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बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
 

    पंजिकरण

    सार्वजनिक निक्षेप स्वीकार करना

    विनियमन

 

 

 

 

 

 

I.          पंजिकरण

1.कौन सी कम्पनी एक आवास वित्त कम्पनी है ?

क. आवास वित्त कम्पनी ऐसी कम्पनी होती  है जो मुख्यत: आवास वित्त का व्यापार करती है अथवा आवास  हेतु वित्त  प्रदान करने  का व्यापार  करना उस संस्था की  बहिर्नियमावली का  एक प्रमुख उदेश्य खंड होता है ।

 

2.राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम के अधीन किसी आवास वित्त कंपनी को आवास वित्त का व्यवसाय प्रारम्भ करने हेतु क्या आवश्यकताएं हैं ?

आवास वित्त का व्यापार प्रारम्भ करने हेतु किसी आवास वित्त कम्पनी को कंपनी अधिनियम 1956 में उल्लिखित आवश्यकताओं के अतिरिक्त निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी पद़ृती हैं :-

क. राष्ट्रीय आवास बैंक से पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्राप्त करना चाहिए ।

ख. न्यूनतम स्वाधिकृत निधि (16.02.2002 से) 200 लाख रुपए होनी चाहिए ।

 

3. क्या किसी  आवास  वित्त  कम्पनी के लिए कम्पनी पंजिकरण से पंजिकरण के अतिरिक्त राष्ट्रीय आवास बैंक से पंजिकरण आवश्यक है ?

हां, किसी भी आवास वित्त कम्पनी के लिए आवास वित्त का व्यापार प्रारम्भ करने अथवा ह्वालाने के लिए राष्ट्रीय आवास  बैंक से भी पंजिकरण आवश्यक है ।

 

4. क्या कोई आवास वित्त कम्पनी राष्ट्रीय आवास बैंक में पंजिकरण का आवेदन देने के तत्काल बाद व्यापार प्रारम्भ कर सकती है ?

नहीं, कोई भी आवास वित्त कम्पनी राष्ट्रीय आवास बैंक से पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्राप्त किए बिना और न्यूनतम स्वाधिकृत निधि के अभाव में व्यापार प्रारम्भ नहीं कर सकती ।

 

5. क्या कोई आवास वित्त कम्पनी राष्ट्रीय आवास बैंक से पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्राप्त किए बिना व्यापार संचालित कर सकती है ?

नहीं, 12 जून, 2002 के बाद निगमित आवास वित्त कम्पनियां राष्ट्रीय आवास बैंक से पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्राप्त किए बिना आवास वित्त का व्यापार संचालित नहीं कर सकती हैं । पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्राप्त किए बिना व्यापार संचालित करना राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम के विधानाधीन एक दंदृनीय अपराध है । राष्ट्रीय आवास बैंक भी ऐसी आवास वित्त कम्पनी को बंद करने के लिए आवेदन कर सकता है ।

 

6. क्या कोई विद्यमान (यथा 12 जून, 2002 को विद्यमान) आवास वित्त कम्पनी न्यूनतम स्वाधिकृत निधि और पंजिकरण के अभाव में आवास वित्त का व्यापार करना जारी रख सकती है ?

ऐसी आवास वित्त कम्पनी आवास वित्त का व्यवसाय जारी रख सकती है, बशर्ते कि उसने 12 दिसम्बर, 2000 से पूर्व राष्ट्रीय आवास बैंक में पंजिकरण के प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया हो और राष्ट्रीय आवास बैंक ने उसका आवेदन अस्वीकार न किया हो । ऐसी आवास वित्त कम्पनियों को तीन वर्षों के भीतर अर्थात् 12 जून, 2003 से पहले  25 लाख रुपए की  न्यूनतम स्वाधिकृत निधि प्राप्त करनी पद़ेगी बशर्ते जब तक कि राष्ट्रीय आवास बैंक ने उस तिथि को आगे न बढाया हो ।

 

7.किस प्रकार कोई आवास वित्त कम्पनी राष्ट्रीय आवास बैंक से पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकती है ?

राष्ट्रीय आवास बैंक से पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए, किसी आवास वित्त कम्पनी के लिए निगमित होने के बाद, एक विनिर्दिष्ट प्रपत्र में राष्ट्रीय आवास बैंक में आवेदन करना आवश्यक है । प्रपत्र इस वेबसाइट पर एवं /या राष्ट्रीय आवास बैंक के कार्यालय में उपलब्ध है ।

 

8. राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा पंजिकरण के प्रमाण-पत्र को प्रदान करने/अस्वीकार करने में किन बातों पर विचार किया जाता है ?

ऐसी शर्तें जिनको पूरी करने पर राष्ट्रीय आवास बैंक पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्रदान करता है, वे राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 की धारा 29ए की उपधारा (4) में दी गई है । संक्षेप में, शर्तें निम्नलिखित हैं :-

क. ऐसी आवास वित्त कम्पनी जो अपने उधारकर्ताओ को उनके दावे प्रोद्भूत होने पर उनकी पूर्ण राशि का भुगतान करने की स्थिति में होगी ।

ख. आवास वित्त कम्पनी के कार्य/क्रियाकलाप इस तरह से संचालित किए जाए कि ये उसके उधारकर्ताओ के हितों के प्रतिकूल न हें ।

ग. आवास वित्त कम्पनी का प्रबंधन सार्वजनिक हितों और उसके उधारकर्ताओ के हितों के प्रतिकूल न हो ।

घ. आवास वित्त कम्पनी कें  पास  पर्याप्त पूंजी एवं अर्जन की संभावनाएं हों ।

ङ पंजिकरण के ऐसे प्रमाण-पत्र को प्रदान करने से सार्वजनिक हित पूरा होता हो ।

च. पंजिकरण प्रदान किया जाना आवास वित्त क्षेत्र की उन्नति/वृद्धि के प्रतिकूल न हो ।

छ. ऐसी अन्य शर्तें, जन्हें राष्ट्रीय आवास बैंक पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए अनिवार्य समह्लाता हो ।

 

9.क्या पंजिकरण के प्रमाण-पत्र की अस्वीकृति के आदेश के विरुद्ध कोई अपील होती है, यदि हां, तब किसके पास यह अपील की जा सकती है ?

हां, ऐसी आवास वित्त कम्पनी उस तारीख, जस दिन अस्वीकृति का आदेश उसे संसूह्वात किया जाता है, से 30 दिनों के भीतर केन्द्र सरकार को अपील कर सकती है ।

 

10. क्या एक बार  प्रदान कर दिए  गए पंजिकरण के प्रमाण-पत्र को राष्ट्रीय आवास बैंक निरस्त कर सकता है ?

हां, राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा किसी आवास वित्त कम्पनी को प्रदत्त पंजिकरण का प्रमाण-पत्र निम्नलिखित परिस्थितियों में निरस्त किया जा सकता है :-


क. जब यह आवास वित्त का  व्यवसाय करना बंद कर देती है ।

ख. जहां ऐसी आवास वित्त कम्पनी ऐसी किसी शर्त, जसके अध्यधीन उसको पंजिकरण का प्रमाण-पत्र जारी किया गया है, का अनुपालन करने में विफल रहती है ।

ग. जहां, यह किसी समय पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्रदान करने  के लिए ऊपर गिनाई  गई  शर्तों में  से किसी एक की पूर्ति करने में विफल रहती है ।

घ. जहां यह निम्नलिखित में विफल रहती है :-

i राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा जारी किसी निर्देश के अनुपालन में,

ii विधि की अपेक्षानुसार लेखा रखने में,

iii राष्ट्रीय आवास बैंक के अधिकारियों को निरीक्षण हेतु, उनके द्वारा ऐसी मांग किए जाने पर अपनी लेखा-बहियां एवं अन्य सुसंगत अभिलेख प्रस्तुत करने अथवा सौंपने में ।

ङ जहां राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा दिए गए किसी आदेश द्गद्वारा उसे सार्वजनिक जमा राशियां स्वीकार करने से प्रतिबंधित किया गया है, और ऐसा आदेश तीन महीने से अनधिक के लिए प्रवर्तन में रहा है ।

 

11. क्या राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा पंजिकरण के प्रमाण-पत्र के निरसन के आदेश के विरुद्ध कोई अपील होती है ? और यदि हां, तो  किसके पास यह अपील की जाती है ?

हां, ऐसी आवास वित्त कम्पनी उस तारीख, जस पर/जसमें निरसन का आदेश उसे संसूह्वात किया जाता है, से 30 दिनों के भीतर केन्द्र सरकार को अपील कर सकती है ।

 

12. निवल स्वाधिकृत निधि का क्या अर्थ होता है ?

क. आवास वित्त संस्थान के नवीनतम तुलन-पत्र में प्रकट किए अनुसार कुल ह्वाजकता साम्य (इक्विटी) पूंजी और निर्बंध आरक्षित निधियां, उनसे निम्न कटौती करने के बाद -

i हानि का संह्वात शेष

ii आस्थगित राजस्व व्यय, और

iii अन्य अमूर्त आस्तियां, और

ख. निम्नलिखित को जताने वाली राशियों को घटाकर -


ऐसे संस्थान के निम्नलिखित के शेयरों में निवेश/इसके अतिरिक्त, का बही-मूल्य

(i) सहायक कंपनियों में,

(ii) उसी समूह की कम्पनियों में,

(iii) अन्य सभी आवास वित्त संस्थान, जो कम्पनियां हैं, उनमें, और

2. निम्नलिखित वित्तीय संस्थानों को दिए गए और उनमें जमा किए गए ऋण-पत्रों, बंध-पत्रों का बही मूल्य (क्रय किराया एवं पावित्त सहित) बकाया ऋण एवं अग्रिमों की राशि ।

i ऐसी कम्पनी की सहायक कम्पनी, और,

ii उसी समूह की कम्पनियों में उतनी राशि, कि ऐसी राशि उपर्युकत (क) के 10 प्रतिशत से अधिक हो जाती है ।

सहायक (गौण) कम्पनियों  और  उसी ग्रुप  की कम्पनियों का वही अर्थ होगा जो उन्हें कम्पनी अधिनियम, 1956 में समनुदेशित किया गया है ।


II. सार्वजनिक निक्षेप स्वीकार करना

1.निक्षेप क्या होता है ?

सार्वजनिक निक्षेप - यह अभिव्यक्ति, 2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों के अनुह्वछेद 2 के उप अनुह्वछेद (1) के खंदृ (दृब्ल्यू) में, विस्तार से परिभाषित की गई है । तथापि, सार्वजनिक निक्षेप की परिभाषा में, विशेष रूप से, केन्द्र अथवा राद्दय सरकारों, बैंकों, सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों और अन्य संस्थानों से, अन्य कम्पनियों, म्युह्वाजअल फंदृ, इत्यादि से प्राप्त हुई राशियां शामिल नहीं हैं ।

 

2.क्या सभी आवास वित्त कम्पनियां निक्षेप स्वीकार कर सकती हैं ?

      निक्षेप स्वीकार करने के लिए आवास वित्त कम्पनियां को दो वर्गों में, अर्थात् 12 जून, 2000 से पूर्व आवास वित्त का व्यापार कर रही आवास वित्त कम्पनियां और उस तारीख के बाद आवास वित्त का व्यापार प्रारम्भ करने वाली कम्पनियां, विभाजत किया जा सकता हैं ।

क. 12 जून, 2000 से पूर्व आवास वित्त का व्यापार कर रही आवास वित्त कम्पनियां जमा राशियां स्वीकार कर सकती हैं, बशर्ते कि उनके पास पह्वह्वास लाख रुपए से अधिक की निवल स्वाधिकृत निधि हो और 12 दिसम्बर, 2000 से पूर्व राष्ट्रीय आवास बैंक में पंजिकरण के प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया हो और या तो उन्हें राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा सार्वजनिक जमा राशि की स्वीकृति के लिए विधिमान्य पंजिकरण का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया हो अथवा राष्ट्रीय आवास बैंक में पंजिकरण का प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए उनका आवेदन अभी भी विचाराधीन हो ।

ख. 12 जून, 2000 के बाद आवास वित्त का व्यापार प्रारम्भ करने वाली कम्पनियां केवल निम्नलिखित के बाद सार्वजनिक जमा राशियां स्वीकार कर सकती हैं :-

i राष्ट्रीय आवास बैंक से, सार्वजनिक जमा राशियों की स्वीकृति के लिए, विधिमान्य पंजिकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद,

ii दो करोद़ृ रुपए * अथवा इससे अधिक की निवल स्वाधिकृत निधि रखने पर

*यह राशि उन आवास वित्त कम्पनियों के लिए पचास लाख रुपए अथवा  उससे अधिक थी जन्होंने 16 फरवरी, 2002 से पूर्व व्यापार प्रारम्भ किया था ।

 

3.क्या आवास  वित्त  कम्पनी द्वारा  निक्षेप स्वीकार  करने की कोई उह्वह्वातम सीमा है ?

हां, जन आवास वित्त कम्पनियों को सार्वजनिक निक्षेप की स्वीकृति के साथ विधिमान्य पंजिकरण प्रमाण-पत्र राष्ट्रीय आवास बैंक से प्राप्त है एवं जन्हें किसी एक अनुमोदित रेटिंग एद्दोंसी से ख्र्एदृ से ऊपर का ऋण-पात्रता निर्धारण (रेटिंग) मिली हो और जो विवेक सम्मत मानदंदों की सभी अपेक्षाओं का अनुपालन कर रही हों, वे अपनी निवल स्वाधिकृत निधि का पांह्वा गुणा तक का निक्षेप स्वीकार कर सकती हैं । जन आवास वित्त कम्पनियों  के पास कोई ऋण-पात्रता निर्धारण नहीं हो, वे अपनी निवल स्वाधिकृत निधि के केवल दो गुणा अथवा दस करोद़ृ रुपए, दोनों  में से जो भी कम हो, उतनी राशि का सार्वजनिक निक्षेप स्वीकार कर सकती हैं बशर्तें कि ऐसी आवास वित्त कम्पनी सभी विवेक सम्मत मानदंदों का अनुपालन करती है और पिछले संपरीक्षित तुलन-पत्र के अनुसार, उसकी `पूंजीú पर्याप्तता अनुपात` भी पंद्रह प्रतिशत से कम नहीं हो ।

 

4. क्या  किसी  आवास  वित्त  कम्पनी द्वारा  सार्वजनिक निक्षेप की स्वीकृति के लिए ऋण-पात्रता निर्धारण अनिवार्य है ?

नहीं, `ऋण-पात्रता निर्धारण` रखने वाली आवास वित्त कंपनी ऐसे निर्धारण के बिना किसी आवास वित्त कम्पनी के यथा तुलनाकृत निक्षेपों की स्वीकृति के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार, अधिक निक्षेप स्वीकार कर सकती हैं  । विवरण के लिए कृपया प्रश्न सं. 3 का प्रत्युत्तर देखें ।

 

5. उपर्युक्त उ टश्य हेतु कौन सी अनुमोदित `ऋण-पात्रता निर्धारण` एद्दोंसियां हैं ?

i इस उ टश्य हेतु निम्नलिखित ऋण-पात्रता निर्धारण एद्दोंसियां अनुमोदित की गई हैं :-

ii दी क्रेदृट रेटिंग इन्फॉरमेशन सर्विसेज़ ऑफ इंदृया लिमिटेदृ (क्राईसिल)।

iii आईसीआरए लि.(इकरा) ।

iv क्रेदृट एनेलिसिस एंदृ रिसर्ह्वा लिमिटेदृ (केयर) ।

v फिह्वा(एफआईटीसीएह्वा) रेटिंग्स इंदृया (प्रा.)लि.।

6.क्या ब्याज दर की कोई उह्वह्वातम सीमा है जो किसी आवास वित्त कम्पनी द्वारा सार्वजनिक निक्षेपों पर दी जा सके ?

आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) निर्देश, 2001 के अनुसार सार्वजनिक निक्षेपों के ब्याज की दर पर उह्वह्वातम सीमा की व्यवस्था है जो किसी आवास वित्त कम्पनी की ओर से सार्वजनिक निक्षेपों पर दी जा सकती है । वर्तमान उह्वह्वातर सीमा साड्ढ़ट बारह प्रतिशत प्रति वर्ष है जसकी ह्वाक्रवृद्धि मासिक अंतराल से कम अंतराल पर नहीं हो सकती । तथापि, किसी आवास वित्त कम्पनी की ओर से सार्वजनिक निक्षेपों  पर प्रदत्त ब्याज की न्यूनतम दर के संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं है ।

 

7. क्या उस अवधि पर कोई (प्रतिबंध/सीमा) है, जसके  लिए कोई  आवास वित्त कम्पनी सार्वजनिक निक्षेप स्वीकार कर सकती है ?

2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों के अनुसार, आवास वित्त कम्पनियां एक वर्ष और उससे अधिक तथा केवल सात वर्षों तक के लिए निक्षेप स्वीकार कर सकती हैं ।

 

8.क्या कोई जमाकर्ता अपनी जमा की गई राशि को परिपक्वता से पूर्व वापस ले सकता है ? यदि हां, तब क्या इसके लिए कोई शर्त होती है ?

इसके विपरीत किसी अनुबंध के अध्यधीन, कोई आवास वित्त कम्पनी, किसी जमाकर्ता की ओर से किए गए अनुरोध पर निम्नलिखित के अध्यधीन, जमा राशि का परिपक्वता पूर्व भुगतान करने पर विचार कर सकती है :-

i किसी भी निक्षेप का पुनर्भुगतान उसकी स्वीकृति की तारीख से तीन महीनों के भीतर नहीं किया जा सकता है ।

ii यदि जमा राशि का पुनर्भुगतान उसे जमा  करने  की तारीख से 6 महीनों के भीतर किया जाता है  तो उसके साथ कोई ब्याज नहीं ह्वाजकाया जाएंगा ।

iii जहां जमा राशि, 6 महीने से  12 महीने की अवधि के लिए जमा रही हो, वहां ब्याज 10% से द्द़यादा नहीं ह्वाजकाया जा सकता ।

iv जहां जमा राशि बारह महीनों की अवधि तक ह्वाली हो, तब ब्याज की लागू दर उतनी अवधि, जतनी के लिए जमा राशि वास्तविक रूप से रही है, के लिए लागू उस आवास वित्त कम्पनी की दर से एक प्रतिशत बिंदु कम होगी ।

v जमाकर्ता की मृत्यु के मामले में, जमा राशि का ब्याज सहित पुनभ्जादगतान ऐसी जमा राशि के पुनर्भुगतान की तारीख तक संविदागत दर से किया जा सकता है /जाएंगा ।

 

9.क्या कोई आवास वित्त कम्पनी अपनी मजाúद से जमा राशि का परिपक्वतापूर्व भुगतान कर सकती है ?

नहीं, सार्वजनिक जमा राशि की स्वीकृति जमाकर्ता और आवास वित्त कम्पनी के बीह्वा निश्ह्वात समयावधि के लिए एक अनुबंध होता है । तथापि, अनुबंध का कोई भी नवीकरण पक्षकारों के बीह्वा परस्पर सहमति से किया जाएंगा और यह 2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों के उपबंधों के अनुकूल होना चाहिए ।

 

10.क्या राष्ट्रीय आवास बैंक, आवास वित्त कम्पनियों की सार्वजनिक जमा राशियों की गारंटी देता है ?

नहीं, उधारकर्ताओ को सूह्वात किया जाता है कि वे किसी आवास वित्त कम्पनी के पास अपनी जमा राशि रखने से पूर्व स्वयं को उसकी वित्तीय स्थिति और सभी सुसंगत पहलुओं के बारे में संतुष्ट कर लें ।

किसी आवास वित्त कम्पनी में राशि जमा करने वाले व्यक्ति को सार्वजनिक राशि जमा करने से पूर्व स्वयं को इस बात से संतुष्ट कर लेना चाहिए कि उसके (कंपनी के) पास सार्वजनिक जमा राशि स्वीकार करने  के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक के पंजिकरण का विधिमान्य प्रमाण-पत्र है । राष्ट्रीय आवास बैंक, किसी आवास वित्त कम्पनी को पंजिकरण का प्रमाण-पत्र जारी करते समय, विशेष रूप से, इस बात का उल्लेख करता है कि क्या वह  संस्था सार्वजनिक जमा राशि स्वीकार कर सकती है अथवा नहीं ?

 

11.क्या कोई आवास वित्त कम्पनी अपने उधारकर्ताओ को नामांकन सुविधा प्रदान कर सकती है ?

हां, ऐसी सुविधा आवास वित्त कंपनी के उधारकर्ताओ को अनुज्ञेय है ।

 

12.किसी जमाकर्ता के पास क्या-क्या समाधान उपलब्ध हैं, जब आवास वित्त कंपनी परिपक्वता पर जमा राशि का पुनर्भुगतान नहीं करती है ?

जमाकर्ता जमा राशि की वसूली के लिए एक सिविल वाद दायर कर सकता है । वह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अधीन स्थापित उपभोक्ता मंह्वा में भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है । जमाकर्ता ऐसे मामलों को राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम के उपबंधों के अधीन व्यतिक्रमी कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक के ध्यान में भी ला सकता है । इस बात से संतुष्ट हो जाने पर कि कंपनी ने जमाराशि के पुनर्भुगतान में व्यतिक्रम किया है, राष्ट्रीय आवास बैंक उसे आगामी जमाराशि स्वीकार करने और उसकी आस्तियें के अन्य संक्रामण से प्रतिबंधित करते हुए निर्देश जारी कर सकता है । राष्ट्रीय आवास बैंक आर्थिक दंदृ भी लगा सकता है और अन्य दंदृ अधिरोपित/आरोपित करने के लिए कार्रवाई कर सकता है । राष्ट्रीय आवास बैंक ऐसी कम्पनियों के विरुद्ध समाप्त करने की याह्वाका भी प्रस्तुत कर सकता है ।

 

13.सार्वजनिक जमा राशियां आमंत्रित करने के आवेदन प्रपत्र में किसी आवास वित्त कंपनी के लिए क्या विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक हैं ?

सार्वजनिक जमा राशि आमंत्रित करते समय, किसी आवास वित्त कंपनी को, अन्य बातों के साथ-साथ, निम्नलिखित उपदर्शित करना पद़ृता है :-

  • उधारकर्ताओ के विनिर्दिष्ट वर्ग का विवरण ।
  • उसके उधारकर्ताओ को समनुदेशित ऋण-पात्रता निर्धारण ।
  • ग्रुप कंपनियों में कुल निवेश से संबंधित जानकारी और अन्य हस्तियां जनमें आवास वित्त कंपनियों के निदेशकों/आवास वित्त कंपनियों का पर्याप्त हित होता हो ।
  • किसी कमी के मामले में, उपलब्ध तुरंत निवारण से संबंधित अन्य विवरण, जमाराशियों का भुगतान नहीं किए जाने का प्रभाव, कंपनी की वित्तीय स्थिति, विनियामक कार्यढांचा इत्यादि, द्दौसा कि -2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देर्शों के अनुह्वछेद-6 में विस्तार से दिया गया है ।
  • जानकारी, जो ग़ैर-बैंककारी वित्तीय कम्पनियों और 1977 के विविध ग़ैर-बैंककारी कम्पनी (विज्ञापन) नियम के अंतर्गत लिखित है, जो कम्पनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 58ए के अधीन बनाए गए हैं ।

 

 

  III.     विनियमन :

1.राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 के अधीन, आवास वित्त कम्पनियों के विनियमन के लिए क्या-क्या उपबंध हैं ?

आवास वित्त कम्पनियों के विनियमन के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 के अधीन प्रदान किए गए उपबंध निम्नलिखित हैं  :-

  • पंजिकरण और निवल स्वाधिकृत निधि की आवश्यकता ।
  • विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों में आस्तियों का प्रतिशत बनाए रखना ।
  • आवास वित्त कम्पनी द्वारा आरक्षित निधि का निर्माण ।
  • जमा राशियां आमंत्रित करते हुए विवरणिका अथवा विज्ञापन जारी करने का विनियमन अथवा प्रतिबंधन ।
  • आवास वित्त कम्पनियों के लिए विवेक सम्मत मानदंदों को अवधारित करना ।
  • जमा राशियों के बारे में जानकारी एकत्रित करना और निर्देश देना ।
  • वित्तीय विवरणों और प्रकटीकरण की अपेक्षाओं से संबंधित आवास वित्त कम्पनियों के लेखा-परीक्षकों को निर्देश जारी करना ।
  • जमा राशियों की स्वीकृति और आस्तियों के अन्य संक्रामण पर प्रतिबंध लगाना ।
  • अधिनियम के उपबंधों अथवा उनके अधीन जारी निर्देशों के उल्लंघन के लिए दंदृ लगाना ।
  • दोषी आवास वित्त कम्पनियों के विरुद्ध समाप्त करने की याह्वाका दायर करना ।
  •  

2. क्या राष्ट्रीय आवास  बैंक अधिनियम, 1987 के  अधीन, आवास वित्त कम्पनियों को राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा कोई निर्देश जारी किए गए हैं ?

    हां, राष्ट्रीय आवास बैंक ने समय-समय पर आवास वित्त कम्पनियों को सामान्य निर्देश जारी किए हैं । जो निर्देश इस समय लागू हैं, वे 2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों के नाम से जाने जाते हैं । ये निर्देश आवास वित्त कम्पनी द्वारा जमा राशि की स्वीकृति, आय अभिज्ञान, पूंजीú पर्याप्तता, आस्ति वर्गीकरण, ऋण संकेन्द्रण इत्यादि से संबंधित विवेक सम्मत मानदंदों से संबंध रखते हैं । इनमें प्रकटीकरण अपेक्षाओं के बारे में आवास वित्त कम्पनी के लेखा-परीक्षकों के निर्देश भी अंतर्विष्ट हैं ।

     

3.राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 एवं 2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों के अधीन आवास वित्त कम्पनियों को विनियमित करने के लिए राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा क्या प्रणाली विज्ञान अंगीकृत किया गया है ?

राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा अंगीकृत प्रणाली विज्ञान को मोटे तौर पर निम्नलिखित प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है :-

i प्रवेश स्तर का विनियमन अर्थात् पंजिकरण के समय आवास वित्त कम्पनी की संवीक्षा ।

ii स्थलेत्तर सर्वेक्षण, अर्थात् - आवास वित्त कम्पनी द्वारा समय-समय पर प्रस्तुत की गई जानकारी, विवरणी, पत्रिकाएं इत्यादि के विश्लेषण के माध्यम से ।

iii स्थलीय निरीक्षण अर्थात् राष्ट्रीय आवास बैंक के अधिकारियों द्वारा आवास वित्त कंपनियों के कार्यालयों का निरीक्षण और उसकी लेखा-बहियों, विवरणियों का सत्यापन /संवीक्षा इत्यादि ।

iv अन्य विनियामक प्राधिकारियों के साथ परस्पर अन्योन्य क्रिया ।

 

4.राष्ट्रीय आवास बैंक को आवास वित्त कम्पनी की ओर से कौन-कौन सी आवधिक विवरणियां, विवरण इत्यादि प्रस्तुत करने आवश्यक हैं ?


जो विवरणियां/विवरण आवास वित्त कम्पनियों द्वारा राष्ट्रीय आवास बैंक को प्रस्तुत किए जाने हैं, उनका विवरण नीह्वो दिया जाता है :-
  • वार्षिक विवरणी
  • विवेक सम्मत मानदंदों पर अर्धवार्षिक विवरणी ।
  • अर्थ सुलभ आस्तियां रखने पर त्रैमासिक विवरणी ।
  • वार्षिक आधार पर लेखा-परीक्षकों का प्रमाण-पत्र जसमें जमा राशियों के पुनर्भुगतान पर आवास वित्त कम्पनी की क्षमता प्रमाणित की गई हो ।
  • वित्तीय विवरण/वार्षिक रिपोर्ट की प्रति ।
  • आवास वित्त कम्पनी, उसके निदेशकों इत्यादि के पंजाúकृत कार्यालयें के पते से संबंधित परिवर्तनों पर विवरणी ।
  • सार्वजनिक जमा राशियां आमंत्रित करते हुए विज्ञापन अथवा उसके स्थान पर विवरण की एक प्रति ।

 

5.अधिनियम के उपबंधों और 2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों का अनुपालन नहीं करने वाली आवास वित्त कम्पनियों के विरुद्ध राष्ट्रीय आवास बैंक क्या कार्रवाई कर सकता है ?

राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 के अनुसार, राष्ट्रीय आवास बैंक को निम्नलिखित कार्रवाई करने का अधिकार है :-

क. जमा राशियों  की  स्वीकृति  और  आस्तियों  के अन्य  संक्रामण को प्रतिबंधित करते हुए विनिर्दिष्ट निर्देश जारी करना ।
ख. पंजिकरण के प्रमाण-पत्र को निरस्त करना ।
ग. कम्पनी समाप्त करने की याह्वाका दायर करना ।
घ. आवास वित्त कम्पनी और उसके  प्रधान अधिकारियों पर आर्थिक दंदृ अधिरोपित करना ।
ङ दंदृ अधिरोपित करने हेतु मजस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज करना ।

 

6.राष्ट्रीय आवास  बैंक अधिनियम, 1987 और  2001 के  आवास  वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों के अधीन उधारकर्ताओ का हित सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या उपबंध हैं  ?

राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम, 1987 एवं 2001 के आवास वित्त कम्पनी (राष्ट्रीय आवास बैंक) के निर्देशों में कुछ सुरक्षित उपायों की गणना नीह्वो की जाती है :-

(i) उस राशि की उह्वह्वातम सीमा निर्धारित करना जो एक आवास वित्त कम्पनी द्वारा स्वीकार की जा सकती है ।
(ii) जमा राशियों पर ब्याज की उह्वह्वातम सीमा निर्धारित करना ।
(iii) नामांकन सुविधा का प्रावधान ।
(iv) उधारकर्ताओ को प्रकटीकरण की अपेक्षाएं ।
(v) जमा राशियां जजटाने के लिए आवास वित्त कम्पनी द्वारा संदेय दलाली पर उह्वह्वातम सीमा अधिरोपित करना ।
(vi) जमा राशियों के पुनर्भुगतान में व्यतिक्रम के मामले में, आस्तियों के अन्य संक्रामण पर प्रतिबंध लगाना ।
(vii) आवास वित्त कम्पनी की ओर से अर्थसुलभ आस्तियां रखने की आवश्यकता ।
(vii) आरक्षित निधि का निर्माण करना ।
(viii)राष्ट्रीय आवास बैंक अधिनियम के उपबंधों का और किसी आवास वित्त कम्पनी द्वारा निर्देशों का ख्रक तरह से पालन सुनिश्ह्वात करने के लिए अनुपालन को सत्यापित करने हेतु आवधिक आंकद़े एकत्रित करना ।


   
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