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घटनाऐं
 
राष्ट्रीय आवास बैंक: वित्तीय वर्ष २०१०-११ के वार्षिक परिणाम
एनएचबी रेजीडेक्सत – रिहायशी आवास का मूल्य सूचकांक तिमाही अद्यतन अप्रैल-जून, 2011
राष्ट्रीय आवास बैंक के द्वारा शहरी गरीबों को आवास हेतु ब्या ज अनुदान सहायता (ईशप) तथा 1% ब्याशज सहायता
रा.आ. बैंक को राजभाष गृह पत्रिका सम्मावन
निम्नय आय आवास पर ग्राहकों की अर्न्तरदृष्टि पर राष्ट्रीपय आवास बैंक- मानीटर इंडिया बैठक
इंडोनेशिया गणतंत्र के आवास मंत्री एच.ई. सुहारसो मोनोरफा तथा प्रतिनिधियों ने राष्ट्री य आवास बैंक, नई दिल्लीी का दौरा किया
रा.आ. बैंक द्वारा ग्रामीण आवास वित्त हेतु वित्तीय समावेशन पुरस्काैर प्रदत्त
ऊर्जा क्षम आवास को बढा़वा देने हेतु केएफडब्लू्, जर्मनी के साथ रा.आ. बैंक का समझौता ज्ञापन
अहमदाबाद में रिवर्स मार्टगेज ऋण परामर्श केन्द्रे का 23 दिसम्बेर, 2010 को उदघाटन
रा.आ. बैंक के पुरस्काकर विजेता निबंधों का विमोचन
दिनांक 08 जून, 2011 को भारत सरकार और राष्ट्री य आवास बैंक (रा.आ.बैंक) द्वारा संयुक्तल रुप से सभी राज्यों से आयोजक बैंकों की राज्य‍ स्तसरीय बैंकर समिति (एसएलबीसी) की बैठक का आयोजन
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
वित्तीय वर्ष २०१०-११ के वार्षिक परिणाम
 

1.राष्ट्री य आवास बैंक एक शीर्षस्थ़ वित्तीमय संस्थारन है, जो 30 जून, 2011 को अपने वित्ता वर्ष की समाप्ति पर वार्षिक परिणामों को घोषित कर रहा है. बैंक का निवल लाभ 279 करोड़ रुपए तथा सकल ऋण एवं अग्रिमों को 22,581 करोड रुपए प्रदर्शित किया है, शून्य सकल ग़ैर-निष्पा दक आस्तियों एवं निवल ग़ैर-निष्पारदक आस्तियों के साथ इस वर्ष के दौरान 100% संग्रहण सक्षमता बनाए रखी है. बैक ने इस वर्ष कुल 12,035 करोड़ रुपए ऋण संवितरण किया है, जिसमें से 5,789 करोड़ रुपए के साथ 48% ग्रामीण आवास की भागीदारी है. इस संवितरण के परिणामस्वारूप, प्रति आवास इकाई 4 .36 लाख रुपए ऋण का आकार रहा.


2. 2011-12 के केन्द्री य बजट ने राजीव आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (ईडब्यूुप एस) तथा निम्न आय वर्ग (एलआईजी) परिवारों हेतु बैंकों एवं आवास वित्त कंपनियों से ऋण के प्रवाह को सुगम बनाने हेतु एक मार्टगेज रिस्को गारंटी फंड (बंधक जोखिम) गारंटी निधि) बनाने की घोषणा की थी. आवास एवं शहरी ग़रीबी उन्मू लन मंत्रालय के मार्गदर्शन के तहत राष्ट्री य आवास बैंक की भूमिका प्रस्ताजवित निधि को प्रबंधित एवं अभिशासित करने के लिए महत्व पूर्ण होगी. इसके अलावा राष्ट्री य आवास बैंक में प्रचालनात्मकक ग्रामीण आवास निधि (आरएचएफ) का वार्षिक आबंटन केन्द्री य बजट 2011-12 में बढ़ाकर 3,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में 'कमज़ोर वर्ग ' के लिए विद्यमान वित्त्द‍ सहायता को विस्तानरित किया जाए.


3. राष्ट्री य आवास बैंक ने सरसई (CERSAI) को एक कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 के तहत एक सरकारी कंपनी के रूप में अनुज्ञप्तिषधारी बनाने में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई है जिसका उद्देश्यम सरफेसी अधिनियम, 2002 के प्रावधानानुसार एक केन्द्री य रजिस्ट्रीय को तैयार करना एवं कार्यात्मधक बनाना है. इसका लक्ष्यि एक अचल संपत्ति पर विभिन्नी बैंकों द्वारा बहु ऋणों से जुड़े मामलों में धोखाधड़ी को रोकना है. सरसई ने अपना कार्य 31.03.2011 से प्रारम्भा कर दिया है. मध्यि सितम्बंर, 2011 तक स्वोत्वा धिकार विलेखों को जमा करने के द्वारा 3 लाख से अधिक मॉर्टगेजों का पंजीकरण हो चुका है जो सेंट्रल रजिस्ट्री में विभिन्न बैंकों/आवास वित्त् कंपनियों तथा अन्य वित्ती्य संस्थाानों द्वारा किए गए हैं.


4. वरिष्ठक नागरिकों की आवश्यसकताओं को पूरा करने हेतु राष्ट्री य आवास बैंक ने रिवर्स मॉर्टगेज ऋण योजना को संकल्पित एवं प्रस्तु त किया है तथा इसका परिवर्तित स्वहरूप रिवर्स मॉर्टगेज लोन इनेबल्डओ एनुइटी स्कीरम (ऋण वार्षिक किस्तस योजना) भी प्रस्तुरत की है राष्ट्री्य आवास बैंक लगातार इस योजना को प्रोत्सा हित करने के लिए प्रयासशील है जिसके लिए वर्ष 2011-12 में भारत भर के अनेक शहरों में वरिष्ठत नागरिकों के लिए 16 संगोष्ठियां आयोजित की हैं. इस वर्ष 30 जून, 2011 तक राष्ट्रीवय आवास बैंक के द्वारा देश भर के विभिन्नठ 9 शहरों में 10 परामर्श केन्द्रं खोले जा चुके हैं.


5 वर्ष 2010-11 के दौरान, राष्ट्री य आवास बैंक के द्वारा पाँच अन्यव आवास वित्तक कंपनियों को पंजीयन जारी किया गया जो कुल 52 आवास वित्ता कंपनियां हो गई हैं. इसके साथ आवास वित्त कंपनियों ने आवास ऋणों में तीव्र वृद्धि दर्शाई है, जिनके 31.03.2011 तक 55,210.88 करोड़ रुपए की बकाया गृह ऋण था, जिसकी वार्षिक वृद्धि 21.15 प्रतिशत है. 31.03.2011 तक आवास वित्ति कपनियों की निवल ग़ैर-निष्पा दक आस्तियां 1276 करोड़ रुपए थीं जो कि 31.03.2011 की तुलना में 1,438 करोड़ रुपए कम थीं.


6. आवास क्षेत्र के विकास को स्विस्थक एवं स्थातयीत्वं रुप में सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीकय आवास बैंक ने राष्ट्री्य आवास बैंक अधिनियम, 1987 के प्रावधानों के तहत आवास वित्ते कंपनियों के लिए दिशा-निर्देश एवं मार्ग -निर्देश जारी किए आवासीय संपत्तियों के दामों में वृद्धि के रुख को देखते हुए, राष्ट्री य आवास बैंक ने अन्यए बातों के साथ-साथ यह अनुबद्ध किया कि मानक आस्ति के परिप्रेक्ष्ये में आवास ऋणों के अलावा वैयक्तिक ऋणों हेतु कुल बकाए पर 0.4 प्रतिशत का एक सामान्य् प्रावधान किया जो सभी आवास वित्तह कंपनियों के द्वारा 30 सितम्बोर, 2011 तक अपेक्षित किया गया. ऋण के मूल्य अनुपात के साथ-साथ आवास ऋण की मात्रा के आधार पर आवास वित्त् कंपनियों के आवास ऋणों के जोखिम भार को उनके ऋण अभिशासन के द्वारा सख्त किया गया. इसके साथ ही, राष्ट्री य आवास बैंक ने उन आवास वित्तक कंपनियों के लिए एनओएफ (निवल प्रचालन निधि) की सीमा 10 करोड़ रुपए कर दी जो कि आवास वित्तस कंपनी के रूप में 18 जून, 2011 के पश्चापत् आवास वित्त का व्य वसाय प्रारम्भर करना चाहती है. राष्ट्री य आवास बैंक ने ग्राहकों के हितों को ध्यांन में रखते हुए अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी)/काला धन निरोधन (एएमएल) उपायों तथा एएलएम दिशा-निर्देशों एवं उचित आचार संहिता को संशोधित किया है.

 
 
 
 
 
एनएचबी रेजीडेक्‍स – रिहायशी आवास का मूल्‍य सूचकांक तिमाही अद्यतन अप्रैल-जून, 2011
 

एनएचबी रेजीडेक्‍स- रेजीडेंसल हाउसिंग प्राइस इंडेक्‍स (आवासीय आवास मूल्‍य सूचकांक)

अप्रैल-जून 2011 की तिमाही अद्यतन रिपोर्ट हेतु

1.सूचकांक का क्षेत्र और कवरेज

एनएचबी रेजीडेक्‍स चयनित 15 शहरों में मकानों के मूल्‍यों पर नजर रखता है. नवीनतम रेजीडेक्‍स अप्रैल-जून 2011 तिमाही का है. रेजीडेक्‍स 15 शहरों का बनाया गया है और प्रत्‍येक शहर में इस उद्देश्‍य से किये गए वर्गीकरण के अनुसार विभिन्‍न स्‍थानों और मंडलों की आवासीय सम्‍पत्तियों की मूल्‍य प्रवृति को नोट किया जाता है. वर्गीकरण इस प्रकार से किया जाता है ताकि सूचकांक में प्रत्‍येक शहर के बाजार में होने वाले सौदों का प्रतिनिधित्‍व हो सके तथा विभिन्‍न स्रोतों से डाटा एकत्र किया जाता है. इस डाटा को एक मॉडल के माध्‍यम से दर्शाया जाता है जो बाजार की वास्‍तविक प्रवृति का½ प्रस्‍तुत करता है जिसे सूचकांक कहते हैं. इस पहल की कोशिश आवासीय सम्‍पत्ति की बाजार प्रवृत्ति तथा विभिन्‍न पक्षों को बेहतर ढंग से प्रस्‍तुत करना होता है. इससे सम्‍पत्ति बाजार में पारदर्शिता भी बढ़ती है. रेजीडेक्‍स से पूरे उद्योग में सम्‍पत्तियों के मूल्‍यों में अधिक समानता और मानकीकरण होने की आशा की जाती है.

2. एनएचबी रेजीडेक्‍स की उपयोगिता

यह सूचकांक, एक अवधि के दौरान, एक विशेष शहर की स्‍थैतिकी के अनुसार मूल्‍य में तुलना करने तथा शहरों एवं स्‍थैतिकी के अनुसार मूल्‍य में तुलनात्‍मकता के आधार पर आवास /घर खरीददारों को निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होगा. आवास वित्‍त में एक सर्वाधिक विचारणीय मुद्दा वित्‍त सहायता (ऋण) दी जाने वाली संपत्ति की कीमत का उपयुक्‍त मूल्‍यांकन करना है. यह सूचना ऋण के खिलाफ प्रतिभूति की गुणवत्‍ता के मूल्‍यांकन एवं ऋण मूल्‍यांकन की धारिता के लिए निर्णायक होती है. एनएचबी रेजीडेक्‍स वित्‍त प्रदान की जानेवाली संपत्ति के मूल्‍यांकन के लिए एक उपयोगी संकेतक हो सकता है और इसके साथ ही बकाया ऋण प्रतिभूति आवरण (जमानत) के औचित्‍य मूल्‍यांकन के लिए भी उपयोगी हो सकता है. एनएचबी रेजीडेक्‍स की शहर स्‍तरीय गतिविधियों से प्रेक्षक बाजार की संभाव्‍यता (क्षमता) को भी पहचान सकते हैं. इसके साथ ही भवन निर्माता एवं विकासक भी देश के विभिन्‍न भागों में आवास की आवश्‍यकता के आकलन तथा स्‍थैतिकी के अनुसार मांग परिदृश्‍य को आकलित करने के लिए लाभ उठा सकते हैं. एनएचबी रेजीडेक्‍स नीतिनिर्माताओं, बैंकों, आवास वित्‍त कंपनियों, भवन निर्माताओं, विकासकों, निवेशकों तथा वैयक्तिकों के लिए उपयोगी हो सकता है.

3. अप्रैल-जून 2011 तिमाही में मूल्‍यों में उतार-चढ़ाब

अप्रैल-जून 2011 तिमाही के दौरान एनएचबी रेजीडेक्‍स में शामिल शहरों में आवासीय सम्‍पत्तियों के मूल्‍यों में पिछली तिमाही की तुलना में वृद्धि की प्रवृति देखी गई.

वृद्धि की प्रवृति : जून 2011 (अप्रैल-जून, 2011) को समाप्‍त तिमाही में 12 शहरों में आवासीय सम्‍पत्ति के मूल्‍यों में मार्च 2011 (जनवरी-मार्च, 2011) को समाप्‍त पिछली तिमाही की तुलना में वृद्धि देखी गई. जिन शहरों में सबसे अधिक वृदिद्य देखी गई वे हैं – भोपाल (33.73 प्रतिशत) और फरीदाबाद (33.38 प्रतिशत), इसके बाद कोच्चि (24.30 प्रतिशत), सूरत (16.60 प्रतिशत), दिल्‍ली (16.29 प्रतिशत), चेन्‍नै (13.39 प्रतिशत), हैदराबाद (9.93 प्रतिशत), बंगलूरू (5.07 प्रतिशत), मुम्‍बई (3.33 प्रतिशत), अहमदाबाद (2.45 प्रतिशत), लखनऊ (2.16 प्रतिशत), पुणे (1.10 प्रतिशत)

घटती प्रवृति : दो शहर ऐसे हैं जहां पिछली तिमाही में मूल्‍यों में गिरावट आई – कोलकाता (-8.21 प्रतिशत) और जयपुर (-4.70 प्रतिशत)

पटना में पिछली तिमाही में कोई बदलाव नहीं हुआ.

 

शहरों का सूचकांक

 

नगर

2007 सूचकांक

जन'
जून 2008 सूचकांक

जुलाई-दिसं 2008 सूचकांक

जन-जून 2009 सूचकांक

जुलाई-दिसं' 2009 सूचकांक

जन-मार्च, 2010 सूचकांक

अप्रैल-जून 2010 सूचकांक

जुलाई-सितं 2010 सूचकांक

अक्‍तू-दिसं 2010 सूचकांक

जन- मार्च 2011 सूचकांक

अप्रैल-जून 2011 सूचकांक

हैदराबाद

100

96

92

65

81

81

82

87

87

83

91

फरीदाबाद

100

100

121

139

145

154

152

170

176

165

220

पटना

100

103

100

107

119

127

124

148

146

146

146

अहमदाबाद

100

106

100

127

128

113

131

141

164

165

169

चेन्‍नै

100

104

95

120

143

164

183

210

214

218

248

जयपुर

100

119

115

71

63

66

61

63

69

67

64

लखनऊ

100

103

102

104

119

112

133

148

152

157

160

पुणे

100

101

97

103

117

124

135

140

141

148

150

सूरत

100

101

98

111

123

109

136

128

133

128

149

कोच्चि

100

106

95

90

83

79

83

97

101

86

107

भोपाल

100

139

151

139

162

158

153

166

173

167

224

कोलकाता

100

114

140

162

185

165

176

191

213

211

194

मुम्‍बई

100

112

117

124

126

134

160

167

173

175

181

बैंगलुरु

100

73

76

58

59

64

68

74

101

88

92

दिल्‍ली

100

124

130

121

113

106

110

115

123

126

147

15 शहरों का सूचकांक तैयार किया गया है और उसे जून 2011 को समाप्‍त तिमाही तक अद्यतन किया गया है. जून 2011 (अप्रैल-जून, 2011) को समाप्‍त तिमाही में मार्च 2011 (जनवरी-मार्च, 2011) को समाप्‍त पिछली तिमाही की तुलना में वृद्धि देखी गई.

जिन शहरों में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई वे हैं – भोपाल (33.73 प्रतिशत) और फरीदाबाद (33.38 प्रतिशत), इसके बाद कोच्चि (24.30 प्रतिशत),सूरत (16.60 प्रतिशत), दिल्‍ली (16.29 प्रतिशत), चेन्‍नै (13.39 प्रतिशत), हैदराबाद (9.93 प्रतिशत), बंगलूरू (5.07  प्रतिशत), मुम्‍बई (3.33 प्रतिशत),अहमदाबाद (2.45 प्रतिशत), लखनऊ (2.16 प्रतिशत) और पुणे (1.10 प्रतिशत)

दो शहर ऐसे हैं जहां पिछली तिमाही में मूल्‍यों में गिरावट आई – कोलकाता (-8.21  प्रतिशत) और जयपुर (-4.70 प्रतिशत). पटना में पिछली तिमाही में कोई बदलाव नहीं हुआ.

 

 

 

राष्ट्रीय आवास बैंक के द्वारा शहरी गरीबों को आवास हेतु ब्यााज अनुदान सहायता (ईशप) तथा 1% ब्याशज सहायता
 

राष्‍ट्रीय आवास बैंक ने दिनांक 21 जुलाई, 2011 को नई दिल्‍ली में शहरी गरीबों के आवास हेतु ब्‍याज अनुदान सहायता तथा 1% ब्‍याज सहायता योजना पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की. इस बैठक का उद्देश्‍य दोनों योजनाओं की प्रगति और क्रियान्‍वयन कर्ता संस्‍थानों से योजना के विभिन्‍न पहलुओं पर फीडबैक प्राप्‍त करना था. इस बैठक की अध्‍यक्षता राष्‍ट्रीय आवास बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.वी. वर्मा ने की और उनके साथ संयुक्‍त सचिव (आ.) आवास एवं शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय, निदेशक (आईएफ), एमओएफ तथा हडको के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एवं रा.आ. बैंक के वरिष्‍ठ अधिकारीगणों तथा हडको के अधिकारीगणों ने विभिन्‍न सत्रों की अध्‍यक्षता की.

इस समीक्षा बैठक में राज्‍य की नोडल एजेंसियां, राज्‍यस्‍तरीय बैंक समितियों, केन्‍द्रीय एवं राज्‍य सरकारों की संस्‍थाओं, बैकों एवं आवास वित्त संस्‍थान के प्रतिभागियों ने भागीदारी निभाई.

(बाएं से) रा.आ. बैंक के का.नि. श्री अर्नव रॉय, आवास एवं शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव (आ) श्री एस.के. सिंह; बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.वी.वर्मा; हडको के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री वी.पी. बालीगर, तथा डीएफएस, वि.म. के निदेशक श्री तरसेमचंद्र.

 
 
 
रा.आ. बैंक को राजभाष गृह पत्रिका सम्‍मान
 

भारतीय रिजर्व बैंक के उपगवर्नर श्री के.सी. चक्रवर्ती की उपस्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ.डी. सुब्‍बाराव राष्‍ट्रीय आवास बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.वी.वर्मा को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आयोजित राजभाषा पुरस्‍कार समारोह में पुरस्‍कार प्रदान करते हुए.

 
 
 
निम्‍न आय आवास पर ग्राहकों की अर्न्‍तदृष्टि पर राष्‍ट्रीय आवास बैंक- मानीटर इंडिया बैठक
 

राष्‍ट्रीय आवास बैंक तथा मोनीटर के सहयोग से आयोजित ''निम्‍न आय आवास पर ग्राहकों की अंर्तदृष्टि'' पर बैठक को संबोधित करते हुए रा.आ.बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.वी. वर्मा इसके साथ ही मंच पर मोनीटर इंडिया के श्री आशीष कर्मचंदानी;  रा.आ. बैंक के महाप्रबंधक श्री वी.के. बादामी तथा विश्‍व बैंक के प्रतिनिधि श्री माइकेल मारकल उपस्थित हैं.

 
 
 
इंडोनेशिया गणतंत्र के आवास मंत्री एच.ई. सुहारसो मोनोरफा तथा प्रतिनिधियों ने राष्‍ट्रीय आवास बैंक नई दिल्‍ली का दौरा किया
 

दिनांक 25 अप्रैल, 2011 को राष्‍ट्रीय आवास बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.वी. वर्मा बैंक के मुख्‍यालय में इंडोनेशिया गणतंत्र के आवास मंत्री श्री एच.ई. सुहारसो मोनोरफा तथा प्रतिनिधियों का स्‍वागत करते हुए

 
 
 
रा.आ. बैंक द्वारा ग्रामीण आवास वित्त हेतु वित्तीय समावेशन पुरस्‍कार प्रदत्त
 

ग्रामीण आवास हेतु राष्‍ट्रीय आवास बैंक को वित्तीय समावेशन 2011 हेतु स्‍कोच(SKOCH) पुरस्‍कार दिया गया राष्‍ट्रीय आवास बैंक की दो योजनाएं अर्थात् स्‍वर्ण जंयती ग्रामीण आवास वित्तीय योजना एक बाजार आधारित स्‍कीम तथा ग्रामीण आवास निधि समाज के कमजोर वर्ग के लिए एक अनुदान सहायता योजना ने देश में ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण आवास ऋण के दायरे को विस्‍तृत बनाया और जिसके परिणाम स्‍वरूप ग्रामीण क्षेत्र में आवास ऋण उपलब्‍धता की सांस्‍थानिक गहनता को बेहतर बनाया.

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार समिति के अध्‍यक्ष डॉ.सी. रंगराजन की उपस्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक के उप गर्वनर डॉ के.सी. चक्रवर्ती के द्वारा रा.आ. बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.वी. वर्मा ने पुरस्‍कार ग्रहण किया, उनके साथ उनकी टीम के अतिरिक्‍त अन्‍य माननीय अतिथिगण उपस्थित थे. यह कार्यक्रम 5 जनवरी, 2011 को नई दिल्‍ली में वित्तीय समावेशन दिवस समारोह को आयोजित किया गया था.

 
 
 
ऊर्जा क्षम आवास को बढा़वा देने हेतु केएफडब्लू्, जर्मनी के साथ रा.आ. बैंक का समझौता ज्ञापन
 

रा.आ. बैंक (एनएचबी) ने भारत में ऊर्जा क्षम आवास को बढा़वा देने हेतु केएफडब्‍लू, जर्मनी (जर्मनी का विकास बैंक) के साथ एक समझौते को हस्‍ताक्षरित किया. यह समझौता दिनांक 31 दिसंबर, 2010 को दो एजेंसियों के बीच हस्‍ताक्षरित किया गया, जिसके तहत राष्‍ट्रीय आवास बैंक 50 मिलियन यूरो की राशि ऋण के रूप में लेगा, जिसमें 12 मिलियन यूरो डालर आईडीए विंडो के तहत छूट युक्‍त तथा शेष 38 मिलियन यूरो डालर सामान्‍य विंडो के तहत संघटित होगा.

 
 
 
अहमदाबाद में रिवर्स मार्टगेज ऋण परामर्श केन्द्रे का 23 दिसम्बेर, 2010 को उदघाटन
 

राष्ट्री य आवास बैंक ने हेल्पेसज इंडिया के सहयोग से अहमदाबाद में पहला रिवर्स मार्टगेज ऋण परामर्श केन्द्र् का आज उदघाटन किया. यह हेल्पेसज इंडिया तथा अन्य उद्योग भागीदारों के सहयोग से रा.आ.बैंक द्वारा स्थाजपित 8वां रिवर्स मार्टगेज ऋण परामर्श केन्द्र है.

रा.आ.बैंक ने देश में वरिष्‍ठ नागरिकों की वित्‍तीय जरूरतों को पूरा करने के लिये रिवर्स मार्टगेज ऋण योजना तैयार की और लागू किया. रिवर्स मार्टगेज ऋण सामर्थ्‍यकारी वार्षिकी योजना के तहत वरिष्‍ठ नागरिकों को आजीवन आवधिक भुगतान किया जाता है. रा.आ.बैंक को उपलब्‍ध कराई सूचना के अनुसार, रिवर्स मार्टगेज ऋण योजना के तहत कुल 7436 खातों में 1507 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की जा चुकी है और नई रिवर्स मार्टगेज ऋण सामर्थ्‍यकारी वार्षिकी योजना के तहत कुल 60 खातों में 22 करोड़ रुपये की संस्‍वीकृति दी गई है.

रिवर्स मार्टगेज ऋण परामर्श केन्‍द्र का शुभारंभ करने पर, रा.आ.बैंक ने अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोशिएशन में वरिष्‍ठ नागरिकों के लिये आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया.  इस संगोष्ठी का उदघाटन श्रीमती जयश्री व्‍यास, प्रबंध निदेशक, सेवा बैंक और प्रो0 एरॉल डी'सूजा, आईआईएम-अहमदाबाद द्वारा किया गया. इस संगोष्ठी में उपस्थित अन्‍य विशिष्‍ट गण थे – श्री वी.सी. वर्मा, निदेशक, सामाजिक न्‍याय मंत्रालय, गुजरात सरकार, श्री पी.आर. जयशंकर, सहायक महाप्रबंधक, रा.आ.बैंक, श्री जे.के. खांत, सहायक महाप्रबंधक-प्रतिनिधि कार्यालय, अहमदाबाद, रा.आ. बैंक और श्री हरविन्‍दर बक्‍शी, राष्‍ट्रीय निदेशक, हेल्‍पेज इंडिया.

रिवर्स मार्टगेज ऋण योजना की नोडल एजेंसी होने के कारण, रा.आ.बैंक योजना के प्रसार हेतु और वरिष्‍ठ नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिये सुविधा प्रदान करने की महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इस प्रयोजनार्थ रा.आ.बैंक ने बैंगलूरू, चेन्‍नै, चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता और नई दिल्‍ली (2 केन्‍द्र) में सहयोग करके सात रिवर्स मार्टगेज ऋण परामर्श केन्‍द्रों की स्‍थापना की है. बैंक अन्‍य दूरवर्ती क्षेत्रों में भी विस्‍तार के लिये कार्रवाई कर रहा है. इसके अतिरिक्‍त, रा.आ. बैंक क्षमता निर्माण के लिये ऋण दाता संस्‍थानों के कार्यपालकों के लिये और वरिष्‍ठ नागरिकों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये नियमित आधार पर संगोष्ठियों/सम्‍मेलनों का आयोजन करता है.

 
 
 
रा.आ. बैंक के पुरस्‍कार विजेता निबंधों का विमोचन
 

4 अक्‍तूबर, 2010 को आवास एवं शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय एवं पर्यटन मंत्रालय की मंत्री महोदया एवं अधिकारीगणों की उपस्थिति में वर्ष 2010 के विश्‍व पर्यावास समारोह के अवसर पर रा.आ. बैंक के प्रकाशन  (पुरस्‍कार विजेता निबंधो) का विमोचन किया गया.

विश्‍व पर्यावास 2010 के अवसर पर आवास एवं शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय की माननीया मंत्री महोदया कु० शैलजा के साथ उसी मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव श्री एस.के. सिंह, रा.आ.बैंक के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री आर.वी. वर्मा, आवास एवं शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय की सचिव श्रीमती किरन डींगरा तथा उसी मंत्रालय के अतिरिक्‍त सचिव श्री डॉ.पी.के मेहंती, रा.आ.बैंक के प्रकाशन (पुरस्‍कार विजेता निबंध समूह) का विमोचन करते हुए.

 
 
 
दिनांक 08 जून 2011 को भारत सरकार और राष्‍ट्रीय आवास बैंक (रा.आ.बैंक) द्वारा संयुक्‍त रुप से सभी राज्‍यों से आयोजक बैंकों की राज्‍य स्‍तरीय बैंकर समिति (एसएलबीसी) की बैठक का आयोजन
 
शहरी गरीबों के आवास हेतु ब्यााज सब्सिडी योजना (इशप) के तहत हुई प्रगति की समीक्षा के लिए दिनांक 08 जून, 2011 को शहरी गरीबी उपशमन एवं आवास मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्री य आवास बैंक (रा.आ.बैंक) के साथ संयुक्तर रुप से सभी राज्योंन से आयोजक बैंकों की राज्यि स्त रीय बैंकर समिति (एसएलबीसी) की बैठक का आयोजन किया । शहरी गरीबी उपशमन एवं आवास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्तै सचिव, श्री एस.के.सिंह सहभागियों को संबोधित कर रहे हैं। मंच पर राष्रीर सय आवास बैंक के अध्यवक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री आर.वी.वर्मा और राष्ट्री य आवास बैंक के महा प्रबंधक, श्री वी.के.बदामी उपस्थित हैं। विचार-विमर्श का निष्कहर्ष योजना के तीव्रतम कार्यान्वबयन के लिए कार्यान्व यन करने वाले बैंकों के बीच विभिन्नि परिचालनात्माक मामलों पर बेहतर समझ के रुप में दृष्टिगोचर हुआ।
   
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