अधिक नहीं होगी । |
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| 7. ब्याज की दर |
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| रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण पर प्रभारित की जाने वाली, उधारकर्ता को प्रदान की जाने वाली (आवधिक अंतराल सहित) ब्याज की दर, जोखिम बोध, ऋण मूल्यन नीति, इत्यादि के आधार पर सामान्य तरीके से प्राथमिक ऋणदाता संस्थान द्वारा नियत की जा सकती है और संभावित उधारकर्ताओं को प्रकट की जा सकती है । ब्याज की अस्थिर एवं स्थिर दर प्राथमिक ऋणदाता संस्थान की ओर से प्रस्तावित की जाएगी, जो कि उधारकर्ता के सामने एक पारदर्शी ढंग से नियम एवं शर्तों के प्रकटन के अध्यधीन होगी । |
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| 8. प्रतिभूति: |
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रिवर्स मॉर्टगेज ऋण प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के पक्ष में, उपयुक्त रूप से आवासीय संपत्ति के बंधक से प्रतिभूत की जाएगी । |
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वाणिज्यिक संपत्ति रिवर्स मॉर्टगेज ऋण के लिए ग्राह्य नहीं होगी । |
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| 9. आवासीय संपत्ति का मूल्यांकन: |
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आवासीय संपत्ति को भवन के अनुमोदित नक्शों सहित, स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा अनुबद्ध स्थानीय रिहायशी भूमि का उपयोग और भवन उप-विधियों का अनुपालन करना चाहिए । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान अपने बाह्य अनुमोदित मूल्यांकक के ज़रिए आवासीय संपत्ति का बाज़ार मूल्य अवधारित करेगा । आंतरिक व्यावसायिक मूल्यांककों का उपयोग भी पद्धति विज्ञान के पर्याप्त प्रकटन के अध्यधीन किया जा सकता है । |
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आवासीय संपत्ति का मूल्यांकन उतनी बार और उतने अंतराल पर किया जाना आवश्यक है, जैसा कि प्राथमिक ऋणदाता संस्थान द्वारा विनिश्चित किया जाए, जो किसी भी मामले में प्रत्येक पांच वर्षों में कम से कम एक बार होगा । मूल्यांकन प्रक्रिया की पद्धति और बारम्बारता/ऐसे मूल्यांकनों की अनुसूची पहले ही उधारकर्ता के सामने प्रकट की जाएगी । |
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प्राथमिक ऋणदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे रिवर्स मॉर्टगेज ऋण की राशि अवधारित करने में संपत्ति के मूल्य में प्रत्याशित भावी वृद्धि की गणना करें । |
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| 10. कराधान: |
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| रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण योजना के अधीन सभी भुगतान आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(43) के अधीन करमुक्त हैं । |
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| 11. निरसन (मंसूखी) के अधिकार के लिए प्रावधान: |
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ग्राहक अनुकूल चेष्टा और सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय व्यवहार की दृष्टि से, ऋण के दस्तावेज़ निष्पादित हो जाने और लेनदेन को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, वरिष्ठ नागरिक उधारकर्ता को "निरसन (मंसूखी) का अािधकार" अर्थात् लेनदेन रद्द करने के लिए तीन व्यवसाय दिवस दिए जा सकते हैं । यदि ऋण की राशि संवितरित की जा चुकी है, तब ऋण की सम्पूर्ण राशि वरिष्ठ नागरिक उधारकर्ता को इन तीन दिनों के भीतर वापस करनी आवश्यक होगी । तथापि, इस अवधि के लिए ब्याज प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के विवेकानुसार छोड़ा जा सकता है । |
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| 12. ऋणदाता द्वारा उधारकर्ता को ऋण का संवितरण: |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान केवल उन मामलों, जो उधारकर्ता की संपत्ति ठेकेदार को भुगतान अथवा संपत्ति संबंधी करों अथवा जोखिम बीमा प्रीमियम से संबंधित है, में इस उद्देश्य से अलग रखे गए उधारकर्ता के खाते से भुगतान के अतिरिक्त सभी ऋण प्रतिफल का भुगतान सीधे उधारकर्ता को करेगा । |
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आवधिकता : ऋण नियमित मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक रूप से, अथवा वार्षिक आवधिक नकद अग्रिमों के रूप में अथवा ज़रूरत के समय आहरित की जाने वाली आर्थिक सहायता के रूप में अथवा एकमुश्त दिया जाएगा । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के पास ऋण की अवधि के नियतन सहित ऋण के भुगतान का तरीका विनिश्चित करने का विवेकाधिकार होगा । यह संपत्ति के बाज़ार मूल्य, उधारकर्ता की आयु और अन्य कारकों पर निर्भर करेगा । भुगतान के तरीके और ऋण की अवधि के नियतन के पीछे मूलाधार को उधारकर्ताओं के सामने स्पष्ट रूप से प्रकट किया जाएगा । |
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| 13. क्लोज़िंग: |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान बंधक सामग्री और नमूना दस्तावेज़ों, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ उत्पाद के हित लाभ और बाध्यताएं शामिल होंगी, का एक उचित और सम्पूर्ण पैकेज लिखित में प्रदान करेंगे । |
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अंतिम मूल्य में, अन्यों के साथ-साथ, प्रचलित और उपयुक्त शुल्क एवं प्रभार शामिल होंगे जो प्राथमिक ऋणदाता की ओर से उधारकर्ताओं से वसूल किए जा सकते हैं । उधारकर्ता से प्रभारित किसी मद की लागत सामान्यतया ऋणदाता द्वारा संदत्त अथवा ऐसी सेवा(एं) प्रदाता की ओर से ऋणदाता से प्रभारित लागत से अधिक नहीं होगी । ऐसी मदों में निम्नलिखित शामिल हो सकती हैं :-
- प्रवर्तन, मूल्यांकन एवं निरीक्षण शुल्क । उधारकर्ता से यथा अनुपात प्रवर्तन, मूल्यांकन और निरीक्षण शुल्क प्राथमिक ऋणदाता/मूल्यांकक द्वारा प्रभारित किया जा सकता है ।
- बाहरी फर्मों के सत्यापन प्रभार ।
- हक परीक्षण शुल्क ।
- विधिक प्रभार/शुल्क ।
- मुद्रांक शुल्क एवं पंजीकरण प्रभार ।
- संपत्ति सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन प्रभार ।
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ऐसी सभी लागतों की एक विस्तृत अनुसूची स्पष्ट रूप से विनिर्दिष्ट की जाएगी और प्राथमिक ऋणदाता संस्थान की ओर से संभावित उधारकर्ता को पेशगी प्रदान की जाएगी । |
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| 14. ऋण का परिनिर्धारण |
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ऋण केवल तभी देय और संदेय होगा, जब उत्तरजीवित उधारकर्ता मर जाता है अथवा घर बेचना पसंद करेगा अथवा अपनी आयु को देखते हुए घर छोड़ कर किसी संस्थान अथवा संबंधियों के पास चला जाता है । विशिष्ट रूप से, स्थायी रूप में "घर त्यागने" का सामान्य तौर पर अर्थ है कि न तो उधारकर्ता अथवा न ही कोई अन्य सह-उधारकर्ता एक वर्ष निरंतर मकान में रहा है अथवा निरंतर रहना नहीं चाहता है । प्राथमिक ऋणदाता संस्थान ऐसे लिखित प्रमाण प्राप्त कर सकते हैं जैसे कि इस प्रयोजनार्थ उचित समझे जाएं । |
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संचित ब्याज के साथ, ऋण का परिनिर्धारण आवासीय संपत्ति की बिक्री से प्राप्त हुए प्रतिफल से पूरा किया जाना है । |
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उधारकर्ता(ओं) अथवा उसके/उनके वारिस(ाटं)/संपदा को संपत्ति को बेचे बिना संचित ब्याज के साथ ऋण परिनिर्धारित करने का प्रथम अधिकार दिया जाएगा । |
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एक उपयुक्त समय, कहें कि 2 महीनों तक का समय तब प्रदान किया जा सकता है, जब बेचे जाने वाले मकान के लिए रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण पुनर्भुगतान में प्रवर्तित किया जाता है । |
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प्रोद्भूत ब्याज के साथ ऋण के परिनिर्धारण के बाद बच रही (कोई) अधिशेष राशि उधारकर्ता के विधिक वारिस/संपदा/हिताधिकारियों को दे दी जाएगी । |
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केन्द्र सरकार की ओर से तैयार और अधिसूचित की गई किसी रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) योजना के अधीन किसी लेनदेन में किसी पूंजीगत आस्ति के अंतरण को अंतरण नहीं माना जाएगा । रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) योजना के अधीन उधारकर्ता (पूंजी अभिलाभ पर कर की प्रकृति में) आयकर का भागी केवल ऋण वसूल करने के उद्देश्य से बंधकग्राही द्वारा बंधक रखी संपत्ति के अन्य संक्रामण के समय पर होगा । |
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| 15. उधारकर्ता(गण) द्वारा ऋण का पूर्वभुगतान |
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उधारकर्ता(ाटं) के पास ऋण की अवधि के दौरान किसी भी समय ऋण चुकता करने का विकल्प होगा । |
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इस प्रकार ऋण चुकाने पर कोई भी पूर्वभुगतान उद्ग्रहण/जुर्माना/प्रभार नहीं होगा । |
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| 16. ऋण प्रसंविदाएं: |
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उधारकर्ता आवासीय संपत्ति का इस्तेमाल अपने प्राथमिक निवास के रूप में जब तक करता/करती/करते रहेगा/रहेगी/रहेंगे, जब तक कि वह/वे जीवित है/हैं अथवा संपत्ति को स्थायी रूप से छोड़ देता है/देती है/देते हैं अथवा स्थायी निवास के रूप में संपत्ति का इस्तेमाल समाप्त हो जाता है । |
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प्रतिभूति गारंटी : प्राथमिक ऋणदाता संस्थान सुनिश्चित करेंगे कि सभी रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण उत्पाद के साथ एक स्पष्ट एवं पारदर्शी 'नो निगेटिव इक्विटी' अथवा प्रतिभूति गारंटी है । अर्थात् उधारकर्ता अपनी संपत्ति के निवल वसूलनीय मूल्य से अधिक का देनदार नहीं होंगे बशर्ते कि ऋण के नियमों एवं शर्तों को पूरा कर लिया गया हो । |
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ऋण करार : प्राथमिक ऋणदाता संस्थान एक विस्तृत करार पर हस्ताक्षर करेंगे जिसमें सामान्य उपबंधों, जो सामान्यतया किसी भी बंधक ऋण दस्तावेज़ में शामिल किए जाते हैं, के अतिरिक्त, ऋण के संवितरण और पुनर्भुगतान सहित, ऋण बंधक प्रतिभूति की प्रमुख विशेषताएं और अन्य नियम एवं शर्तें निर्धारित की जाएंगी । |
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ऋण करार में एक यह उपबंध भी शामिल किया जा सकता है कि उधारकर्ता बंधक रखी जाने वाली संपत्ति की कोई वसीयती स्थिति प्रकट नहीं करेगा और यदि वह ऐसा करता है, तब यह ऋणदाता संस्थान के पक्ष में निर्मित बंधक के अध्यधीन होगा । ऐसे किसी भी मामले में उधारकर्ता बंधक रखी संपत्ति की वसीयती स्थिति अपने किसी संबंधी के पक्ष में प्रकट करेगा, जो कि ऐसे वसीयतदार द्वारा बंधक ऋण चुकाया जाने और एक ऐसे विवरण के अध्यधीन होगा कि वारिस बंधक की विधिमान्यता को और इसी प्रकार उधारकर्ता की मृत्यु की स्थिति में बंधक के प्रवर्तन के लिए बंधकग्राही के अधिकार को तब तक चुनौती देने का हकदार नहीं होगा जब तक कि वैध प्रतिनिधि ऋण मी पूरी राशि और उस पर प्रोद्भूत ब्याज चुकाने का दायित्व लेने की इच्छा प्रकट नहीं करता है । |
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इसके अतिरिक्त, प्राथमिक ऋणदाता संस्थान अपने विवेक से, उधारकर्ता की ओर से एक पंजीकृत वसीयत प्राप्त करने पर भी विचार कर सकता है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ यह कहा गया है कि उसने प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के पक्ष में आवासीय संपत्ति के बंधक के ज़रिए प्रतिभूति पर प्राथमिक ऋणदाता संस्थान से रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण का लाभ उठाया है, जिसका अर्थ यह होगा कि उधारकर्ता की (और सह-भागीदार, यदि कोई है) की मृत्यु की स्थिति में, बंधकग्राही बंधक को प्रवर्तित करने का हकदार है और बंधक की प्रतिभूति के प्रवर्तन पर विक्रय प्रतिफल से ऋण वसूल कर सकता है । अधिशेष, यदि कोई है, को मृतक उधारकर्ता(ाटं) के वारिसों को वापस करना होगा । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान, अपने विवेक से, संभावित उधारकर्ता से एक वचन लेने पर विचार कर सकता है कि प्राथमिक ऋणदाता संस्थान को दी गई "पंजीकृत वसीयत" रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण सुविधा का लाभ उठाने के समय, उसकी ओर से तैयार की गई अंतिम वसीयत है, जिसके अनुसार संपत्ति उसके पति/पत्नी/हिताधिकारी, जिसका नाम उसकी मृत्यु के बाद बताया गया है, में निहित होगी । उधारकर्ता ऋण के चालू रहते कोई अन्य "वसीयत" नहीं करने का वचन भी देगा जिसका उधारकर्ता की मृत्यु के बाद भी उसकी पत्नी/पति के लिए स्वीकृत किए जाने वाले ऋण को शामिल करने के लिए ऋण प्रलेखन में उल्लिखित अचल संपत्ति पर बंधक निर्मित करने के ज़रिए प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के पक्ष में उधारकर्ता द्वारा निर्मित अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान सुनिश्चित करेगा कि उधारकर्ता(ाटं) ने अग्नि, भूकंप और अन्य आपदाओं के लिए संपत्ति का बीमा कराया है । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान यह सुनिश्चित करेगा कि उधारकर्ता(ाटं) ने सभी करों, विद्युत प्रभारों/जल प्रभारों का भुगतान कर दिया है और सांविधिक भुगतान भी किए हैं । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान सुनिश्चित करेगा कि उधारकर्ता(गण) रिहायशी संपत्ति को उत्तम एवं बिक्री योग्य स्थिति में रख रहे हैं । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान बीमा प्रीमियम, करों अथवा मरम्मत का पैसा देने का विकल्प गृह स्वामी के ऋण अग्रिमों को कम करके और बाध्यताओं/खर्चों को पूरा करने के लिए अंतर का प्रयोग करते हुए आरक्षित रख सकता है । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के पास रिहायशी संपत्ति/परिसर का निरीक्षण करने और ऋण चुकाया जाने से पहले किसी भी समय उसके प्रतिनिधियों द्वारा रिहायशी संपत्ति का निरीक्षण किया जाने का अधिकार सुरक्षित रहता है और उधारकर्ता(गण) ऐसे निरीक्षणों के संबंध में अपना सहयोग देंगे । |
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| 17. हक क्षतिपूर्ति/बीमा |
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| प्राथमिक ऋणदाता संस्थान रिहायशी संपत्ति के हक पर स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए विधिक राय प्राप्त करेगा । |
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| 18. पुरोबंध: |
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ऋण, व्यतिक्रम की निम्नलिखित घटनाएं घटने के कारण पुरोबंध का भागी होगा :-
- यदि उधारकर्ता लगातार एक वर्ष मकान में नहीं ठहरता है ।
- यदि उधारकर्ता(गण) संपत्ति करों का भुगतान करने में अथवा रिहायशी संपत्ति के रख-रखाव अथवा मरम्मत करने में अथवा घर को बीमाकृत रखने में विफल रहता है/रहते हैं, तब प्राथमिक ऋणदाता संस्थान के पास रिहायशी संपत्ति को बेचकर ऋण को चुकाने पर बल देने का और मूलधन एवं ब्याज की बकाया राशि पूरी करने के लिए विक्रय के प्रतिफल का उपयोग करने का अधिकार सुरक्षित रहता है ।
- यदि उधारकर्ता(गण) स्वयं को दिवालिया घोषित करताहै/करते हैं ।
- यदि प्राथमिक ऋणदाता संस्थान को इस प्रकार बंधक रखी गई रिहायशी संपत्ति दान कर दी जाती है अथवा उधारकर्ता(गण) उसे त्याग देता है/देते हैं ।
- यदि उधारकर्ता(गण) रिहायशी संपत्ति में ऐसे परिवर्तन करता है/करते हैं, जो उधारदाता के लिए प्रतिभूति को प्रभावित करते हैं । उदाहरणार्थ; मकान के किसी भाग को अथवा पूरे मकान को किराए पर उठाना, मकान के हक में नया स्वामी जोड़ना, मकान का ज़ोनिंग वर्गीकरण परिवर्तित करना अथवा या तो रिहायशी संपत्ति के मुकाबले नया ऋण लेने से अथवा किसी उपहार अथवा वसीयत के ज़रिए अन्य संक्रामण से संपत्ति पर और ऋण भार बढ़ाना ।
- धोखाधड़ी करने अथवा उधारकर्ता(ओं) द्वारा मिथ्या कथन के कारण ।
- यदि सरकार सांविधिक प्रावधानों के अधीन रिहायशी संपत्ति को सार्वजनिक उपयोग के लिए अधिग्रहीत करती है ।
- यदि सरकार रिहायशी संपत्ति (स्वास्थ्य अथवा सुरक्षा कारणों से) रहने के अयोग्य घोषित करती है ।
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| 19. भुगतान समायोजित करने के लिए प्राथमिक ऋणदाता का विकल्प: |
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प्राथमिक ऋणदाता के पास संपत्ति के पुनर्मूल्यांकन के आधार पर, इतनी बार अथवा इतने अंतराल, जो किसी भी मामले में प्रत्येक पांच वर्षों में कम से कम एक बार होगा, पर आवधिक/एकमुश्त राशि संशोधित करने का विकल्प होगा । |
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उधारकर्ता को ऋण को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रकार संशोधित नियम एवं शर्तों को स्वीकार करने का एक विकल्प दिया जाएगा । |
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यदि उधारकर्ता संशोधित शर्तें स्वीकार नहीं करता है, तब ऋणदाता और भुगतान नहीं करेगा । पुनरीक्षण से पूर्व स्वीकृत दर से ब्याज ऋण की बकाया राशि पर प्रोद्भूत होता रहेगा । संचित मूलधन और ब्याज देय तथा संदेय हो जाएगा जैसा कि खंड (14) एवं (18) में उल्लेख किया गया है । |
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| 20. उधारकर्ताओं को परामर्श और सूचना देना: |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान वरिष्ठ नागरिकों, उनके परिवारों के साथ लेनदेन करने में उच्च स्तर का आचरण का पालन करेंगे और उनका विशेष ध्यान रखेंगे । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण की शर्तों को स्पष्ट रूप से और ठीक-ठीक प्रकट करेंगे और उनमें कोई संदिग्धता नहीं होगी । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान संभावित उधारकर्ता को रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण के नियम एवं शर्तें, रिहायशी संपत्ति के मूल्यांकन के लिए पालन की गई पद्धति, ऋण ग्राह्य प्रमात्रा के अवधारण की पद्धति, पुनर्मूल्यांकन की बारम्बारता, शर्तों का पुनरीक्षण और रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण के सभी संबंधित पहलुओं को स्पष्ट रूप से विस्तारपूर्वक बताना चाहिए । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान वरिष्ठ नागरिकों को अपना व्यक्तिगत प्रतिनिधि, किसी निकट संबंधी को नामित करने का सुझाव दे सकते हैं जिससे प्राथमिक ऋणदाता संस्थान किसी भी संभाव्यता की स्थिति में कर सकें । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान संभावित उधारकर्ताओं को ब्याज की दरों में प्रतिकूल उतार-चढ़ाव और संपत्ति के घटते-बढ़ते मूल्यों के कारण उधारकर्ताओं पर पड़ने वाले संभावित संघात के बारे में परामर्श देंगे । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान उधारकर्ताओं को उन सभी लागतों को स्पष्ट रूप से विनिर्दिष्ट करेंगे जो लेनदेन से जुड़ी हैं । |
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प्राथमिक ऋणदाता संस्थान किसी भी तरह से उधारकर्ता को बलपूर्वक यह नहीं कहेगा अथवा अपेक्षा करेगा कि उधारकर्ता(गण) किसी अन्य उत्पाद को खरीदने के लिए प्राथमिक ऋणदाता संस्थान द्वारा पेश की गई सेवा अथवा रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) ऋण पाने के लिए किसी अन्य संस्थान से सहयोजित सेवा स्वीकार करने के लिए बाध्य है/हैं । |
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उनसे व्यापार को कोई संदर्भ स्वीकार करने से पूर्व तीसरे पक्षकार की पृष्ठभूमि और क्रियाविधि की जांच करने के लिए उपयुक्त कदम उठाएं और उनसे संदर्भ स्वीकार करने से इंकार कर दें जो अस्वीकार्य पाए जाते हैं । सदस्य ग्राहकों के सामने किसी ऐसे तीसरे पक्षकार के बारे में बताएंगे जो रिवर्स मॉर्टगेज (विपरीत बंधक) लेनदेन में वित्तीय हित रखते हैं । |
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कुल मिलाकर, प्राथमिक ऋणदाता संस्थान वरिष्ठ नागरिक उधारकर्ताओं के साथ उचित रूप से व्यवहार करेंगे । |
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| © 2003 National Housing Bank |
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